Ҳамон бааст ки имрӯз хуш хӯрем ҷаҳон

همان بِه است که امروز خوش خوریم جهان

Ки даии гузашту зи фардо падед нест нишон

که دی‌ گذشت و ز فردا پدید نیست نشان

Аз ин се рӯз ки гуфтам миёна имрӯзаст

از این سه روز که ‌گفتم میانه امروزست

Макун таваққуфу пеши миёнаи банди миён

مکن توقف و پیش میانه بند میان

Дар интизори баҳор ва хазон мабош ки ҳаст

در انتظار بهار و خزان مباش که هست

Хазони адуии баҳору баҳори хасми хазон

خزان عدوی بهار و بهار خصم خزان

Бибин ки ҳар чаҳ баҳори шукуфта пайдо кард

ببین که هر چه بهار شکفته پیدا کرد

Хазони ситеза ӯро чигуна кард ниҳон

خزان ستیزهٔ او را چگونه کرد نهان

Магари хазон ба рузони нав шариатӣ биниҳод

مگر خزان به رزان نو شریعتی بنهاد

Ки ҳаст дар ҳамаи олами мубоҳи хӯни рузон

که هست در همه عالم مباح خون ‌رزان

Магар ки дар шаби даии моҳи боди хоразмӣ

مگر که در شب دی ماه بادِ خوارزمی

Асас шудаст ки кардаст боғро урён

عسس شدست که کردست باغ را عریان

зи барфи реза чун савҳон шудаст рӯй замин

ز برف ریزه چون سوهان شدست روی زمین

з ях шудаст рухи обгир чун санадон

ز یخ شدست رخ آبگیر چون سندان

Магари замона ба оҳангарӣ бурун омад

مگر زمانه به آهنگری برون آمد

Ки об кард чу санадону бод чун савҳон

که آب‌ کرد چو سندان و باد چون سوهان

Чаҳ бок аз инки ҷаҳони сарди гашт ва нохуш шуд

چه باک از اینکه جهان سرد گشت و ناخوش شد

Ки хонаи гарму мғнӣ хушасту ёри ҷавон

که خانه‌ گرم و مُغَنّی خوش است و یار جوان

Гар аз бунафшау лолаи замини боғ тиҳӣ аст

گر از بنفشه و لاله زمین باغ تهی است

з ҳар ду ҳаст бадали зулфу чеҳраи ҷонон

ز هر دو هست بدل زلف و چهرهٔ جانان

Чу зулфу чеҳра ӯ ҳаст биҳдаҳ чаҳ хӯрем

چو زلف و چهرهٔ او هست بیهده چه خوریم

Ғами бунафшаи серобу лолаи нӯъмон

غم بنفشهٔ سیراب و لالهٔ نُعمان

Ба моҳи даии зи хами зулфу ранги чеҳра ӯ

به ماه دی ز خم زلف و رنگ چهرهٔ او

Бунафшаи зори падеди оварему лолстон

بنفشه‌زار پدید آوریم و لالستان

Расед иди биё то ба теғ бода кунем

رسید عید بیا تا به تیغ باده‌کنیم

Ба иди қурбони тимори хешро қурбон

به عید قربان تیمار خویش را قربان

Тавофи ҳоҷ кунун гирди қибла тозӣ аст

طواف حاج کنون گرد قبلهٔ‌تازی است

Тавофи мост кунун гирди қиблаи деҳқон

طواف ماست کنون گرد قبلهٔ دهقان

Агар ҳаме натавон кард ахдмтш бе шаки а

اگر همی نتوان کرد اخدمتش بی‌شک‌ا

Кунем хизмати фарзанд ӯ чунонкии тавон

کنیم خدمت فرزند او چنانکه توان

Ду гавҳараст дарин вақти шарти маҷлиси мо

دو گوهرست درین وقت شرط مجلس ما

Қнинаҳи маъдани ину танураи маскани он

قِنینه مَعدِن این و تنوره مسکن آن

Яке чу оби рузи андари миёнаи соғар

یکی چو آب رز اندر میانهٔ ساغر

Яке чу барги гули андари миёни оташдон

یکی چو برگ گل اندر میان آتشدان

Яке зи нуру зи сўзндгии натиҷаи ишқ

یکی ز نور و ز سوزندگی نتیجهٔ عشق

Яке зи ҷону зи покизагии натиҷаи ҷон

یکی ز جان و ز پاکیزگی نتیجهٔ جان

Бад-ӣни ду гавҳари равшани шаби зимистон ро

بدین دو گوهر روشن شب زمستان را

Чунон кунем ки монад ба рӯзи тобистон

چنان کنیم که ماند به ‌روز تابستان

Гуҳӣ ба мутриб гӯйем чанги барзани ҳин

گهی به مطرب‌ گوییم چنگ برزن هین

Гуҳӣ ба соқӣ гӯйем ҷом пар кун ҳон

گهی به ساقی ‌گوییم جام پر کن هان

Гуҳӣ сабӯҳ кунем аз се бӯса ва се қадаҳ

گهی صبوح‌ کنیم از سه بوسه و سه قدح

Хумори ишқу хумори шаробро дармон

خمار عشق و خمار شراب را درمان

Чу абр бар сари мо аз ҳаво фишонд сим

چو ابر بر سر ما از هوا فشاند سیم

Кунем бар сари он аз танураи зарафшон

کنیم بر سر آن از تنوره زرافشان

Чу мутрибони сари ангуштро кунанд сабк

چو مطربان سرِ انگشت را کنند سبک

Ба ёди хоҷа ба кафи брнҳими ратли гарон

به ‌یاد خواجه به‌ کف برنهیم رطل گران

Хуҷастаи носеҳи давлат аҷал мӯед дайн

خجسته ناصح دولت اجل موید دین

Сутӯдаи тоҷи кафоти аҷами сари Фтён

ستوده تاج کفات عجم سرِ فَتَیان

Муайяни малики замину замони алии Саид

مُعین ملک زمین و زمان علی سعید

Ки ҳаст нойиби фармондиҳи замину замон

که هست نایب فرمانده زمین و زمان

Ҷуз ӯ ки буд ки шоиста ниёбат шуд

جز او که بود که شایسته نیابت شد

Ду хоҷаро ки гирифтанд ҳар ду малики ҷаҳон

دو خواجه را که ‌گرفتند هر دو ملک جهان

Низоми дайнро дар давлати малики санҷар

نظام دین را در دولت ملک سنجر

Қавоми дайнро дар давлати малики султон

قوام دین را در دولت ملک سلطان

Ҳимоятасту риояти мҷирш аз офот

حمایت است و رعایت مجیرش از آفات

Ҳидоятасту анояти мҷирш аз ҳдсон

هدایت است و عنایت مجیرش از حَدَثان

Бенон ӯст ба ҳангоми шуғли шуғли гузор

بنان اوست به هنگام شغل شغل‌گذار

Замир ӯст ба ҳангоми фитнаи фитнаи нишон

ضمیر اوست به هنگام فتنه‌ فتنه نشان

Ҳимоят аз маликасту аноят аз дастур

حمایت از ملک است و عنایت از دستور

Ҳидоят аз маликасту аноят аз яздон

هدایت از ملک است و عنایت از یزدان

зи осмони ҳамаи таъӣд ва раҳматаст нисор

ز آسمان همه تأیید و رحمت است نثار

Барони хуҷастаи замир ва бар он хуҷастаи бенон

برآن خجسته ضمیر و بر آن خجسته بنان

Бузурги бори худоёи зи толеъӣ ки тўрост

بزرگ بار خدایا ز طالعی که توراست

Ба фол дидани рӯят муборакаст чунон

به فال دیدن رویت مبارک است چنان

Агар бибинад рӯй ту бути параст ба хоб

اگر ببیند روی تو بت‌پرست به خواب

Битобад аз шаби куфраши ситораи имон

بتابد از شب کفرش ستارهٔ ایمان

Шумори муддати умри ту бо қазоу қадар

شمار مدت عمر تو با قضا و قدر

зи рӯзгор ва фалак сохтанд шарҳу баён

ز روزگار و فلک ساختند شرح و بیان

Ба муддатӣ ки буд бештари зи муддати Нӯҳ

به ‌مدتی که بود بیشتر ز مدت نوح

Фалак навишт хат ва рӯзгор кард змон

فلک نوشت خط و روزگار کرد ضمان

Ҳамеи зи рои ту афрӯхта шавад ҳазрат

همی ز رای تو افروخته شود حضرت

Ҳамеи зи рои ту ороста шавад девон

همی ز رای تو آراسته شود دیوان

Ки ҳар дуро ту чунон дархурӣ ки вақти баҳор

که هر دو را تو چنان درخوری‌ که وقت بهار

Дарахтро туфи хуршеду киштро борон

درخت را تَفِ خورشید و کِشت را باران

Баннои дайни набӣ бар китоб ва ахбораст

بنای دین نبی بر کتاب و اخبارست

Баннои давлати хусрав бар он хуҷастаи бенон

بنای دولت خسرو بر آن خجسته بنان

Чу дару саҳар ба машку шабаҳи бромизӣ

چو درّ و سِحر به مشک و شَبَه برآمیزی

Дуот дор ту нозад набераи машкон

دوات‌دار تو نازد نبیرهٔ مشکان

Ту дар ҳунари дгарӣ ваон нафар дигар буданд

تو در هنر دگری وان نفر دگر بودند

Чу номаи набавӣ кӣ буд ҳазор аФсон

چو نامهٔ نبوی کی بود هزار افسان

Китоби айни мусаллами тўрости вази ҳамаи қавм

کتاب عین مُسَلّم توراست وز همه قوم

Ҳама сифот навиштанд дар дабиристон

همه صفات نوشتند در دبیرستان

Ба неъмати ту ки аз файласуфи ҳазрати шоҳ

به نعمت تو که از فیلسوف حضرت شاه

Шунидаам чу дар оғози фитна буд нишон

شنیده‌ام چو در آغاز فتنه بود نشان

Ки гуфт муҳташамӣ дар аҷам падед ояд

که ‌گفت محتشمی در عجم پدید آید

На аз қабӣлаи баҳмон на аз нажоди фалон

نه از قبیلهٔ بهمان نه از نژاد فلان

Аз ӯ расанд басии меҳтарон ба ҷоҳ ва ба ном

از او رسند بسی مهتران به ‌جاه و به نام

Ваз ӯ расанд басии кеҳтарон ба об ва ба нон

وز او رسند بسی‌ کهتران به آب و به ‌نان

Худоӣ бошад аз ӯ розӣу малики хушнӯд

خدای باشد از او راضی و ملک خشنود

Сипоҳу шоҳу раият ба шукру перу ҷавон

سپاه و شاه و رعیت به ‌شکر و پیر و جوان

Дурусти гашт ки он муҳташами туе ки зи ту

دُرست‌ گشت‌ که آن محتشم تویی‌ که ز تو

Ҳамаи муъоинаи байнам ҳар ончӣ дод нишон

همه معاینه بینم هر آنچه داد نشان

Ду байти шеъри зи гуфтори хоҷаи бурҳонӣ

دو بیت شعر ز گفتار خواجه برهانی

Туро сазад ки туе ҳар ду байтро бурҳон :

تو را سزد که تویی هر دو بیت را برهان‌:

« ба ҳақи афзали инсону ҳақи сӯрати он

« ‌به ‌حق افضل انسان و حق صورت آن

Ки ҳаст сӯраи он ҳилли ?утии алии алонсон

که هست سوره آن هل اتی علی‌الانسان

Ки ному насли ту боқӣаст то бидон соъат

که نام و نسل تو باقی است تا بدان ساعت

Ки ошкор шавад кули ман алайҳои ?фон »

که آشکار شود کلّ من علیها فان »

зи баҳри онкии ту дар дасти ҷом бода наҳй

ز بهر آنکه تو در دست جام باده نهی

Ҳамеи ҳасади барад аз бодаи чашмаи ҳайвон

همی حسد برد از باده چشمهٔ حیوان

зи орзӯии сабӯҳи ту сокинони биҳишт

ز آرزوی صبوح تو ساکنان بهشت

Сипеда дам бигурезанд ҳар шаб аз ризвон

سپیده‌دم بگریزند هر شب از رضوان

Ситора бошад бар бурҷу бурҷ бар гардун

ستاره باشد بر برج و برج بر گردون

Чунонкии номи ту дар шеъру шеър дар девон

چنانکه نام تو در شعر و شعر در دیوان

Шудаст табъам дар мадҳи ту чу оташи тез

شدست طبعم در مدح تو چو آتش تیز

Шудаст шеърам дар шукри ту чу оби равон

شدست شعرم در شکر تو چو آب روان

Чу ман ба маҷлиси ту кошкӣ расидандӣ

چو من به مجلس تو کاشکی رسیدندی

Мақдамони сухани шоирони чираи забон

مُقَدِّمان سخن شاعران چیره‌زبان

Ки то ба назми мдиҳт нисор кардандӣ

که تا به نظم مدیحت نثار کردندی

Ҳазор ақди зи ёқӯту лўлўу марҷон

هزار عقد ز یاقوت و لولو و مرجان

Чаҳ ҳоҷатаст бадишони зи баҳри назми мдиҳ

چه حاجت است بدیشان ز بهر نظم مدیح

Ки ман бидорам танҳо ниёбат аз эшон

که من بدارم تنها نیابت از ایشان

Агар чаҳ шеър маро гуфтае басии аҳсант

اگر چه شعر مرا گفته‌ای بسی احسنت

Вгрчаҳ дар ҳақ ман кардае басии эҳсон

وگرچه در حق من کرده‌ای بسی احسان

Кунун зиёдат бояд ки ҳеҷ боқӣ нест

کنون زیادت باید که هیچ باقی نیست

Ҳама шуданд ва ниҳоданд рӯй дар нуқсон

همه شدند و نهادند روی در نقصان

Макун дирангу ғанимати шимури ситоишу шукр

مکن درنگ و غنیمت شمر ستایش و شکر

Ки қодирӣу қалам бар мурод туаст равон

که قادری و قلم بر مراد توست روان

Ҳамеша то ки бар ин ҳафт чархи доираи вор

همیشه تا که بر این هفت چرخ دایره‌وار

Кунанд ҳафт ситора ба саъду наҳси қирон

کنند هفت ستاره به سعد و نحس قران

зи саъди баҳра ӣ умри ту боди роҳату сур

ز سعد بهره ی عمر تو باد راحت و سور

зи наҳси баҳраи хасми ту боди ранҷу зиён

ز نحس بهرهٔ خصم تو باد رنج و زیان

Ба маҷлиси ту ҳамаи рӯзи кеҳтарони хуррам

به مجلس تو همه روز کهتران خرم

Чу ҳоҷён ба мнои иди гўсФндкшон

چو حاجیان به مِنا عید گوسفندکشان

Худоӣ дода зи шаш чизи мари туро шаш чиз

خدای داده ز شش چیز مر تو را شش چیز

Ки умри мард ба ҳар шаш бимонад ободон

که عمر مرد به ‌هر شش بماند آبادان

Каф аз шаробу лаб аз ханда ва бар аз маъшӯқ

کف از شراب و لب از خنده و بر از معشوق

Дил аз нишоту тан аз нозу хона аз меҳмон

دل از نشاط و تن از ناز و خانه از مهمان