Арсаи мамлакати ғӯр чаҳ номаҳдӯдаст
عرصهٔ مملکت غور چه نامحدودست
Ки дар он арсаи чунон лашкари номъдўдст
که در آن عرصه چنان لشکر نامعدودست
Равнақи малики сулаймон паямбар дорад
رونق ملک سلیمان پیمبر دارد
Арақи султон чаҳ аҷаб каз насаб Довӯдаст
عرق سلطان چه عجب کز نسب داودست
Чашми бади давр ки бас мунтазамаст он давлат
چشم بد دور که بس منتظم است آن دولت
Ореи он давлатро мунтазамӣ маъҳудаст
آری آن دولت را منتظمی معهودست
эй бародари суханӣ рост бихоҳам гуфтан
ای برادر سخنی راست بخواهم گفتن
Ростии беҳтар то Фостқм андар ҳудаст
راستی بهتر تا فاستقم اندر هودست
Ақл донад ки муҳайё ба вуҷӯд ду касаст
عقل داند که مهیا به وجود دو کسست
Ҳарчӣ аз назми вази тартиб дарав мавҷӯдаст
هرچه از نظم وز ترتیب درو موجودست
Аз яке бозуии исломи ҳамаи солаи қавӣ
از یکی بازوی اسلام همه ساله قوی
Ваз дигар толеъи давлат абадан масъӯдаст
وز دگر طالع دولت ابدا مسعودست
Гавҳари теғи зФрпишаҳи ин аз фатҳ аст
گوهر تیغ ظفرپیشهٔ این از فتح است
Ҳайати дасти гуҳари густари он аз ҷўдст
هیات دست گهر گستر آن از جودست
Мардӣу мардумӣ аз ҳар ду чунон мунташираст
مردی و مردمی از هر دو چنان منتشرست
Ки шуъоъ аз мау ранг аз гулу буи аз авдаст
که شعاع از مه و رنگ از گل و بوی از عودست
Фазлаи маҷлиси эшон чу ба яғмо доданд
فضلهٔ مجلس ایشان چو به یغما دادند
Гуфт ризвон бар мо чист ҳамин мавъӯдаст
گفت رضوان بر ما چیست همین موعودست
Ҳарчӣ дар малик ҷаҳонаст чаҳ зоҳир чаҳ хФӣ
هرچه در ملک جهانست چه ظاهر چه خفی
Ҳама дар нисбати ин ҳар ду назар мардӯдаст
همه در نسبت این هر دو نظر مردودست
Теғашонгар уфуқ субҳ шавад ғӯта хӯрд
تیغشان گر افق صبح شود غوطه خورد
Дар замини зилли замин инак абадан ммдўдст
در زمین ظل زمین اینک ابدا ممدودست
Хасми давлатро чун авди сияҳ сӯхта анд
خصم دولت را چون عود سیه سوختهاند
Кори давлат чаҳ аҷаби сохтагар чун авдаст
کار دولت چه عجب ساخته گر چون عودست
Бар тамомии ҳасади ҳосид агар бинад кас
بر تمامی حسد حاسد اگر بیند کس
Чархро ин ба бақои он ба улувва маҳсудаст
چرخ را این به بقا آن به علو محسودست
Нест алқсаҳи камолӣ ки на ҳосил доранд
نیست القصه کمالی که نه حاصل دارند
Ҷузи қадам зонка қадӣмӣ сифат маъбудаст
جز قدم زانکه قدیمی صفت معبودست
Бо хирад гуфтам к-эии ғояту мақсӯди ҷаҳон
با خرد گفتم کای غایت و مقصود جهان
Нест чизе ки ба наздики ту он мафқудаст
نیست چیزی که به نزدیک تو آن مفقودست
Кистанд ин ду худованд ба таъйин бинмоӣ
کیستند این دو خداوند به تعیین بنمای
Ки фалони ғояти ин шеър ва фалон мақсӯдаст
که فلان غایت این شعر و فلان مقصودست
Гуфт аз ин ҳар ду яке ҷуз ки шаҳоб аддӣн нест
گفت از این هر دو یکی جز که شهابالدین نیست
Гуфтам он дигари гуфто ҳасан Маҳмӯдаст
گفتم آن دیگر گفتا حسن محمودست
Гуфтам ағлўтаҳи мадаи ин чаҳ дуе бошад гуфт
گفتم اغلوطه مده این چه دویی باشد گفت
Дуе ақл ки ҳам шоҳид ва ҳам машҳӯдаст
دویی عقل که هم شاهد و هم مشهودست
Дайрмон эй ба камолӣ ки дар оғози вуҷӯд
دیرمان ای به کمالی که در آغاز وجود
Бар вуҷӯд чу туе роҳ дуе масдӯдаст
بر وجود چو تویی راه دویی مسدودست
Мулкӣ аз ҳасри буруни бодату умрӣ аз ҳад
ملکی از حصر برون بادت و عمری از حد
Гарчи дар олами маҳсӯр бақо маҳдӯдаст
گرچه در عالم محصور بقا محدودست
Холӣ аз вирди санои ту мабодои суханӣ
خالی از ورد ثنای تو مبادا سخنی
То қаламро чу забони вирди сухани мўрўдст
تا قلم را چو زبان ورد سخن مورودست