Аз хулд гирифт бӯстони нур

از خلد گرفت بوستان نور

Пероя ва ҷома ёфт аз ҳур

پیرایه و جامه یافت از حور

Ҷомаи зи ҳарир ва ҳала дорад

جامه ز حریر و حُلّه دارد

Сармояи зи лаъл ва дар мансур

سرمایه ز لعل و درّ منثور

Буданд чаҳор маи дарахтон

بودند چهار مه درختان

Монанди мқомрони мқмўр

مانند مقامران مقمور

Имрӯзи нгркаҳ аз таҷаммул

امروز نگرکه از تجمّل

Гӯйии ҳама қайсаранду фағфур

گویی همه قیصر اند و فغفور

То гашта ҳануз табъи гетӣ

تا گشته هنوز طبع‌ گیتی

ТФсидаҳи чунонкии табъи мҳрўр

تَفسیده چنانکه طبع محرور

Абру шаҷар аз паии алоҷаш

ابر و شجر از پی علاجش

Резанд ҳамеи гулобу кофур

ریزند همی گلاب و کافور

То боди баҳори парда бар дошт

تا باد بهار پرده بر داشت

Аз чеҳраи лаъибатони мастур

از چهرهٔ لعبتان مستور

Наргиси зи шароб ишқ шуд маст

نرگس ز شراب عشق شد مست

Бикшод зи хоби чашми махмур

بگشاد ز خواب چشم مخمور

Гар менахурд касе дар ин вақт

گر مَی نخورد کسی در این وقت

Узраш машну ки нест маъзӯр

عذرش مشنو که نیست معذور

Хосса ки ҳаме зананд дастон

خاصه که همی زنند دستان

Қамарӣу тзрў васору зрзўр

قمری و تذرو و سار و زُرزور

Аз сарву чанору беду бодом

از سرو و چنار و بید و بادام

Бар чангу рубоб ва ноӣу танбур

بر چنگ و رباب و نای و تنبور

Андари кафи ошиқони сари маст

اندر کف عاشقان سر مست

Аз шодӣу ҳоли дӯсти маншур

از شادی و حال دوست منشور

Вондри кафи меҳтари хуросон

واندر کف مهتر خراسان

Маншури амидии ншобўр

منشور عمیدی نشابور

Фахри аломрои машйади алмалик

فخر الامرا مُشّید الملک

Масъӯди Муҳамади бен Мансур

مسعود محمد بن منصور

Садрӣ ки з холиқаст шокир

صدری که ز خالق است شاکر

Вази ҷамъ хилоиқаст мшкўр

وز جمع خلایق است مشکور

Кардаст фалаки замир ӯ ро

کردست فلک ضمیر او را

Бар ганҷи хиради амину ганҷур

بر گنج خرد امین و گنجور

Вндр дил ӯст ҳар чаҳ аз илм

وندر دل اوست هر چه از علم

Дрктб авоиласт мстўр

درکُتبِ اوایل است مسطور

Эзад чу ба дасти қудрати хеш

ایزد چو به دست قدرت خویش

Бар зад рақами қазо ба мақдӯр

بر زد رقم قضا به مقدور

Он хост ки бар сипоҳи аъдо

آن خواست که بر سپاه اعدا

Масъӯд буд ҳамеша Мансур

مسعود بود همیشه منصور

То гашти амали бадви мФўз

تا گشت عمل بدو مُفَوّض

Месур шуд ончӣ буд мъсўр

میسور شد آنچه بود معسور

Дил шод шуд он ки буд ғамгин

دل‌ شاد شد آن که بود غمگین

Осӯда шуд он ки буд ранҷур

آسوده شد آن که بود رنجور

Биниҳод замонаи ҳақ ба мавзе

بنهاد زمانه حق به موضع

Ботили зи миёнаи гашти маҳҷӯр

باطل ز میانه گشت مهجور

Ботил чаҳ ба кор буд бо ҳақ

باطل چه به‌ کار بود با حق

Зулмат чаҳ ба кор буд бо нур

ظلمت چه به‌کار بود با نور

Доне ки нзибд ва нишоед

دانی که نزیبد و نشاید

Вази дониш ва аз хирад буд давр

وز دانش و از خرد بود دور

Манзилгаҳи шери ҷои нахҷӣр

منزلگه شیر جای نخجیر

Мأўии гуҳи бози ҷои ъсФўр

مأوی ‌گهِ باز جای عصفور

Зон шохи шараф чунин сазад бор

زان شاخ شرف چنین سزد بار

Бар ҷои падар чунин сазад пӯр

بر جای پدر چنین سزد پور

Ҳам Юсуф ба азиз дар Миср

هم یوسف به‌ عزیز در مصر

Ҳам Мӯсо ба кулем дар тавр

هم موسی به‌ کلیم در طور

эй муҳташамӣ ки дар хуросон

ای محتشمی که در خراسان

Имрӯзи туе мшору манзур

امروز تویی مشار و منظور

Даргоҳи ту аз тавофи зуввор

درگاه تو از طواف زوّار

Байт алҳрмасту байти маъмур

بیت‌الحَرَم است و بیت معمور

Авсофи амӣрӣу амидӣ

اوصاف امیری و عمیدی

Сидқаст туроу ҷузи туро зӯр

صدق است تو را و جز تو را زور

Тогшт ба адли ту мҳно

تاگشت به عدل تو مُهَنّا

Ин шаҳри бузургвору машҳур

این شهر بزرگوار و مشهور

Пеши падарати ҳаме ба уқбо

پیش پدرت همی به عُقبی

Шукр ту кунад равони шопӯр

شکر تو کند روان شاپور

Фармони ту бояд андарин шаҳр

فرمان تو باید اندرین شهر

То кас нашавад далеру мағрур

تا کس نشود دلیر و مغرور

Иъсўб чу дар миён набошад

یعسوب چو در میان نباشد

Ошуфта шаванд хайли занбӯр

آشفته شوند خیل زنبور

Аъдои ту зери бори ади бор

اعدای تو زیر بار اِد‌بار

Ҳастанд ба музди деви муздур

هستند به مزد دیو مزدور

Ҳамчун шаби тори зулфи хубон

همچون شب تار زلف خوبان

Рӯзи ҳама нохушасту диҷўр

روز همه ناخوش است و دیجور

Гар кин ту бугзарад сӯии ҳинд

گر کین تو بگذرد سوی هند

Вари хашми ту раҳи баради сӯии тӯр

ور خشم تو ره برد سوی تور

Дар тӯр ҳимоятӣ шавад хон

در تور حمایتی شود خان

Дар ҳинд ҳазиматӣ шавад Фўр

در هند هزیمتی شود فور

Гардун ки ба зери ҳукми борӣ

گردون که به زیر حکم باری

Будаст ва буд ҳамеша маҷбур

بودست و بود همیشه مجبور

Мисли ту надид ва ҳам набинад

مثل تو ندید و هم نبیند

Аз одам то дамӣдани сувар

از آدم تا دمیدن صور

Бар хури зи тараб ки дар баҳорон

بر خور ز طرب که در بهاران

Бо ту ба тараби шудеми брхўр

با تو به طرب شدیم برخور

Май хоҳ ки лолаи зору гулзор

می خواه که لاله‌زار و گلزار

Аз буи таббат шудасту Фнсўр

از بوی تبت شدست و فنصور

Ҳар дам ки туро парӣ бибинад

هر دم‌ که تو را پری ببیند

Бар дасти ниҳодаи оби ангур

بر دست نهاده آب انگور

Хоҳад ки наад ба зери поят

خواهد که نهد به زیر پایت

Рухсора ба ҷои нақши мҳФўр

رخساره به جای نقش محفور

То зокири фазл ту шудам ман

تا ذاکر فضل تو شدم من

Гаштам ба миёни халқи мазкӯр

گشتم به میان خلق مذکور

Мазкӯр буд касе ки дорад

مذکور بود کسی که دارد

Бар зикри ту шеъри хеши мқсўр

بر ذکر تو شعر خویش مقصور

Ҳарчанд ки нест ҳеҷ тақсир

هرچند که‌ نیست هیچ تقصیر

Андари ҳақи ман зи шоҳу дастур

اندر حق من ز شاه و دستور

Моли ману ҷоҳ ман нагардад

مال من و جاه من نگردد

Ало ба анояти ту мўФўр

الا به عنایت تو موفور

То шиъа ба дашти Карбало дар

تا شیعه به دشت‌ کربلا در

Ҷумҳӯр шаванд рӯзи ъошўр

جمهور شوند روز عاشور

Аз номварону меҳтарони бод

از ناموران و مهتران باد

Ҳар рӯз ба даргаи ту ҷумҳӯр

هر روز به درگه تو جمهور

То ҳсни ҳсини хусравон ро

تا حِصن‌ حَصین خسروان را

Чора набӯд зи бурҷи вази сур

چاره نبود ز برج وز سور

Ҳсни ту зи ҳсни эзадии бод

حِصن‌ تو ز حِصن ایزدی باد

Бурҷаши зи нишоту сураш аз сур

برجش ز نشاط و سورش از سور

Ту ғолибу ҳосдои нети мағлуб

تو غالب و حاسدا‌نت‌ مغلوب

Ту қоҳиру дшмнонти мақҳур

تو قاهر و دشمنانْتْ مقهور

Ту сарвар ва карда саракашон ро

تو سرور و کرده سرکشان را

Дар қабзаи амри хеши маъмур

در قبضهٔ امر خویش مأمور

Андари ҳашами ту сад чу аи саврии а

اندر حَشَمِ تو صد چو ا‌ثوری‌ا

Вондри хадами ту сад чу тиФўр

واندر خَدَم تو صد چو طیفور

Ҳар рӯзи чунонкии рӯзи наврӯз

هر روز چنانکه روز نوروز

Табъи ту хушу дили ту масрур

طبع تو خوش و دل تو مسرور