Ҳарки бар минҳоҷи азмии рой мақсад ме кунад
هرکه بر منهاج عزمی رای مقصد میکند
Азми даргоҳи алоиддин Муҳамад ме кунад
عزم درگاه علاءالدین محمد میکند
Онкӣ дар ҳиҷо ба мори мқръаҳ бо хасми малик
آنکه در هیجا به مار مقرعه با خصم ملک
Кори рмҳи хаттӣу теғ ммҳд ме кунад
کار رمح خطی و تیغ ممهد میکند
Номи маймунаш ки бар чеҳри қамари манқӯши бод
نام میمونش که بر چهر قمر منقوش باد
Маликро фармонпазир шаръ Аҳмад ме кунад
ملک را فرمانپذیر شرع احمد میکند
Дар насаб қисрнжод омад скндрўор аз он
در نسب قیصرنژاد آمد سکندروار از آن
Бар раҳи иأҷўҷи фитнаи ханҷараш сад ме кунад
بر ره یأجوج فتنه خنجرش سد میکند
Аз макорими болҳои ваъдаи берун май пурд
از مکارم بالهای وعده بیرون میپرد
Дар мамолики рахнаҳои фитна мнсд ме кунад
در ممالک رخنههای فتنه منسّد میکند
Дар ҳарими даст ӯ калаки хатовар солу моҳ
در حریم دست او کلک خطآور سال و ماه
Ъшқбозиҳо ки бо шамшер амрад ме кунад
عشقبازیها که با شمشیر امرد میکند
Лутфи табъаш дар баёни анмўзҷи ҷон май наад
لطف طبعش در بیان انموذج جان مینهد
Ҳазароташ дар зафари хосият ҳад ме кунад
حذراتش در ظفر خاصیت حد میکند
Наҳиммат бе мислии ӯ ҳар нафас дар кӯй ва ҳам
نهمت بیمثلی او هر نفس در کوی و هم
Ақли муъминро дар ӯ сад бор муртад ме кунад
عقل مؤمن را در او صد بار مرتد میکند
Хок бо аъсори коми ту ба бозори ривоҷ
خاک با اعصار کام تو به بازار رواج
эй басо , тинро ки бар номӯс ъсҷд ме кунад
ای بسا، طین را که بر ناموس عسجد میکند
Боғбони фатҳ чун машшотагон аз хӯни хасм
باغبان فتح چون مشاطگان از خون خصم
Чеҳраи нилӯфари теғаш маврид ме кунад
چهره نیلوفر تیغش مورد میکند
Моҳ агар ҳамли силаҳашро намебандад натоқ
ماه اگر حمل سلاحش را نمیبندد نطاق
Хур чаро доғи сияҳи фомаш мзрд ме кунад
خور چرا داغ سیه فامش مزرد میکند
Бо насими халқ ӯ дар боғи сад соҳиби қабул
با نسیم خلق او در باغ صد صاحب قبول
Сҳбдми гулшан раҳ оварад сабо , рад ме кунад
صحبدم گلشن ره آورد صبا، رد میکند
Абр , дар гирдоби хуш аз ғусса қаҳраш нишаст
ابر، در گرداب خوش از غصه قهرش نشست
Котши саркаш бар ӯ , бедод беҳад ме кунад
کآتش سرکش بر او، بیداد بیحد میکند
Дар баёни он чирагӣ дорад , ки чун калаки ҳаким
در بیان آن چیرگی دارد، که چون کلک حکیم
Сӯрати маъқӯли маҳсус мшоҳд ме кунад
صورت معقول محسوس مشاهد میکند
Аз нассоби лафзи ту ҳар шаб фалак ёбад закот
از نصاب لفظ تو هر شب فلک یابد زکات
Зон ба марвориди трсиъ забарҷад ме кунад
زان به مروارید ترصیع زبرجد میکند
Ҷавҳари қобил чу аз иқбол ӯ ташриф ёфт
جوهر قابل چو از اقبال او تشریف یافت
Ҷилваи ҳрдм дар зибри пӯш муҷаддад ме кунад
جلوه هردم در زبر پوش مجدد میکند
Чун ба теғ ӯ расад , бикри зафар , билқиси вор
چون به تیغ او رسد، بکر ظفر، بلقیسوار
Кашфи соқ аз соҳили срҳ ммрд ме кунад
کشف ساق از ساحل صرح ممرد میکند
Бар дар ӯ рӯҳи рустам май пазади савдо , аз он
بر در او روح رستم میپزد سودا، از آن
То сипари дории сарҳангон муфрад ме кунад
تا سپر داری سرهنگان مفرد میکند
зи оби теғ ӯ ҳашар кардааст бод суст кӯш
ز آب تیغ او حشر کرده است باد سستکوش
Дар дғози он шери роятро мؤбд ме кунад
در دغاز آن شیر رایت را مؤبد میکند
эй зи фару қадар ҷое , космонти пойгоҳ
ای ز فر و قدر جایی، کآسمانت پایگاه
Бо ҳазорон шармсорӣ , фарқ фарқад ме кунад
با هزاران شرمساری، فرق فرقد میکند
Адли ту , чун сару пирои табиати солу моҳ
عدل تو، چون سر و پیرای طبیعت سال و ماه
Хуфтаи конро май тароз то сеӣ қад ме кунад
خفته کان را می طراز تا سهیقد میکند
Зу ба аҳд чун туе абри мؤбди лофи ҷӯад
زو به عهد چون تویی ابر مؤبد لاف جود
Барқи шамшери таассуб , зон муҷаррад ме кунад
برق شمشیر تعصب، زان مجرد میکند
Боди ҳам , дар азми сади пои банд хасм туаст
باد هم، در عزم سدّ پای بند خصم توست
Каз ҳубоби оби сад занҷир маврид ме кунад
کز حباب آب صد زنجیر مورّد میکند
Дар баҳорони халқу хилқати арз лашкар ме диҳад
در بهاران خلق و خلقت عرض لشکر میدهد
Роди сарв , онҷо ба қомати кор мтрд ме кунад
راد سرو، آنجا به قامت کار مطرد میکند
То бимолад дар қадамгоҳи ту аънии осмон
تا بمالد در قدمگاه تو اعنی آسمان
Моҳи нави қад , хам ба хами сар то қадам хад ме кунад
ماه نو قد، خم به خم سر تا قدم خد میکند
Гунбади пари дидаро , адлат ба майли субҳдам
گنبد پر دیده را، عدلت به میل صبحدم
Тўтёии хоб дар ҷФн мшдд ме кунад
توتیای خواب در جفن مشدد میکند
Аҳди маймуни ту , уқало , давр давраст аз фано
عهد میمون تو، عقلا، دور دور است از فنا
Зон ки адлат бо бақои аҳдӣ мؤкд ме кунад
زان که عدلت با بقا عهدی مؤکد میکند
Шод бош эй онкӣ иқболат натоқ моҳ ро
شاد باش ای آنکه اقبالت نطاق ماه را
Ҳамдами тораки миёни моҳ аъбд ме кунад
همدم تارک میان ماه اعبد میکند
ҶФни инсофи ту теғи фитнаи бедод ро
جفن انصاف تو تیغ فتنه بیداد را
Чун ҳдқро , ҷФн хоб олуд мъҳд ме кунад
چون حدق را، جفن خوابآلود معهد میکند
Боди исо дар дамам , байн , оби ҳайвон дар қалам
باد عیسی در دمم، بین، آب حیوان در قلم
Ин ҳаме бахшад ҳаёт ва он мухиллад ме кунад
این همیبخشد حیات و آن مخلد میکند
Кллки сӯрати сози ман анбози нафас нотиқа аст
کللک صورت ساز من انباز نفس ناطقه است
Ончунон каз як сухани панҷа муҷаллад ме кунад
آنچنان کز یک سخن پنجه مجلد میکند
Хасми афъӣ сор донад кин гуҳар дар силки назм
خصم افعی سار داند کاین گهر در سلک نظم
Гарчи ёқӯтаст таъсир зумуррад ме кунад
گرچه یاقوت است تأثیر زمرد میکند
Зикри боқиро , ҳакямони умри сармад хонда анд
ذکر باقی را، حکیمان عمر سرمد خواندهاند
Венаи сухан умрӣаст ки зикри ту сармад ме кунад
وین سخن عمری است که ذکر تو سرمد میکند
То ба истисноӣ алолаҳ равад аз лои илоҳ
تا به استثنای الاله رود از لا اله
Ҳар замони ков , ифтитоҳи лафз ашҳад ме кунад
هر زمان کاو، افتتاح لفظ اشهد میکند
Доим он хоҳам , ки ҳар шаби зангии аълои ту
دایم آن خواهم، که هر شب زنگی اعلای تو
Теғи ту лухтӣ , фарози хоб Машҳад ме кунад
تیغ تو لختی، فراز خواب مشهد میکند
Гӯи ҳамаи хуршеди ҷои марқади ъзи ту бод
گو همه خورشید جای مرقد عز تو باد
То гули соҳиби ҷамол аз ғунча марқад ме кунад
تا گل صاحبجمال از غنچه مرقد میکند