Зиҳии ту рӯҳ ба хӯбӣ ва дигарон ҳамаи қолаб
زهی تو روح به خوبی و دیگران همه قالب
Бисоти ҳасани ту бӯсад чу бар кушоди бақо , лаб
بساط حسن تو بوسد چو بر گشاد بقا، لب
Радои нур сияҳ кард моҳи сабзи ъамома
ردای نور سیه کرد ماه سبز عمامه
Чу пеши оризи хуршеди дркшии ттқи шаб
چو پیش عارض خورشید درکشی تتق شب
Ҳазор дида ба раҳ бар ниҳодаанд ба миҷмар
هزار دیده به ره بر نهادهاند به مجمر
зи саҳни гулшани минои муқаддасони муқарраб
ز صحن گلشن مینا مقدسان مقرب
Ки то ба тӯҳфа кӣ оради насими боди саҳаргаҳ
که تا به تحفه کی آرد نسیم باد سحرگه
Ба ҷон харид бихӯрӣ аз он ду зулфи мтиб
به جان خرید بخوری از آن دو زلف مطیب
Агар ба моҳи фалаки моя Эй диҳад рахт аз шарм
اگر به ماه فلک مایهای دهد رخت از شرم
Маи Муқаннаъи сар бар наёрад аз чаҳ Нахшаб
مه مقنع سر بر نیارد از چه نخشب
Ҳазор ҷон азизасту бӯсае зи ту аҳсант
هزار جان عزیز است و بوسهای ز تو احسنت
Ман алзии ҳўи итлби ман алзии ҳўи ирғб
من الذی هو یطلب من الذی هو یرغب
Нишони сабза падедор кард чашма навишт
نشان سبزه پدیدار کرد چشمه نوشت
Ки ақл роҳ надонад ҳаме ба ҷониби машраб
که عقل راه نداند همی به جانب مشرب
Марои азимат рафтани дуруст кӣ шавад аз рай
مرا عزیمت رفتن درست کی شود از ری
Ки ҳечгуна наёяд буруни маи ту , зи ақраб
که هیچگونه نیاید برون مه تو، ز عقرب
зи ғамзаи ту бар ҷовдони хиттаи Бобул
ز غمزهٔ تو بر جاودان خطهٔ بابل
Фасонаи гашти фусунҳои ҷонгдози муҷарраб
فسانه گشت فسونهای جانگداز مجرب
Таносубаст ба зулфи ту қомати шуъаро ро
تناسب است به زلف تو قامت شعرا را
Ки бори миннати махдумашон ҳаме кунад аҳдб
که بار منت مخدومشان همی کند احدب
Тарози кишвари дониши нигини хотами родӣ
طراز کشور دانش نگین خاتم رادی
Сафии давлату дайни акрами алъроқи муҳаззаб
صفی دولت و دین اکرم العراق مهذب
Касе ки сояи аъдоӣ ӯ ба қатли худованд
کسی که سایهٔ اعدای او به قتل خداوند
Чу офтоб синон мекашад ба дидаи аҳдб
چو آفتاب سنان میکشد به دیدهٔ اهدب
Сипеҳри тунди рикобат агар рикоб бабўсад
سپهر تند رکابت اگر رکاب ببوسد
Ба тозӣона даврон кунад қазоаши мؤдб
به تازیانهٔ دوران کند قضاش مؤدب
Рикоби дори қадари доғ дар ниҳод ба оташ
رکابدار قدر داغ در نهاد به آتش
Ки бўолФтўҳ кунад нақши рони адҳаму ашҳб
که بوالفتوح کند نقش ران ادهم و اشهب
Чу роҳи гунаҳи камолаши супурди пои тафаккур
چو راه گنه کمالش سپرد پای تفکر
Ба санги аҷз дар омад асар надид зи матлаб
به سنگ عجز در آمد اثر ندید ز مطلب
Зиҳӣ барои ту таърихи мушкилоти мФзл
زهی برای تو تاریخ مشکلات مفضل
Зиҳӣ ба ҷӯади ту таълӣфи мкрмоти мбўб
زهی به جود تو تألیف مکرمات مبوب
Ниҳоди ғошия бар дӯши осмони сабки пай
نهاد غاشیه بر دوش آسمان سبکپی
Гуҳӣ ки пой дар оре чу офтоб ба мураккаб
گهی که پای در آری چو آفتاب به مرکب
зи ишқи касби шарафи дасти мътии ту чунон кард
ز عشق کسب شرف دست معطی تو چنان کرد
Ки як қадам наниҳад пои ҳирс дар раҳи мксб
که یک قدم ننهد پای حرص در ره مکسب
Паии китобати он хомаи шаҳоб вааш ту
پی کتابت آن خامهٔ شهابوَشِ تو
Дабири гардуни даракаши гирифтаи таҳтаи мактаб
دبیر گردون درکش گرفته تختهٔ مکتب
Ҳавои мадҳи ту ҳар соъаҳ дар замири суханвар
هوای مدح تو هر ساعه در ضمیر سخنور
Қзон кунанд чу савдои ҳаку нохуни аҷрб
قذان کنند چو سودای حک و ناخن اجرب
Мулаққабаст зи зоти бузургвори ту алқоб
ملقب است ز ذات بزرگوار تو القاب
Ки гуфт инки зи алқоб ном туаст мулаққаб
که گفت اینکه ز القاب نام توست ملقب
Чу хост кард карӣмӣу сарварӣу бузургӣ
چو خواست کرد کریمی و سروری و بزرگی
Агар нагаштӣ дасту дили ту млҷоءу мҳрб
اگر نگشتی دست و دل تو ملجاء و مهرب
Чу ту Карим на бинад , дигар замонаи сифла
چو تو کریم نه بیند، دگر زمانه سفله
Чу ту ягона наёрад , дигар ҷаҳони мураккаб
چو تو یگانه نیارد، دگر جهان مرکب
зи поси адли ту , шерони шарзаи вақти ғнўдн
ز پاس عدل تو، شیران شرزه وقت غنودن
Кушодаи чашм ба хоби андаруни раванд чу , арнб
گشاده چشم به خواب اندرون روند چو، ارنب
Ҳар он тзрў ки дар марғзори адли ту пурд
هر آن تذرو که در مرغزار عدل تو پرّد
Гирифт насар фалакро гуҳи шикор ба мхлб
گرفت نسر فلک را گه شکار به مخلب
Бзргўоро ҳар чат хитоб кард баёнам
بزرگوارا هر چت خطاب کرد بیانم
Яқини шинохт казон поя , бартараст мухотаб
یقین شناخت کزان پایه، برتر است مخاطب
Ба дафъи оризаи ту шигифт нест ки исо
به دفع عارضهٔ تو شگفت نیست که عیسی
Агар фурӯи ҷаҳд аз сақфи ин равоқи мқбқб
اگر فرو جهد از سقف این رواق مقبقب
Шифо , ду асба ҳаме тозад аз ҳдиқаҳи тақдир
شفا، دو اسبه همی تازد از حدیقهٔ تقدیر
Қариб дар расад инаст дар гумони ман ағлаб
قریب در رسد این است در گمان من اغلب
Ту моҳи чархи ҷалолӣ , туро чаҳ муфсидат аз меғ
تو ماه چرخ جلالی، تو را چه مفسدت از میغ
Ту шери бешаи мулкӣ , туро чаҳ мнқст аз таб
تو شیر بیشهٔ مُلکی، تو را چه منقصت از تب
Тиллои риёзат хоиск диду заҳмати санадон
طلا ریاضت خایسک دید و زحمت سندان
Аз он сҳоиФи мусҳаф аз ӯ кунанд мазҳаб
از آن صحایف مصحف از او کنند مذهب
Чигуна бӯса занад бар изору фарқи арӯсон
چگونه بوسه زند بر عذار و فرق عروسان
Гул ар нагардад дар кӯраи гулоби мзўб
گل ار نگردد در کورهٔ گلاب مذوّب
Ба тоҷи шоҳон зон бар ниҳоди тахти ҷалолат
به تاج شاهان زان بر نهاد تخت جلالت
Ки лаъл дар туф хуршед гашта буд муаззаб
که لعل در تف خورشید گشته بود معذب
Расед мавсими хуршед бар ту боди хуҷаста
رسید موسم خورشید بر تو باد خجسته
Бигӯӣ , то ҳамаи асбоб он кунанд мураттаб
بگوی، تا همه اسباب آن کنند مرتب
зи дастаҳои раёҳину бодаҳои мураввиҷ
ز دستههای ریاحین و بادههای مروج
зи мутрибони хуши овозу модҳони муҳаззаб
ز مطربان خوشآواز و مادحان مهذب
Ба бодаи табъи ту рағбат намӯдау фузало ро
به باده طبع تو رغبت نموده و فضلا را
Гуҳии санои ту матлаб , гуҳии дуои ту мрғб
گهی ثنای تو مطلب، گهی دعای تو مرغب
Чу шамъи ҷони ҳасудон ба лаби расидаи зи иззат
چو شمع جان حسودان به لب رسیده ز عزت
Ту бар ниҳода ба лаб , субҳи вори ҷоми лаболаб
تو بر نهاده به لب، صبحوار جام لبالب
Ба ҳарчӣ рой кунӣ инқиёд карда туро чарх
به هرچه رای کنی انقیاد کرده تو را چرخ
Ба ҳарчӣ рӯй кунӣ корсоз бӯда туро , раб
به هرچه روی کنی کارساز بوده تو را، ربّ