Шаҳӣ ки ҳаст ҳамаи оламаш ба зери илм

شهی‌ که هست همه عالمش به زیر علم

Ъзизгшт ба ӯ тоҷу тахту теғу қалам

عزیزگشت به او تاج و تخت و تیغ و قلم

Араби зхдмт ӯ чун аҷам ҳаме нозад

عرب زخدمت او چون عجم همی نازد

Ки хусрав арабасту хдоигони аҷам

که خسرو عرب است و خدایگان عجم

Худои арши чунон офариди ахтар ӯ

خدای عرش چنان آفرید اختر او

Ки ахтарони ҳама дар пеш ӯ шуданд хадам

که اختران همه در پیش او شدند خَدَم

Замонаи қисмат ӯ рӯзу шаби з нусрат кард

زمانه قسمت او روز و شب ز نصرت کرد

Чунонкии қисмати рӯзу шаб аз зиёу зулм

چنانکه قسمت روز و شب از ضیاء و ظلَم

зи адл ӯ ба зимистон ҳаме бирӯяд гул

ز عدل او به زمستان همی بروید گل

зи фар ӯ ба ҳзирони ҳамеи баборади нам

ز فر او به حزیران همی ببارد نم

Кафи муборак ӯ ҳаст абри раҳмати бор

کف مبارک او هست ابر رحمت بار

Дили мунаввар ӯ ҳаст офтоби карам

دل منور او هست آفتاب کرم

Ҳама задасту ди лши халқро шигифт буд

همه زدست و د‌لش خلق را شگفت بود

Балии шигифт буд абру офтоб ба ҳам

بلی شگفت بود ابر و آفتاب به هم

Аё шаҳӣ ки зшоҳони машриқу мағриб

ایا شهی که زشاهان مشرق و مغرب

Ба асли поки туе Сайид мулӯк амам

به اصل پاک تویی سید ملوک امم

Ба дайну дониш ва дод ту аз қадими алдҳр

به‌دین و دانش و داد تو از قدیم‌الدهر

Ба тахт бар наниҳодаст ҳеҷ шоҳи қадам

به تخت بر ننهادست هیچ شاه قدم

Хаёли ҷӯади ту мансӯх кард одати бухл

خیال جود تو منسوخ‌کرد عادت بخل

Шамеми адли ту мдрўс кард расми ситам

شمیم عدل تو مَدْروس‌ کرد رسم ستم

Ту аз адам ба вуҷӯд омадӣу озу ниёз

تو از عدم به‌ وجود آمدی و آز و نیاز

Ба ҳиммат ту шуданд аз вуҷӯди сӯии адам

به همت تو شدند از وجود سوی عدم

зи рои поки ту шддин ҳақ прессатон беш

ز رای پاک تو شددین حق‌پرستان بیش

зи теғи тези ту шдкФр бут прессатон кам

ز تیغ تیز تو شدکفر بت‌پرستان کم

Ба доркФр дар аз ҳайбат ва сиёсат туаст

به دارکفر در از هیبت و سیاست توست

Ниҳодаи минбар ва бардошта салибу санам

نهاده منبر و برداشته صلیب و صنم

зи бими теғи ту рҳбонён ҳаме гӯйанд

ز بیم تیغ تو رهبانیان همی‌گویند

Ки беҳтараст Муҳамади зи исои Марям

که بهترست محمد ز عیسی مریم

Кашад зоқболи он ков кашад зи меҳри ту сар

کشد زاقبال آن کاو کشد ز مهر تو سر

Занад зи идбори он ков занад зкини ту дам

زند ز ادبار آن‌کاو زند زکین تو دم

Чу соил аз ту балӣ башнавад раҳад зи бало

چو سائل از تو بلی بشنود رهد ز بلا

Чу зоҳид аз ту нъм башнавад расад ба нъм

چو زاهد از تو نعم بشنود رسد به نعم

Магари балоро мсмор кардае зи балӣ

مگر بلا را مسمار کرده‌ای ز بلی

Магари нъмро мифтоҳ кардае зи нъм

مگر نعم را مفتاح کرده‌ای ز نعم

Хдоигонои иқболи ту муҳандиси вор

خدایگانا اقبال تو مهندس وار

Ба гирди олами паргори дркшиди рақам

به‌گرد عالم پرگار درکشید رقم

Куҷои муҳандиси иқболи ту буд на аҷаб

کجا مهندس اقبال تو بود نه عجب

Ки дркшди рақамии гирди ҷумлаи олам

که درکشد رقمی ‌گِردِ جملهٔ عالم

Ба коми дили бустон зон меӣ ки пиндорӣ

به کام دل بستان زان میی که پنداری

з лаъл дорад рангу з машк дорад шам

ز لعل دارد رنگ و ز مشک دارد شم

зи дасти он ки шавад ҳар замони зи тобу гиреҳ

ز دست آن‌ که شود هر زمان ز تاب و گره

Чу ҳалқаҳои зираи зулф ӯ хами андари хам

چو حلقه‌های زره زلف او خم اندر خم

Гуҳӣ кунад чу лаби хеши айши ту ширин

گهی‌ کند چو لب خویش عیش تو شیرین

Гуҳӣ кунад чу рухи хеши базми ту хуррам

گهی کند چو رخ خویش بزم تو خرم

Ту хуш нишаста ба неки ахтарии надими тараб

تو خوش نشسته به نیک‌اختری ندیم طرب

Мухолифи ту з шавам ахтарӣ надим надам

مخالف تو ز شوم اختری ندیم ندم