эй зи рои ту малику дайни маъмур
ای ز رای تو ملک و دین معمور
Шаби ин рӯзу мотами он сур
شب این روز و ماتم آن سور
Ҳомили ҳрзи номаи амрат
حامل حرز نامهٔ امرت
Содиру вориди сабоу дбўр
صادر و وارد صبا و دبور
Давлати ту чу зикри ту боқӣ
دولت تو چو ذکر تو باقی
Рояти ту чу номи ту Мансур
رایت تو چو نام تو منصور
Калаки ту шаръи маликро муфтӣ
کلک تو شرع ملک را مفتی
Дасти ту ганҷи ризқро ганҷур
دست تو گنج رزق را گنجور
Сади ҳзми турои метанати қоф
سد حزم ترا متانت قاف
Нури рои турои таҷаллии тавр
نور رای ترا تجلی طور
Шокири ҳифзи сояи адлат
شاکر حفظ سایهٔ عدلت
Сокину соири вуҳушу туюр
ساکن و سایر وحوش و طیور
Ҳарами ҳурмати ту шояд буд
حرم حرمت تو شاید بود
Ки мФрӣ буд зи сояу нур
که مفری بود ز سایه و نور
Карам аз файз дастат оварда
کرم از فیض دستت آورده
Дар ҷаҳони расми ризқро мақдӯр
در جهان رسم رزق را مقدور
Ҳркҷои савлатати фишурдаи қадам
هرکجا صولتت فشرده قدم
Зӯри бозуии осмон шудаи зӯр
زور بازوی آسمان شده زور
Фитнаро аз кулоҳи гӯшаи ҷоҳ
فتنه را از کلاه گوشهٔ جاه
Карда дар домани фанои мастур
کرده در دامن فنا مستور
Додӣ аз рӯзгори душману дӯст
دادی از روزگار دشمن و دوست
Рӯзу шабро ҷаҳони мотаму сур
روز و شب را جهان ماتم و سور
Бо равои ту рӯзи номаърӯф
با روای تو روز نامعروف
Бо вуқуфи ту рози номастур
با وقوف تو راز نامستور
Бӯда онҷо ки зикри ҳомили зикр
بوده آنجا که ذکر حامل ذکر
Ҳамаи оёти шани ту машҳур
همه آیات شان تو مشهور
Осмонӣ ки дар ъиноди вғлў
آسمانی که در عناد وغلو
Ҳеҷ хасм ту нест ҷузи мақҳур
هیچ خصم تو نیست جز مقهور
Офтобӣ ки дар низоми ҷаҳон
آفتابی که در نظام جهان
Ҳеҷ саъй ту нест мшкўр
هیچ سعی تو نیست مشکور
На қазоӣ ки дар масолеҳи кул
نه قضایی که در مصالح کل
Муншии рой ту диҳад маншур
منشی رای تو دهد منشور
Азми ту туамон тақдираст
عزم تو توامان تقدیرست
Ки набошад дарави маҷоли Фтўр
که نباشد درو مجال فتور
Гар диҳад дар диёри обу ҳаво
گر دهد در دیار آب و هوا
Меҳдии адли ту қарори умӯр
مهدی عدل تو قرار امور
Ҷавшан кӣна баркашад моҳӣ
جوشن کینه برکشد ماهی
Камари ҳамлаи бугсалади занбӯр
کمر حمله بگسلد زنبور
Ҳарчӣ дар силки ҳал ва ақд кашад
هرچه در سلک حل و عقد کشد
Калакати он олимии бадви маъмур
کلکت آن عالمی بدو معمور
ё буд канаи фикрати хусрав
یا بود کنه فکرت خسرو
ё буд сари синаи дастур
یا بود سر سینهٔ دستور
Мавқиф ҳашар чист боргаҳат
موقف حشر چیست بارگهت
Дар ӯ дар срири нойиби сувар
در او در صریر نایب صور
Каз адами куштагони ҳодиса ро
کز عدم کشتگان حادثه را
Мтслсл ҳаме кунад маҳшур
متسلسل همی کند محشور
Доманатгар сипеҳр бӯса диҳад
دامنت گر سپهر بوسه دهد
Нанишинад бирав ғубори ғурур
ننشیند برو غبار غرور
Ба худоӣ ар ба малик кун занад
به خدای ار به ملک کون زند
Қулзуми ҳиммати ту мавҷи сарвар
قلزم همت تو موج سرور
Гарчи андари сабои ҳазрати ту
گرچه اندر سبای حضرت تو
Бод ва деванд мсръу муздур
باد و دیوند مسرع و مزدور
Нашавад ҳуши ту сулаймони вор
نشود هوش تو سلیمانوار
Ба чунон бори номҳо мағрур
به چنان بار نامها مغرور
Нашав тӯбо на он ҳаво дорад
نشو طوبی نه آن هوا دارد
Ки тағайюри пазирад аз боҳур
که تغیر پذیرد از باحور
Табъ ғӯрааст онкии ранги Рахш
طبع غوره است آنکه رنگ رخش
Ба таъаддии бигардад аз ангур
به تعدی بگردد از انگور
Нафаси ту муътадил мизоҷӣ нест
نفس تو معتدل مزاجی نیست
Каз туф кибриё шавад мҳрўр
کز تف کبریا شود محرور
Рӯ ки комилтар аз ту мард назод
رو که کاملتر از تو مرد نزاد
Модари даҳр дар сарвару шарӯр
مادر دهر در سرور و شرور
Лоф мардӣ занад ҳасуд валек
لاف مردی زند حسود ولیک
Номи зангии басӣ буд кофур
نام زنگی بسی بود کافور
Муътадили ҷоҳи бодӣ аз паии онк
معتدل جاه بادی از پی آنک
Ба бақо эътидол шуд мазкӯр
به بقا اعتدال شد مذکور
эй бақои турои хавоси давом
ای بقای ترا خواص دوام
Ваии атои турои лузӯми вуфӯр
وی عطای ترا لزوم وفور
Вонкаҳи ман банда бӯдаам на ба ком
وانکه من بنده بودهام نه به کام
Муддатии дайр аз ин саодати давр
مدتی دیر از این سعادت دور
Вена ки дар кунҷи кулбае имрӯз
وین که در کنج کلبهای امروز
Бар фироқи туам чу санги сабур
بر فراق توام چو سنگ صبور
То бадоне ки ихтиёрӣ нест
تا بدانی که اختیاری نیست
Худ мухайяри куҷо буд маҷбур
خود مخیر کجا بود مجبور
Ба худоӣ ки аз машйат ӯст
به خدایی که از مشیت اوست
Ранҷи ранҷури вшодии масрур
رنج رنجور وشادی مسرور
Ки маро дар ҳама ҷаҳон ҷонӣаст
که مرا در همه جهان جانیست
Ваон зи ҳурмони хизматати ранҷур
وان ز حرمان خدمتت رنجور
Аз чунин маҷлис эй нафир аз бахт
از چنین مجلس ای نفیر از بخت
То чаро дорадам ҳамеша нФўр
تا چرا داردم همیشه نفور
эй дариғо агар бизоъати ман
ای دریغا اگر بضاعت من
Айб қиллат надорадӣу қусӯр
عیب قلت نداردی و قصور
То аз ин сон ки фарти ахлосист
تا از این سان که فرط اخلاصیست
Хати қурбати бёбмии мўФўр
خط قربت بیابمی موفور
То зи умри он қадар ки моя диҳанд
تا ز عمر آن قدر که مایه دهند
Кунамӣ бар санои ту мқсўр
کنمی بر ثنای تو مقصور
Гарчи зонҷо ки сидқ бандагӣаст
گرچه زانجا که صدق بندگیست
Нестам назд хештани маъзӯр
نیستم نزد خویشتن معذور
Чаҳ кунам дар судӯри аҳли замон
چه کنم در صدور اهل زمان
эй бисоти ту бардаи оби судӯр
ای بساط تو برده آب صدور
Суханами дилпазиртар з лақост
سخنم دلپذیرتر ز لقاست
Ғайбатами хушгувортар зи ҳузур
غیبتم خوشگوارتر ز حضور
Ҳоли ман банда дар мамолик ҳаст
حال من بنده در ممالک هست
Ҳлои он яхи фуруши Найшобӯр
حلا آن یخفروش نیشابور
Аз чаҳ бардоштами ҳисоби мурод
از چه برداشتم حساب مراد
Кон нашуд чун ҳисоби зарби ксўр
کاننشد چون حساب ضرب کسور
Чун садаф то ки як нафас назанам
چون صدف تا که یک نفس نزنم
Бо каломӣ чу лؤлؤи мансур
با کلامی چو لؤلؤ منثور
Ҳар дарии нистнм чу гурбаи рас
هر دری نیستنم چو گربهٔ رس
Шояд ар нестам чу саги соҷўр
شاید ار نیستم چو سگ ساجور
Саги қассоби ҳирсро арзад
سگ قصاب حرص را ارزد
Устихони реза бар қафои сотўр
استخوان ریزه بر قفا ساطور
Ҷуръаи ҷоми ҷӯад агар бихӯрам
جرعهٔ جام جود اگر بخورم
Накунад дарди миннатами махмур
نکند درد منتم مخمور
Мард бош эй ҳамияти қонеъ
مرد باش ای حمیت قانع
Хоки хур эй табиати озўр
خاک خور ای طبیعت آزور
Подшоҳам ба нутқ давр машав
پادشاهم به نطق دور مشو
Шӯ бипурс аз қасоиди дастур
شو بپرس از قصاید دستور
Омадам бо сухан ки натавон кард
آمدم با سخن که نتوان کرد
Аз ҷуволи шараи буруни тнбўр
از جوال شره برون طنبور
Духтаронанд хотирамро бикр
دخترانند خاطرم را بکر
Ҳамаи бошаклу бошамоили ҳур
همه باشکل و باشمایل حور
Дар шабистони рӯзгори ъзб
در شبستان روزگار عزب
Дар мулоқоту инбисоти ҳзўр
در ملاقات و انبساط حذور
Ҳмҳрои ъзу нисбати ту ҷҳоз
همهرا عز و نسبت تو جهاز
Ҳама бар нақшу сояи ту ғаюр
همه بر نقش و سایهٔ تو غیور
Дрнгргар кроӣ хутба кунад
درنگر گر کرای خطبه کند
Макун аз илтифоташони маҳҷӯр
مکن از التفاتشان مهجور
эй баҷое ки ҳарчӣ ту гӯйӣ
ای بجایی که هرچه تو گویی
Шуд бар авроқи осмони мстўр
شد بر اوراق آسمان مسطور
Назарӣ кун ба ман чунонкӣ кунанд
نظری کن به من چنانکه کنند
То бидон тарбияти шӯри манзур
تا بدان تربیت شور منظور
То фалаки тӯл даҳр паймоед
تا فلک طول دهر پیماید
Ба зроъи синӣну шбри шҳўр
به ذراع سنین و شبر شهور
Аз синӣну шҳўри даври ту бод
از سنین و شهور دور تو باد
Тӯли айёму имтидоди дҳўр
طول ایام و امتداد دهور
Рӯзи иқболи ту чу даври сипеҳр
روز اقبال تو چو دور سپهر
Ҷовдони фориғ аз ҳиҷоби зуҳӯр
جاودان فارغ از حجاب ظهور
Шаби хасми ту то ба субҳи обад
شب خصم تو تا به صبح آبد
Чун шаби ним куштагони диҷўр
چون شب نیمکشتگان دیجور
Суханати ҳуҷҷату қазои мулзам
سخنت حجت و قضا ملزم
Қаламати омиру ҷаҳони маъмур
قلمت آمر و جهان مامور