Ба худоӣ ки аз камони қазо
به خدایی که از کمان قضا
Тири тақдирро равон кардаст
تیر تقدیر را روان کردست
Чашмаи офтоби рахшон ро
چشمهٔ آفتاب رخشان را
Хозини нақд осмон кардаст
خازن نقد آسمان کردست
Каз наҳифӣу нотавонӣу заъф
کز نحیفی و ناتوانی و ضعف
Даврам аз рӯй ту чунон кардаст
دورم از روی تو چنان کردست
Ки марои давр бӯдан аз рӯят
که مرا دور بودن از رویت
Ҳарчӣ гӯям фузун аз он кардаст
هرچه گویم فزون از آن کردست
Натавон шарҳ дод онкии маро
نتوان شرح داد آنکه مرا
Ғами ҳиҷри ту бар чаҳ сон кардаст
غم هجر تو بر چه سان کردست