Ишқ ҳар меҳнатӣ ба рӯй орад
عشق هر محنتی به روی آرد
Макун эй дили ?герат наме хорад
مکن ای دل گرت نمیخارد
Ваз чаҳ рӯят ҳаме шавад ғами ишқ
وز چه رویت همی شود غم عشق
Рӯй саркаш ки рӯй ин дорад
روی سرکش که روی این دارد
Домани офияти зи дасти мада
دامن عافیت ز دست مده
То ба дасти балоти нспорд
تا به دست بلات نسپارد
Гӯйии андари канор васл шавам
گویی اندر کنار وصل شوم
То шӯйгар фироқи бигузорад
تا شوی گر فراق بگذارد
Васли ҳам нозмўдаҳ эй ки ба лутф
وصل هم نازمودهای که به لطف
Хӯни бирезад ки мӯии нозорд
خون بریزد که موی نازارد
Мрдбинӣ ки рӯзи васл чу шамъ
مردبینی که روز وصل چو شمع
Дар ту механдад ашк май борад
در تو میخندد اشک میبارد
Гири комрўзи васл доғат кард
گیر کامروز وصل داغت کرد
Ҳиҷри доғи фироқи бози орад
هجر داغ فراق باز آرد
Барграфтам шумори ишқи он ба
برگرفتم شمار عشق آن به
Ки туро аз шумор нишморад
که ترا از شمار نشمارد