Дил беқарор дорам аз он зулф бе қарор

دل بی‌قرار دارم از آن زلف بی‌قرار

Сари пар хумор дорам аз он чашми пари хумор

سر پر خمار دارم از آن چشم پر خمار

Донаднигор ман ки чунинаст ҳоли ман

داند نگار من که چنین است حال من

Зон чашми пари хумор ва аз он зулф бе қарор

زان چشم پُر خمار و از آن زلف بی‌قرار

Абраст тираи зулфаш ва сабзааст нави хаташ

ابرست تیره زلفش و سبزه است نو خطش

Хуррами Рахш чу тоза баҳорӣаст ғмгсор

خرّم رخش چو تازه بهاری است غمگسار

Гар гӯямаш ки зулфу хати ту аҷаб шуданд

گر گویمش که زلف و خط تو عجب شدند

Гуяд ки абру сабза аҷаб нест дар баҳор

گوید که ابر و سبزه عجب نیست در بهار

Гӯйӣ муҳандисӣаст хами ҷаъди он санам

گویی مهندسی است خَمِ جَعْدِ آن صنم

Гӯйӣ мшъбдӣаст сари зулфи он нигор

گویی مُشَعبَدی است سرِ زلفِ آن نگار

Каз ғолия кашид яке бар Суҳайли хат

کز غالیه کشید یکی بر سُهیل خط

Вази мӯрчаи ниҳоди яке бар ақиқи тор

وز مورچه نهاد یکی بر عقیق تار

эй гашта арғавони ту шамшодро ватан

ای ‌گشته ارغوان تو شمشاد را وطن

Вай гашта парниёни ту пӯлодро ҳисор

وی‌ گشته پرنیان تو پولاد را حصار

Гӯйии зи баҳри фитна ушшоқ гашта анд

گویی ز بهر فتنهٔ عشاق‌ گشته‌اند

Пӯлоди ту наҳуфтау шамшодати ошкор

پولاد تو نهفته و شمشادت آشکار

Дарӣаст обдори туро зери лолаи барг

دُرّی است آبدار تو را زیر لاله برگ

Мишкӣаст тобдори туро гирди лолаи зор

مشکی است تابدار تو را گرد لاله‌زار

Тобаст дар дили ман ва обаст дар ду чашм

تاب است در دل من و آب است در دو چشم

Зон машки тобдор ва аз он дар обдор

زان مشک تابدار و از آن درّ آبدار

Дар хад туаст равшании моҳи осмон

در خَدّ توست روشنی ماه آسمان

Дар қад туаст ростии сарви ҷӯйбор

در قَدّ توست راستی سرو جویبار

Моҳӣу осмони ту айвон хусраваст

ماهی و آسمان تو ایوان خسروست

Сарвӣу ҷӯйбори ту майдони шаҳриёр

سروی و جویبار تو میدان شهریار

Волои ҷалоли давлату дунёи мъзи дайн

والا جلال دولت و دنیا معزّ دین

Шоҳӣ ки ҳаст Сайиди шоҳони рӯзгор

شاهی که هست سید شاهان روزگار

Шоҳӣ ки ҳаст сират ва кирдорҳои ӯ

شاهی که هست سیرت و کردارهای او

Феҳристи подшоҳӣу қонӯни ифтихор

فهرست پادشاهی و قانون افتخار

Дар бахт ӯ ҳаме нарасад гардиши фалак

در بخت او همی نرسد گردش فلک

Гӯйии фалак пиёда шуду бахт ӯ савор

گویی فلک پیاده شد و بخت او سوار

Садӣаст устувори ҳисомаш ки банди малик

سَدّی است استوار حُسامش که بند ملک

Гаштааст устувор бидон сади устувор

گشته است استوار بدان سدِّ استوار

Гар Яману исри хоҳӣ ӯро бибин ки ҳаст

گر یُمن و یُسر خواهی او را ببین‌ که هست

Ҳам Яман бар яминаш ва ҳам иср бар ясор

هم یُمن بر یمینش و هم یُسر بر یسار

Шоҳии бузургвор ва ситудаст ва ҳамчу ӯст

شاهی بزرگوار و ستودست و همچو اوست

Кирдор ӯ сутӯдау расмаши бузургвор

کردار او ستوده و رسمش بزرگوار

эй ёдгори ҷумлаи шоҳони бостон

ای یادگار جملهٔ شاهان باستان

Ҳаргиз мабод малики ҷаҳон аз ту ёдгор

هرگز مباد ملک جهان از تو یادگار

Шоҳон оламанд ҳамеи ихтиёри даҳр

شاهان عالمند همی اختیار دهر

Воизди зи ихтиёри туро кард ихтиёр

وایزد ز اختیار تو را کرد اختیار

Дидор ҷон физой ту бенор ҳаст нур

دیدار جان‌فزای تو بی‌نار هست نور

Шамшери ҷони гзои ту бенур ҳаст нор

شمشیر جان‌گزای تو بی‌نور هست نار

Дар маҷлиси ту раҳмат хулдаст рӯзи базм

در مجلس تو رحمت خُلدست روز بزم

Бар даргаи ту заҳмат ҳашараст рӯзи бор

بر درگه تو زحمتِ حَشرست روز بار

Аз қудратӣ ки теғи туро дод осмон

از قدرتی‌ که تیغ تو را داد آسمان

Вази қӯтӣ ки дасти туро дод кирдигор

وز قوّتی‌ که دست تو را داد کردگار

Даъвӣ кунанд шиъа ки рӯз набард ҳаст

دعوی کنند شیعه که روز نبرد هست

Дасти ту дасти ҳайдару теғи ту зулфиқор

دست تو دست حیدر و تیغ تو ذوالفقار

эй интизори халқи ҷаҳони сӯии даргаат

ای انتظار خلقِ جهانِ سوی درگهت

Додат худои ончии туро буд интизор

دادت‌ خدای آنچه تو را بود انتظار

Рафтӣ зи дори мамлакати хеши ногаҳон

رفتی ز دار مملکت خویش ناگهان

Боз омадӣ Музаффару пирӯзу комкор

باز آمدی مُظّفر و پیروز و کامکار

Имсоли як ҳазор шимурдем фатҳи ту

امسال یک هزار شمردیم فتح تو

Арҷу ки бшмрим дигар соли даҳ ҳазор

اَرجو که بِشمَریم دگر سال ده هزار

Фардо ҳануз номаду хуррами гузашти дай

فردا هنوز نامد و خرّم‌ گذشت دی

Имрӯз рӯз туаст ба шодии ҳамеи гузор

امروز روز توست به شادی همی گذار

Беҳукм ту мабод сукӯну мадори малик

بی‌حکم تو مباد سکون و مدار ملک

То хокро сукӯн буду чархро мадор

تا خاک را سکون بود و چرخ را مدار