Хушо ёрӣ ки ёри мбтлоиист

خوشا یاری که یار مبتلاییست

зи хӯни гармӣ дар ӯ буии вФоиист

ز خون گرمی در او بوی وفاییست

Чароғи афрӯзи шом дард мандӣаст

چراغ افروز شام درد مندیست

На базми орой рӯз сарбаландӣаст

نه بزم آرای روز سربلندیست

Чу шамъ аз ҳади гузашташи сӯзу зорӣ

چو شمع از حد گذشتش سوز و زاری

Ҷигари мисўхтш анбар биорӣ

جگر میسوختش عنبر بیاری

Чу зулфи дилбарон анбар барошуфт

چو زلف دلبران عنبر برآشفت

Бадв аз таййиби анфоси ин сухан гуфт

بدو از طیب انفاس این سخن گفت

Ки эй камтари ғуломи ҳиндӯяти ман

که ای کمتر غلام هندویت من

Саводи чашм аз рӯй ту равшан

سواد چشم از روی تو روشن

Дилу ҷонам на танҳо бастаи тест

دل و جانم نه تنها بسته تست

Ки ҳаст ва нестам вобастаи тест

که هست و نیستم وابسته تست

Агар нурати далел ман нагаштӣ

اگر نورت دلیل من نگشتی

Чароғи кори ман равшан нагаштӣ

چراغ کار من روشن نگشتی

зи хӯни гармӣ ки байнам ҳар дам аз ту

ز خون گرمی که بینم هر دم از تو

Сияҳ рӯ бошам ар баргардам аз ту

سیه رو باشم ار برگردم از تو

Агар дар оташами сӯзии дилу тан

اگر در آتشم سوزی دل و تن

Ҳамаи буии муҳаббати хезад аз ман

همه بوی محبت خیزد از من

Туро аз доғи дилгар рух барафрӯхт

ترا از داغ دل گر رخ برافروخت

Маро аз оташи доғати ҷигари сӯхт

مرا از آتش داغت جگر سوخت

Агар дории ту оташ дар рагу пӯст

اگر داری تو آتش در رگ و پوست

Марои ҳам раг бҷон мегирӣ аидўст

مرا هم رگ بجان میگیری ایدوست

Миннати як ҳиндӯии хдмтгзорм

منت یک هندوی خدمتگذارم

Ки ҷон дар оташ аз баҳр ту дорам

که جان در آتش از بهر تو دارم

Миннати прўрдм эй ҳури биҳиштӣ

منت پروردم ای حور بهشتی

Ки дории тинати анбари сириштӣ

که داری طینت عنبر سرشتی

Мсўз аз ғам кигар ман боядам сӯхт

مسوز از غم که گر من بایدم سوخت

Чу гул хоҳам рахт аз шодӣ афрӯхт

چو گل خواهم رخت از شادی افروخت

Гарм бояд бар оташ шуд бёдт

گرم باید بر آتش شد بیادت

Бисӯзам то бадасти орми муродат

بسوزم تا بدست آرم مرادت

зи ман беҳтари надории чораи ҷӯӣ

ز من بهتر نداری چاره جویی

Ки дорам аз фусуну саҳари бӯе

که دارم از فسون و سحر بویی

Буд саҳару фусуни пайвастаи корам

بود سحر و فسون پیوسته کارم

зи гови сомрӣ мирос дорам

ز گاو سامری میراث دارم

Чунон пай бардаам афсунгарӣ ро

چنان پی برده ام افسونگری را

Ки одам дар хати фармони парӣ ро

که آدم در خط فرمان پری را

Чу дар тъзиди печами ҳамчуи солик

چو در تعزید پیچم همچو سالک

Шавад бар вифқи мақсӯдами млоик

شود بر وفق مقصودم ملایک

Бар оташгар нуҳуми бӯеи паии роз

بر آتش گر نهم بویی پی راز

зи сар ғайб гӯям қиссаҳо боз

ز سر غیب گویم قصه ها باز

Ббўии ман парии сӯй ман ояд

ببوی من پری سوی من آید

Якояки қиссаи ғайбами намояд

یکایک قصه غیبم نماید

Кунун он ғоибат каз дида давраст

کنون آن غایبت کز دیده دورست

Дилат аз ғайбат ӯ бе ҳузураст

دلت از غیبت او بی حضورست

Баном ӯ нуҳуми бӯе бар оташ

بنام او نهم بویی بر آتش

Ба байнам чист ҳоли он балокаш

به بینم چیست حال آن بلاکش

Агар чаҳ ма буд бар авҷи гардун

اگر چه مه بود بر اوج گردون

Вагар зери замин чун ганҷи қорун

وگر زیر زمین چون گنج قارون

Вагар чун зар буд дар санги хоро

وگر چون زر بود در سنگ خارا

Кунам баҳри тўош аз санги пайдо

کنم بهر تواش از سنگ پیدا

Ба байнами ҳолати сабру сукӯнаш

به بینم حالت صبر و سکونش

Бигӯям як бики ҳоли дарвеш

بگویم یک بیک حال درویش