Маъшӯқи дили бабраду ҳамеи қасд дайн кунад

معشوق دل ببرد و همی قصد دین کند

Бо ошноу дӯст касе ин чунин кунад

با آشنا و دوست کسی این‌چنین کند

Чун дар рикоби аҳд ва вафо меравад дилам

چون در رکاب عهد و وفا می‌رود دلم

Беҳудааст ҷавру ҷафо чанд зин кунад

بیهوده است جور و جفا چند زین کند

Дили пӯстин ба гозр ғам доду турфаи онк

دل پوستین به گازر غم داد و طرفه آنک

Рӯзу шабам ҳануз ҳаме пӯстин кунад

روز و شبم هنوز همی پوستین کند

Гуяд ки доман аз туу аҳди ту дркшм

گوید که دامن از تو و عهد تو درکشم

То ишқи ман сазои ту дар остин кунад

تا عشق من سزای تو در آستین کند

Аз осмон то ба замин миннатаст агар

از آسمان تا به زمین منت است اگر

Бо ин ва он ҳадиси ман андар замин кунад

با این و آن حدیث من اندر زمین کند

Чизе дигар ҳаме нашиносам дарин ҷузи онк

چیزی دگر همی نشناسم درین جز آنک

Бории гумони халқ ба як раҳ яқин кунад

باری گمان خلق به یک ره یقین کند

Брих навишт номи вафои конўрӣ чаро

بریخ نوشت نام وفا کانوری چرا

Номами зи баҳри мартабаи нақш нигин кунад

نامم ز بهر مرتبه نقش نگین کند

Хониш
ғзл шморҳ 126 — ъндлӣб