Навбати ҳасани турои лутфи тугар панҷ кунад

نوبت حسن ترا لطف تو گر پنج کند

Ишқи ту хоки талаф бар сар ҳар ганҷ кунад

عشق تو خاک تلف بر سر هر گنج کند

Қибла рӯй турои ҳаркии шабии баради намоз

قبلهٔ روی ترا هرکه شبی برد نماز

Чори такбир дигар рӯз бар ин панҷ кунад

چار تکبیر دگر روز بر این پنج کند

Наргиси масти ту ҳушёртарин мурғӣ ро

نرگس مست تو هشیارترین مرغی را

Сина чун нор кунад чеҳра чу норанҷ кунад

سینه چون نار کند چهره چو نارنج کند

Ақл бар сахти лабатро ба сухан гуфт ин аст

عقل بر سخت لبت را به سخن گفت این است

Зонка дар маҳди ҳамеи Тифли сухан санҷ кунад

زانکه در مهد همی طفل سخن‌سنج کند

Руху асбии бунаади рӯзу рахтро он кас

رخ و اسبی بنهد روز و رخت را آن‌کس

Каз маи як шабаҳ ҳар маи рух шатранҷ кунад

کز مه یک شبه هر مه رخ شطرنج کند

Ғаму ранҷи ту агар ному нишонами бабрад

غم و رنج تو اگر نام و نشانم ببرد

Беғам ва ранҷ мабодам агарам ранҷ кунад

بی‌غم و رنج مبادم اگرم رنج کند

Доман чун ту парии даст гуҳар гираду бас

دامن چون تو پری دست گهر گیرد و بس

Вои онкас ки тамаъ дар ту ба нирнҷ кунад

وای آنکس که طمع در تو به نیرنج کند

Хониш
ғзл шморҳ 124 — ъндлӣб