Марои гузар ба сӯии кӯии ёр бояд кард

مرا گذر به‌سوی کوی یار باید کرد

Здидаҳ бар сркўиши нисор бояд кард

زدیده بر سرکویش نثار باید کرد

Чу дар фитод ба доми оннигор сими андом

چو در فتاد به‌دام آن نگار سیم اندام

Се бӯса аз ду лаб ӯ шикор бояд кард

سه بوسه از دو لب او شکار باید کرد

Чу васл бар сари кӯй устувор хоҳад шуд

چو وصل بر سر کوی استوار خواهد شد

Дар сарой ба қуфли устувор бояд кард

‌در سرای به قفل استوار باید کرد

Ҳамаи ҳадиси самоъу шароби боидгФт

همه حدیث سماع و شراب بایدگفت

Ҳамаи ҳикояти бӯси вкнори боидкрд

همه حکایت بوس وکنار بایدکرد

Вагар ба вақти сабӯҳ аз хумор бошад ранҷ

وگر به وقت صبوح از خمار باشد رنج

Шаробу бӯсаи алоҷи хумор бояд кард

شراب و بوسه علاج خمار باید کرد

Чу ёр нест ба даст орзӯаст инки маро

چو یار نیست به دست آرزوست اینکه مرا

Нахусти бории тадбири ёр бояд кард

نخست باری تدبیر یار باید کرد

Шафиъ бояд бурдан магар бисозад ёр

شفیع باید بردن مگر بسازد یار

Чу ёр сохта шуд созгор бояд кард

چو یار ساخته شد سازگار باید کرد