Иду одинаи бҳки бори расиданди фароз
عید و آدینه بهٔک بار رسیدند فراز
Ваз нишеб омад хуршеди ҳамеи сӯии фароз
وز نشیب آمد خورشید همی سوی فراز
Зонка андари паии ин ҷашни расӯли арабӣ
زانکه اندر پی این جشن رسولِ عربی
Ҷашни шоҳони аҷам танг раседаст фароз
جشن شاهانِ عجم تنگ رسیدست فراز
Хуррами ин ҷашн ки барнома шаръаст нигор
خرم این جشن که برنامهٔ شرع است نگار
Хуррами ин ҷашн ки бар ҷома лаҳваст тароз
خرم این جشن که بر جامهٔ لهوست طراز
Ин ҳаме сурх кунад хоки зи хӯни қурбон
این همی سرخکند خاک ز خون قربان
Вони ҳаме лаъл кунад ҷоми зи ранги бгмоз
وآن همی لعل کند جام ز رنگ بگماز
Ин ҷаҳонро кунад аз буи чу аи таблаи аи аттор
این جهان را کند از بوی چو اطبلهٔا عطار
Вон замин раканд аз ранг чу тахти бзоз
وآن زمین راکند از رنگ چو تخت بزاز
Боғро мавсими он сӯй баҳораст навид
باغ را موسم آن سوی بهارست نوید
Халқро мавкиби ин сӯй биҳиштаст ҷавоз
خلق را موکب این سوی بهشت است جواز
Ин ду меҳмони гиромӣ ки расиданди баҳам
این دو مهمان گرامی که رسیدند بهم
Омдстнд бар мо зи раҳеи давру дароз
آمدستند بر ما ز رهی دور و دراز
Ҳақи ин ҳар ду сазадгар бгзорими тамом
حق این هر دو سزد گر بگزاریم تمام
Ки аз ин ҳар ду ҳамеи кор тараб гирад соз
که از این هر دو همی کار طرب گیرد ساز
эй нигорӣ ки туе лаъибати ороста рӯй
ای نگاری که تویی لعبت آراسته روی
Маҷлис ороста кун чун зи намози оеи боз
مجلس آراستهکن چون ز نماز آیی باز
Ба намози ори сари булбула дар пеши қадаҳ
به نماز آر سر بُلبُله در پیش قدح
Чун сари хеш бар оранди ҳарифони зи намоз
چون سر خویش بر آرند حریفان ز نماز
Созҳо даҳ ба каф равад занон то ба нишот
سازها ده بهکف رود زنان تا به نشاط
Бинавозанд дар айвони шаҳи бандаи навоз
بنوازند در ایوان شه بنده نواز
Шоҳи исломи мъзолдини султони санҷар
شاه اسلام معزّالدینْ سلطان سنجر
Он ки шоҳони ҷаҳонро ба каф ӯст ниёз
آن که شاهان جهان را به کف اوست نیاز
Подшоҳӣ ки гирифтааст ба шамшер ва ба адл
پادشاهی که گرفته است به شمشیر و بهعدل
Ҳинду турон ва Ироқину хуросону ҳиҷоз
هند و توران و عراقین و خراسان و حجاز
Бар ҳунармандон аз аҷз кашидаст рақам
بر هنرمندان از عجز کشیدست رقم
Ҳркҷо аз ҳунар хеш намуданд эъҷоз
هرکجا از هنر خویش نمودند اعجاز
Ҳар чаҳ фармӯда ӯ нест Фсонасту фусун
هر چه فرمودهٔ او نیست فَسان است و فُسون
Ҳарчӣ бахшида ӯ нест маҳоласту муҷоз
هرچه بخشیدهٔ او نیست محال است و مجاز
Гуҳи туфи ханҷараш аз ҳинд расад то ба ҳалаб
گه تفِ خنجرش از هند رسد تا به حلب
Гуҳи сафи лашкараш аз рӯм расад то ба тароз
گه صف لشکرش از روم رسد تا به طراز
Ончӣ ӯ дар ду сафар кард ба ғазнӣну Ироқ
آنچه او در دو سفر کرد به غزنین و عراق
Ҳаст дар шеъри тарози сухани шеъри тароз
هست در شعر طراز سخن شعر طراز
Рӯзи ҳиҷо ки намояди адаби найзау тир
روز هیجا که نماید ادب نیزه و تیر
Пеш ӯ саҷда кунад найзаи зану тирандоз
پیش او سجده کند نیزه زن و تیرانداز
Рӯзи майдон ки баради даст ба чавгон ва ба гӯй
روز میدان که برد دست به چوگان و به گوی
Даст ӯ бӯса диҳад гӯии зану чавгони боз
دست او بوسه دهد گویزن و چوگانباز
Тири грдоФгн ӯ суфта кунад коми наҳанг
تیر گُردافگن او سفته کند کام نهنگ
Гурзи шери авжан ӯ пора кунад ишки гуроз
گرز شیر اوژن او پاره کند یشک گراز
Чун фазояд мехушбӯӣ бакоҳад ғами дил
چون فزاید می خوشبوی بکاهد غم دل
Чун кушояди кафи зари бори бибандад дар оз
چون گشاید کف زر بار ببندد در آز
эй дарахтони аторо зи сахои ту самар
ای درختان عطا را ز سخای تو ثمر
Ваии арӯсони суханро зи мдиҳи ту ҷҳоз
وی عروسان سخن را ز مدیح تو جهاز
Даҳри саҳроу ситами гургу хилоиқ рама анд
دهر صحرا و ستم گرگ و خلایق رمهاند
Сояи адлу мисоли ту шубонасту нҳоз
سایهٔ عدل و مثال تو شبان است و نهاز
Барқ бо ҷӯади ту бо абри магар тайра кунад
برق با جود تو با ابر مگر طیره کند
Ки бар ӯ хандад ҳар дами задане чун танноз
که بر او خندد هر دم زدنی چون طناز
Раъд аз он маънии тасбеҳ малик дорад ном
رعد از آن معنی تسبیح ملک دارد نام
Ки ба абри андар чун кӯс ту дорад овоз
که به ابر اندر چون کوس تو دارد آواز
Бахтро аз паии он тоири маймун лақаб аст
بخت را از پی آن طایر میمون لقب است
Ки кунад гирди сарои ту чу мурғони парвоз
که کند گرد سرای تو چو مرغان پرواز
Муштарӣ аз қабл он сабаб фирӯзӣ аст
مشتری از قِبَل آن سبب فیروزی است
Ки ҳаме гуяд бо давлати фирӯзи ту роз
که همیگوید با دولت فیروز تو راز
Туе он шоҳ ки аз адли ту бар халқи ҷаҳон
تویی آن شاهکه از عدل تو بر خلق جهان
Дар андӯҳ фарозаст ва дар шодии боз
در اندوه فرازست و در شادی باز
Гӯр неру кунад аз фари ту бар панҷаи шер
گور نیرو کند از فر تو بر پنجهٔ شیر
Кебек бозӣ кунад аз адли ту бо чнгли боз
کبک بازیکند از عدل تو با چِنگَل باز
Марди нобӣно бо нури замири ту ба шаб
مرد نابینا با نور ضمیر تو به شب
Дар ҳаво зарра бибинад з чаҳ сесад боз
در هوا ذره ببیند ز چه سیصد باز
Чун кунад бораи бўртў ба саҳрои тагу пўӣ
چونکند بارهٔ بورتو به صحرا تگ و پوی
Боз монанди ҳамеи оҳӯи вгўр аз таг ва тоз
باز مانند همی آهو وگور از تگ و تاز
Он кунад кӣнау хашмат ба тану ҷони аду
آن کند کینه و خشمت به تن و جان عدو
Ки ба арзиз ва ба пӯлод кунад оташи вгоз
که به ارزیز و به پولاد کند آتش وگاز
Ҳоши ллаҳ ки кам аз хашми ту ва кӣна туаст
حاشلله که کم از خشم تو و کینه توست
Газ пӯлод бирав оташи арзири гудоз
گاز پولاد برو آتش ارزیر گداز
Чун зи раии рояти ту рӯ ба сӯии соваи ниҳод
چون ز ری رایت تو رو به سوی ساوه نهاد
Буд осеби ту дар шӯштар ва дар Аҳвоз
بود آسیب تو در شوشتر و در اهواز
Хутба бар ном ту карданд ҳаме дар Бағдод
خطبه بر نام تو کردند همی در بغداد
Бода бар ёд ту хӯрданд ҳаме дар Широз
باده بر یاد تو خوردند همی در شیراز
Ёфтанд аз карами ту ҳамаи шоҳони анъом
یافتند از کرم تو همه شاهان اِنعام
Ёфтанд аз лутфи ту ҳамаи мейрони аи ъзоз
یافتند از لَطَف تو همه میران اِعزاز
Фахр кун бар ҳамаи шоҳон ки туро шояд фахр
فخر کن بر همه شاهان که تو را شاید فخر
Нозкн бар ҳамаи мейрон ки тўрои зебади ноз
نازکن بر همه میرانکه تورا زیبد ناز
Гоҳ дар базми қадаҳи гир ва ба некии бхром
گاه در بزم قدح گیر و به نیکی بخرام
Гоҳ дар тахт биёсоӣ ва ба шодии бгроз
گاه در تخت بیاسای و به شادی بگراز
Ҷони ҳсод ба шамшери аду сӯз бисӯз
جان حَسّاد به شمشیر عدوْ سوزْ بسوز
Кори аҳбоб ба тадбири зафар соз бисоз
کار احباب به تدبیر ظفرْ سازْ بساز
То чу оғоз кунад рӯзу нинҷомди шаб
تا چو آغاز کند روز و نینجامد شب
Ваон сипедӣ буд аз даҳри сиёҳии пардоз
وان سپیدی بود از دهر سیاهی پرداز
Боди оғози мдиҳи ту ситамро анҷом
باد آغاز مدیح تو ستم را انجام
Боди анҷоми санои ту нъмро оғоз
باد انجام ثنای تو نِعَم را آغاز
Гӯии фатҳу зафари андари хами чавгони ту бод
گوی فتح و ظفر اندر خم چوگان تو باد
Чун дили Маҳмӯди андари хами зулфин Аёз
چون دل محمود اندر خم زلفین ایاز
Умри ту доиму малику сипаҳат бе поён
عمر تو دائم و ملک و سپهت بیپایان
Иди ту фарруху лаҳву тарабат бе андоз
عید تو فرخ و لهو و طربت بیانداز
Шокири неъмати ту дар ҳама вақте маликон
شاکر نعمت تو در همه وقتی ملکان
Ёри ту дар ҳамаи кории малик бе анбоз
یار تو در همه کاری ملک بیانباز