Аё шаҳӣ ки чу ту кас надид ва кас нашунӯд

ایا شهی‌ که چو تو کس ندید و کس نشنود

Чу ту набошад дар олам ва на ҳаст ва на буд

چو تو نباشد در عالم و نه هست و نه بود

Кадоми шоҳи туро дид дар миёнаи садр

کدام شاه تو را دید در میانهٔ صدر

Ки бар бисоти ту бӯсаи надод ва чеҳра насуд

که بر بساط تو بوسه نداد و چهره نسود

Ҳар онкӣ тофт бар ӯ офтоби давлати ту

هر آنکه تافت بر او آفتاب دولت تو

Ба зери сояи иқболи ту фурӯ осуд

به زیر سایهٔ اقبال تو فرو آسود

Туе ки теғи ту он гавҳар ситора намой

تویی که تیغ تو آن گوهر ستاره‌نمای

Ҳазор рӯз ба бадхоҳи ту ситора намӯд

هزار روز به بدخواه تو ستاره نمود

Туе ки дидаи зи чашми адуи буруни оре

تویی که دیده ز چشم عدو برون آری

Ба нӯки найзаи санадони гудози заҳролӯд

به نوک نیزهٔ سندان گداز زهرآلود

Миёни ханҷари ту оташӣаст кони оташ

میان خنجر تو آتشی است کان آتش

Ҳамеи задудаи аъдои ту براردи дӯд

همی زدودهٔ اعدای تو برآرد دود

Тани ҳасуди туро бод дар рабӯд чу коҳ

تن حسود تو را باد در ربود چو کاه

зи бас ки бар сари худ бодро ҳамеи паймӯд

ز بس که بر سر خود باد را همی پیمود

Хдоигонои бахшоиши ор бар тани ман

خدایگانا بخشایش آر بر تن من

Аз онкии рои ту бар сад ҳазор тани бхшўд

از آنکه رای تو بر صد هزار تن بخشود

Чу зери хок ниҳон шуд халили ҳазрати ту

چو زیر خاک نهان شد خلیل حضرت تو

Миёни ҷон ман афрӯхт оташи намруд

میان جان من افروخت آتش نمرود

зи дарди онкии бполўди зери хоки таниш

ز درد آنکه بپالود زیر خاک تنش

Дилам чу хӯн шуд ва аз дидагон фурӯ полуд

دلم چو خون شد و از دیدگان فرو پالود

Расед навбати сармоу фасл гармо рафт

رسید نوبت سرما و فصل‌گرما رفت

Бкости сабри ману сардии ҳавои бФзўд

بکاست صبر من و سردی هوا بفزود

Ғунуд дидаи булбули зи боди шаҳривар

غنود دیدهٔ بلبل ز باد شهریور

зи шаҳриёр чаро чашми ман шабӣ нағунуд ?

ز شهریار چرا چشم من شبی نغنود؟

Рабӯди ҳасрату тимори зоғи боди хазон

ربود حسرت و تیمار زاغ باد خزان

Насими ҷӯади ту тимори ман чаро нарабӯд ?

نسیم جود تو تیمار من چرا نربود؟

Дурудаи гашти замини ҳркҷоу ҳиммати ту

دروده‌ گشت زمین هرکجا و همت تو

Ниҳоли ҳасрат ва беморем чаро надуруд ?

نهال حسرت و بیماریم چرا ندرود؟

Задудаи ранги дарахтони сипеҳри оинаи гаван

زدوده رنگ درختان سپهر آینه‌ گون

Камоли адли ту занги дилам чаро назадуд ?

کمال عدل تو زنگ دلم چرا نزدود؟

Ғариби шаҳр туам бишинав аз ман ин қисса

غریب شهر توام بشنو از من این قصه

Ки Мустафо ба карами қиссаи ғариби шунӯд

که مصطفی به‌کرم قصهٔ غریب شنود

Рӯм ки гар нарӯм бошам андарин ҳафта

روم که گر نروم باشم اندرین هفته

Ба хӯни ҷумлаи хуишони хештани мохўз

به خون جملهٔ خویشان خویشتن ماخوذ

Ризои модару хушнӯдӣ падар ҷӯям

رضای مادر و خشنودی پدر جویم

Ки дрктоби худ эзади маро чунин фармуд

که درکتاب خود ایزد مرا چنین فرمود

Агар базӯдӣ ёбам зи шоҳи дастурӣ

اگر بزودی یابم ز شاه دستوری

Шаванд ҷумлаи зи ман модару падари хушнӯд

شوند جمله ز من مادر و پدر خشنود

Нигоҳи дори шҳо ҳақи хизмати падарам

نگاه دار شها حق خدمت پدرم

Ки аз камоли иродати туро ба ҷони бстўд

که از کمال ارادت تو را به جان بستود

Ба ҳақи хизмати бурҳонӣу иродат ӯ

به حق خدمت برهانی و ارادت او

Ки шуғли бандаи бад-ӣни ҳафтаи бргзории зуд

که شغل بنده بدین هفته برگذاری زود

Ҳамеша то ки буд ахтарии ҷаҳони Фрсо

همیشه تا که بود اختری جهان‌فرسا

Ҳамеша то ки буд сӯратии замини Фрсўд

همیشه تا که بود صورتی زمین فرسود

Мухолифони туро бод бе тарафи ҳамаи ғам

مخالفان تو را باد بی‌طرف همه غم

Мувофиқони туро бод бе зиёни ҳамаи суд

موافقان تو را باد بی‌زیان همه سود