Ба рағми чашми ту бе пои ман аз шароб шудам
به رغم چشم تو بیپا من از شراب شدم
Худо хароб кунад хонаи ?ут хароб шудам
خدا خراب کند خانهات خراب شدم
Фурухт хирқау шайхи оби оташин май хост
فروخت خرقه و شیخ آب آتشین میخواست
Миёни майкадаи ман аз хиҷолат об шудам
میان میکده من از خجالت آب شدم
зи дасти ҳиҷри ту лабрез гиряам чаҳ кунам
ز دست هجر تو لبریزِ گریهام چه کنم
зи пой то сару сар то ба по саҳоб шудам
ز پای تا سر و سر تا به پا سحاب شدم
Чу моҳ рӯй ту аз абри зулф берун шуд
چو ماه روی تو از ابر زلف بیرون شد
Қисм ба мӯии ту безори з офтоб шудам
قسم به موی تو بیزار ز آفتاب شدم
Маро дар оташ ҳиҷрон гудохтӣ як умр
مرا در آتش هجران گداختی یک عمر
Чаҳ шуд ки ин ҳамаи мустуҷиб азоб шудам
چه شد که این همه مستوجب عذاب شدم
Агарчӣ бегунаҳам мекашад валек хушам
اگرچه بیگنهم میکشد ولیک خوشم
Ки дар ъдоди шаҳидонаш интихоб шудам
که در عداد شهیدانش انتخاب شدم
Савол кард зи ман : ориф аз парии рӯйон
سؤال کرد ز من: عارف از پریرویان
Вафо чаҳ дидӣ ? ман оҷиз аз ҷавоб шудам
وفا چه دیدی؟ من عاجز از جواب شدم