Дилами зи кафи сари зулфи туро раҳо накунад
دلم ز کف سر زلف تو را رها نکند
Дил аз каманди ту ворастагӣ худо накунад
دل از کمند تو وارستگی خدا نکند
Агарчӣ хӯни маро бегунаҳ бирехт валек
اگرچه خون مرا بیگنه بریخت ولیک
Касе мутолиба аз ёри хӯн баҳо накунад
کسی مطالبه از یار خونبها نکند
Ҳар онкӣ аз кафи маъшӯқ ҷом ме гирад
هر آنکه از کف معشوق جامِ می گیرد
Назар ба ҷониби ҷоми ҷаҳон намо накунад
نظر به جانب جام جهاننما نکند
Бсухт сина надидам асари зи оҳи саҳар
بسوخت سینه ندیدم اثر ز آه سحر
зи ман гузашт , касе баъд аз ин дуо накунад
ز من گذشت، کسی بعد از این دعا نکند
Ба булбулони чаман аз забон ман гуед
به بلبلان چمن از زبان من گویید
Ба хоби нози гулами рафтаи кас садо накунад
به خواب ناز گلم رفته کس صدا نکند
Ту бӯсаи даҳ ки миннати ҷон нисор хоҳам кард
تو بوسه ده که مَنَت جان نثار خواهم کرد
Касе муомилаи беҳтар аз ин ду то накунад
کسی معامله بهتر از این دو تا نکند
БгФтмш ки дилати ҷой ориф аст бигуфт
بگفتمش که دلت جای عارف است بگفت
Касе ба дайри шаҳони фарш бӯрё накунад
کسی به دیر شهان فرش بوریا نکند