Мубораки боду маймуни боду хуррам

مبارک باد و میمون باد و خرم

Ҳумоюни халъати султони олам

همایون خلعت سلطان عالم

Балии худ халъати султони бҳрҳол

بلی خود خلعت سلطان بهرحال

Муборак бошаду маймуну хуррам

مبارک باشد و میمون و خرم

Турои беруни зи ташрифи шаҳаншоҳ

ترا بیرون ز تشریف شهنشاه

Ки ҳаду қадар он корӣаст муаззам

که حد و قدر آن کاریست معظم

Наёрад дод гардуни ҳеҷ давлат

نیارد داد گردون هیچ دولت

Ки на қадараш буд аз қадари ту кам

که نه قدرش بود از قدر تو کم

Аё дар амри ту таъҷили мзмр

ایا در امر تو تعجیل مضمر

Ва ё дар наҳй ту тохири мдғм

و یا در نهی تو تاخیر مدغم

Мақдами аҳд ва дар давлати мؤхр

مقدم عهد و در دولت مؤخر

Мؤхри аҳд ва дар фармони мақдам

مؤخر عهد و در فرمان مقدم

Фалакро қадари ту волои зъолӣ

فلک را قدر تو والا ذعالی

Ҷаҳонро ҳзми ту бунёди муҳкам

جهان را حزم تو بنیاد محکم

Кунад амни ту оби фитнаи тира

کند امن تو آب فتنه تیره

Кунад саҳми ту сури Зуҳраи мотам

کند سهم تو سور زهره ماتم

Замини тоби Аннан ту надорад

زمین تاب عنان تو ندارد

Чаҳ ҷой ин ҳадисаст осмони ҳам

چه جای این حدیثست آسمان هم

Ситам то пои адлат дар миёни баст

ستم تا پای عدلت در میان بست

Ниҳодаст аз таҳайюри даст бар ҳам

نهادست از تحیر دست بر هم

Кафатро хостами гуфтани зиҳии абр

کفت را خواستم گفتن زهی ابر

Дилатро хостами гуфтани зиҳӣ ӣам

دلت را خواستم گفتن زهی یم

Қазои гуфто мъозоллаҳ магӯ ин

قضا گفتا معاذالله مگو این

Ки моро андарин ҳкмисти мулзам

که ما را اندرین حکمیست ملزم

Дилашро гуфтаам ақли муҷаррад

دلش را گفته‌ام عقل مجرد

Кафшро гуфтаам ҷӯади муҷассам

کفش را گفته‌ام جود مجسم

Ба қудрати осмонӣ зон замин шуд

به قدرت آسمانی زان زمین شد

Тасарруфҳои калакатро мусаллам

تصرفهای کلکت را مسلم

зи калак бе қарори тести гӯйӣ

ز کلک بی‌قرار تست گویی

Қарори малики стони муаззам

قرار ملک سطان معظم

Набошад мунтазам бе калаки ту малик

نباشد منتظم بی‌کلک تو ملک

Ҳадис рустамасту Рахши рустам

حدیث رستمست و رخش رستم

Ба калаку рой дар малик он кунӣ ту

به کلک و رای در ملک آن کنی تو

Ки дар умр он накардаст аз кафу дам

که در عمر آن نکردست از کف و دم

Ба эъҷози Асои Мӯсои умрон

به اعجاز عصا موسی عمران

Ба эҷоби дуои исои Марям

به ایجاب دعا عیسی مریم

Чаҳ андари садри ту девони тғрӣ

چه اندر صدر تو دیوان طغری

Чаҳ андари дасти девони хотами ҷам

چه اندر دست دیوان خاتم جم

Туе каз фатҳи боби даст ту ҳаст

تویی کز فتح باب دست تو هست

Ҳамеша хшксоли озро нам

همیشه خشکسال آز را نم

Ҷароҳатҳои осеби фалак ро

جراحتهای آسیب فلک را

зи дорухонаи халқи ту марҳам

ز داروخانهٔ خلق تو مرهم

Ҳамаи исломи родри роҳату ранҷ

همه اسلام رادر راحت و رنج

Ҳамаи офоқро дар шодӣу ғам

همه آفاق را در شادی و غم

Баради Яман аз яминати нӯки хома

برد یمن از یمینت نوک خامه

Диҳад иср аз ясорати нақши хотам

دهد یسر از یسارت نقش خاتم

Чу ту дар даври одам кас надидаст

چو تو در دور آدم کس ندیدست

Карими ибни карӣмӣ то ба одам

کریم ابن کریمی تا به آدم

Ғарази зоти ту буд арнаҳ нагаштӣ

غرض ذات تو بود ارنه نگشتی

Банӣ одам ба крмнои макрам

بنی‌آدم به کرمنا مکرم

Баёнам ҳаст аз васфи ту оҷиз

بیانم هست از وصف تو عاجز

Забонам ҳаст дар наъти ту абкм

زبانم هست در نعت تو ابکم

Сухан кӯтоҳ шудгар рости хоҳӣ

سخن کوتاه شد گر راست خواهی

Туе монанди ту валлоҳи аълам

تویی مانند تو والله اعلم

Ало то аз хами гардун бурун нест

الا تا از خم گردون برون نیست

На субҳи ашҳб ва на шоми адҳам

نه صبح اشهب و نه شام ادهم

Мабодои субҳи таъйиди турои шом

مبادا صبح تایید ترا شام

Мабодои пушти иқболи турои хам

مبادا پشت اقبال ترا خم

Абад бо муддати умрати ҳам овоз

ابد با مدت عمرت هم آواز

Чу аз рӯй таносуби зер бо Бам

چو از روی تناسب زیر با بم

Каминаи посбонати бахти бедор

کمینه پاسبانت بخت بیدار

Фурӯтар боргоҳати чархи аъзам

فروتر بارگاهت چرخ اعظم