зи бас ба зулфи ту дил бар сари дили афтода

ز بس به زلفِ تو دل بر سرِ دل افتاده

Гузори шона бар он турраи мушкили афтода

گذارِ شانه بر آن طُرّه مشکل افتاده

зи фирқаи бозии аҳзоби дил дар он сари зулф

ز فرقه‌بازیِ اَحزابِ دل در آن سرِ زلف

Чаҳ кашмакаш ки миёни ману дили афтода

چه کشمکش که میانِ من و دل افتاده

Дилам бсухт ки бар сӯрати ту холи сиёҳ

دلم بسوخت که بر صورتِ تو خالِ سیاه

Ба сони миллати маҳкӯми ҷоҳили афтода

به سانِ ملّتِ محکومِ جاهل افتاده

Бисӯз аз оташи рухи ин ҳиҷоб ва рӯй намо

بسوز از آتشِ رخ این حجاب و روی نما

Ту ҷон бихоҳ ки ҷони ғайри қобили афтода

تو جان بخواه که جان غیر قابل افتاده

зи бас ки хӯни зи ғамати рехтам ба дил аз чашм

ز بس که خون ز غمت ریختم به دل از چشم

Дилам чу ғарқаи зи дарё ба соҳили афтода

دلم چو غرقه ز دریا به ساحل افتاده

Ба ҷузи ҷунуни набарди раҳ ба сӯии каъбаи ишқ

به جز جنون نَبَرَد رَه به سوی کعبهٔ عشق

Ки бори ақл дар ин роҳ бар гули афтода

که بارِ عقل در این راه بر گل افتاده

Гирифтаи нури ҷаҳони тоби илми оламу шайх

گرفته نورِ جهان‌تابِ علم عالَم و شیخ

Паии мубоҳиса бе далоили афтода

پیِ مُباحِثهٔ بی‌دلایل افتاده

Спрдмт ба рақибон ва бо ту корам нест

سپردمت به رقیبان و با تو کارم نیست

Аз онкии кор ба дасти арозили афтода

از آنکه کار به دست اراذل افتاده

Ту ҳарҷу мараҷии дарбори ишқи байн , ориф

تو هرج و مرجیِ دربارِ عشق بین، عارف

Миёни ин ҳамаи девонаи оқили афтода

میانِ این همه دیوانه عاقل افتاده