Ҳазор шукр кунам давлати муаййид ро

هزار شکر کنم دولت مؤیّد را

Ки дод боз ба ман дилбари сеӣ қад ро

که داد باز به من دلبر سَهی قد را

Аз оташи дили муштоқ ва аз балои фироқ

از آتش دل مشتاق و از بلای فراق

Фурӯ гузошта будам всоқу марқад ро

فرو گذاشته بودم وُثاق و مرقد را

Чу моҳ рӯй ман омад кунун биҳамдиллоҳ

چو ماه روی من آمد کنون بحمدالله

Ба нури васл бадал карда нори мўқд ро

به نور وصل بَدَل ‌کرده نار مُوقَد را

Бутӣ ки чанбар хуршед кард анбар ва над

بتی که چنبر خورشید کرد عنبر و ند

Ки кард чанбари хуршеди анбар ва над ро

که ‌کرد چنبر خورشید عنبر و نَدْ را

Вагар ба уқдаи раъс андарун гирифт қамар

وگر به عُقْده رأس اندرون گرفت قمر

Мари аи ҳрмн ба ҳимоят гирифт фари қад ро

مر ا‌َهْرمن به حمایت گرفت فَرْ‌قَد را

Вагар ба носити рӯзи шаб мъқд шуд

وگر به ناصیت روز شب مُعَقّد شد

Асири гашти дили ман шаби мъқд ро

اسیر گشت دل من شب مُعَقّد را

Вагар ба соҳат гулзор ёфт мӯрчаи роҳ

وگر به ساحت‌ گلزار یافت مورچه راه

Гирифт мӯрчаи домани гули маврид ро

گرفت مورچه دامن گل مُورّد را

Вагар з машк сиришта навишт дасти ҷамол

وگر ز مشک سرشته نوشت دست جمال

Ба гирди таҳтаи симини ҳуруфи абҷад ро

به‌گرد تختهٔ سیمین حروف ابجد را

Вагар тарози мдиҳ манаст бар дафтар

وگر طراز مدیح من است بر دفتر

Маҳали маҷд ва улувва меҳтари муаййид ро

محلّ مَجْد و عُلوّ مِهتَر مؤیّد را

Камоли давлати олии сари фазойилу ҷӯад

کمال دولت عالی سَرِ فضایل و جود

Абуалрзои фазли аллоҳи Муҳамад ро

ابوالرضا فضل‌اللهِ محمد را

Мақдамӣ ки ҷаҳонӣаст фард аз ҳикмат

مُقَدَّمی که جهانی است فرد از حکمت

Мутӣъ гашта ҷаҳони ин ҷаҳони муфрад ро

مطیع‌ گشته جهان این جهان مفرد را

Мудоми хизмат ӯ суннат мؤкд шуд

مدام خدمت او سنت مؤکد شد

Қазо фирефта шуд суннати мؤкд ро

قضا فریفته شد سُنّت مؤکّد را

зи бўрзости ҷаҳонро ҳамеша нуру наво

ز بُورضاست جهان را همیشه نور و نوا

Чунонкии зинату зеб аз ризост Машҳад ро

چنانکه زینت و زیب از رضاست مَشْهد را

Киро хабар буд аз сади ҷоҳу ҳишмат ӯ

که را خبر بود از سد جاه و حشمت او

Ҳбоу ҳазли шуморади Сикандарии сад ро

هبا و هَزْل شِمارَد سِکندری سد را

Аё ситораи эҳсону офтоби сахо

ایا ستارهٔ احسان و آفتاب سَخا

Ки осмони ту байнами сариру маснад ро

که آسمان تو بینم سریر و مسند را

Ту он касе ки чу маҳди мулӯки Меҳдии вор

تو آن‌کسی که چو مهد ملوک مهدی‌وار

Ҳамеи низоми диҳии олами ммҳд ро

همی نظام دهی عالم مُمَهّد را

Ба дайни поки ту ҷое баланд ёфта Эй

به‌ دین پاک تو جایی بلند یافته‌ای

Ба ҷаду ҷаҳди أб ва ҷад наёфтӣ ҷад ро

به جِدّ و جهد أب و جَدّ نیافتی جد را

Ҳуруфи абҷад агар то абад кунӣ тазъиф

حروف ابجد اگر تا ابد کنی تضعیف

Фузун аз он ба ту фахраст мари أбу ҷад ро

فزون از آن به تو فخرست مر أب و جَدّ را

Ту он касе ки зи ном ту ёфт истеҳқоқ

تو آن کسی که ز نام تو یافت استحقاق

Камоли давлати олии бақои сармад ро

کمال دولت عالی بقای سرمد را

Ба рӯзгори тугар наср Аҳмад ояд боз

به روزگار تو گر نصرِ احمد آید باز

Хаҷал кунанд убайди ту насри Аҳмад ро

خجل ‌کنند عبید تو نصرِ احمد را

Чу аз адам ба вуҷӯд омадӣ , адам кардӣ

چو از عدم به وجود آمدی، عدم کردی

Ба ҷӯади хеши вуҷӯди ниҳояту ҳад ро

به جود خویش وجود نهایت و حد را

Ба зери пои ту хок замин шавад ъсҷд

به زیر پای تو خاک زمین شود عَسْجُد

Аз онкии дасти ту чун хок кард ъсҷд ро

از آنکه دست تو چون خاک‌ کرد عَسجَد را

Куҷо буд шабаҳи хомаи ту чун шаби қадар

کجا بود شَبَه خامهٔ تو چون شب قدر

Чаҳ қадар бошад мари лؤлؤу забарҷад ро

چه قدر باشد مر لؤلؤ و زَبَرجَد را

Чу мади калак ба рӯз ва ба шаб мусалсал кард

چو مَدّ کلک به روز و به شب مسلسل کرد

Замонаи лаъибати ду дида кард он мад ро

زمانه لعبت دو دیده کرد آن مد را

Ба мади калаки ту бар шарқу ғарб муҳтоҷ аст

به مد کلک تو بر شرق و غرب محتاج است

Ҳар он ки ҳаст сазовори кӯсу мтрд ро

هر آن‌ که هست سزاوار کوس و مِطرَد را

Худои хост ба иқболу сарварии мудом

خدای خواست به اقبال و سروری مدام

Ки бар ту вақф кунад сарварӣу сؤдд ро

که بر تو وقف‌ کند سروری و سَؤدد را

Муҷаррадаст дили ту зи ранҷи махлуқот

مجرّدست دل تو ز رنج مخلوقات

Муҷаррабаст сахои он дили муҷаррад ро

مجرّبست سخا آن دل مجرّد را

зи хизмати ту шиносади сдоду сؤдди хеш

ز خدمت تو شناسد سداد و سؤدَد خویش

Ҳар ан касе ки шиносади зи абиз , аи суд ро

هر ان‌کسی‌که شناسد ز ابیض‌، اَ‌سوَد را

Ҳар он ядӣ ки нависад ба мадҳи ту як ҳарф

هر آن یدی‌ که نویسد به مدح تو یک حرف

Даҳон даҳр бабўсад бенон он яд ро

دهان دهر ببوسد بنان آن ید را

Ҳамшаҳи ғошия ӣ бахт он кашад фарқад

همشه غاشیه ی بخت آن‌ کشد فرقد

Ки аз зиёрати бахт ту баркашад қад ро

که از زیارت بخت تو برکشد قد را

Ман он мъзӣ бурҳонем ки нашр кунам

من آن معزّی برهانیم که نشر کنم

Ба фари давлати ту шеърҳои берад ро

به فرّ دولت تو شعرهای بی‌رد را

Ба иҳтимоми ту сол дигар тамом кунам

به اهتمام تو سال دگر تمام کنم

Нигошта ба мдиҳи ту сад муҷаллад ро

نگاشته به مدیح تو صد مُجَلّد را

зи хизмати ту ба ҳаддии расм ки гӯйии ту

ز خدمت تو به حدّی رسم‌ که‌ گویی تو

Аё ғулом биор он амири аўҳд ро

ایا غلام بیار آن امیر اوحَد را

Ба ҳақи он ки туро тарбият худоӣ кунад

به حق آن‌که تو را تربیت خدای‌کند

Ки тарбият кунӣ ин бандаи муаййид ро

که تربیت‌ کنی این بندهٔ مؤیّد را

Ҳамеша то ки буд манбаи бухори баҳор

همیشه تا که بود منبع بُخار بِحار

Чу марказаст асири оташи мсъд ро

چو مرکزست اثیر آتش مُصَعَّد را

Мабод суру сарвар аз сарои ту зоил

مباد سور و سرور از سرای تو زایل

Нишонаи боди сарир ту бирав маврид ро

نشانه باد سریر تو بُرو مورد را

Мусоиди ту саодат , мувофиқи ту фалак

مساعد تو سعادت‌، موافق تو فلک

Замиру рои ту матлӯби фоли асъад ро

ضمیر و رای تو مطلوب فال اسعد را