Аз фазлу кифояти зи ҳамаи лашкари султон

از فضل و کفایت ز همه لشکر سلطان

Як хоҷа ки дидаст чу бўҷъФри ғелон

یک خواجه که دیدست چو بوجعفر غیلان

Он борхдоиӣ ки зи сайри қалам ӯ

آن بارخدایی‌ که ز سیر قلم او

Ором гирифтааст ҳамаи кишвари Эрон

آرام گرفته است همه کشور ایران

Фрмонбри сайри қаламаши гунбади гардун

فرمانبرِ سیرِ قلمش گنبد گردون

Хизматгари хоки қадамаши ахтари рахшон

خدمتگر خاک قدمش اختر رخشان

Гардун ҷаҳондида надидаст ва набинад

گردون جهاندیده ندیدست و نبیند

Донотар аз ӯ ҳеҷ кас аз гавҳари инсон

داناتر از او هیچ کس از گوهر انسان

эй хуби хисолӣ ки туе қиблаи иқбол

ای خوب خصالی ‌که تویی قبلهٔ اقبال

Ваии поки замирӣ ки туе муфаххари аъён

وی پاک ضمیری ‌که تویی ‌مَفْخر اعیان

Арбоби кифоят ҳама ҳастанд муҳаққиқ

ارباب کفایت همه هستند محقق

Зеро ки ба таҳқиқи туе муфаххари эшон

زیرا که به‌تحقیق تویی مفخر ایشان

Нури рухи зувворӣу инси дили аҳрор

نور رخ زواری و انس دل احرار

Ҷони тани аҳбобӣу тоҷи сари ихвон

جان تن احبابی و تاجِ سرِ اخوان

Дар чанбари фармон ту оварад фалаки сар

در چنبر فرمان تو آورد فلک سر

То ҳашар сараш ҳаст дар он чанбари фармон

تا حشر سرش هست در آن چنبر فرمان

Ҳар хок ки зери қадами хеши супурдӣ

هر خاک که زیر قدم خویش سپردی

Ҳар зарра аз он хок бишуд афсари кайвон

هر ذره از آن خاک بشد افسر کیوان

Ҳар ков ба хилоф ту занад хаймаи нусрат

هر کاو به خلاف تو زند خیمهٔ نصرت

Гардун занад андари дил ӯ нашутур хизлон

گردون زند اندر دل او نشتر خذلان

Шуд пайкари бадхоҳи зи пайкони ту борӣк

شد پیکر بدخواه ز پیکان تو باریک

Пайкон ту додаст бадви пайкари шайтон

پیکان تو دادست بدو پیکر شیطان

Гар ҳеҷ касе дафтари эҳсони бинависад

گر هیچ کسی دفتر احسان بنویسد

Ном ту кунад фотиҳаи дафтари эҳсон

نام تو کند فاتحهٔ دفتر احسان

Ороиши девони зи мдиҳ ту фазояд

آرایش دیوان ز مدیح تو فزاید

Зеро ки мдиҳи ту буд зевари девон

زیرا که مدیح تو بود زیور دیوان

Аз мадҳи ту фахри орм ва аз меҳри ту нозам

از مدح تو فخر آرم و از مهر تو نازم

Ҳарчанд манам шоири мдҳтгри султон

هرچند منم شاعر مدحتگر سلطان

Бе меҳри туу мадҳи ту ҳаргиз наздам дам

بی ‌مهر تو و مدح تو هرگز نزدم دم

Кони ҷуфт хирад дорам ва ин ҳамбар имон

کان جفت خرد دارم و این همبر ایمان

То об гўорндаҳ набошад бар молик

تا آب گوارنده نباشد بر مالک

То озар сӯзанда набошад бар ризвон

تا آذر سوزنده نباشد بر رضوان

Фармонати равои бод чаҳ дар малик ва чаҳ дар дайн

فرمانت روا باد چه در ملک و چه در دین

Ва иқбол ба ҳар вақти туро чокари фармон

و اقبال به هر وقت تو را چاکر فرمان

Хуррам шуда аз ҳишмати ту маҷлиси аҳрор

خرم شده از حشمت تو مجلس احرار

Равшан шуда аз талъати ту маҳзари некон

روشن شده از طلعت تو محضر نیکان