Май хостӣ дигар чаҳ кунад кард ё накард

می‌خواستی دگر چه کند کرد یا نکرد

Мардум , қаҷар ба мардуми Эрон чаҳ ҳо накард

مردم، قَجَر به مردمِ ایران چه‌ها نکرد

эй кӯри дидаи мардуми худбин бе хирад

ای کور دیده مردم خودبین بی‌خرد

Гар нек бингаред ба ҷузи бад ба мо накард

گر نیک بنگرید به جز بد به ما نکرد

Бо қайди илтизоми хиёнат ба мамлакат

با قیدِ اِلتِزام خیانت به مملکت

Ин по ба сари хатоу хиёнат хато накард

این پا به سر خطا و خیانت خطا نکرد

Бегонаро ба хонаи ду сад имтиёз дод

بیگانه را به خانه دو صد امتیاز داد

Дар хонаи боз дар ба рух ошно накард

در خانه باز در به رخ آشنا نکرد

Шоҳаншаҳии давра ксро намӯд каср

شاهنشهیِ دورهٔ کسرا نمود کسر

То сифр зон зиёд ба ғайр аз гадо накард

تا صفر زان زیاد به غیر از گدا نکرد

Ориф чаҳ шуд ки Сайиди зёи ончиро ки дил

عارف چه شد که سید ضیا آنچه را که دل

намекард орзӯ , натавонист ё накард

می‌کرد آرزو، نتوانست یا نکرد

Не шаҳ гирифт неи ду тан ашроф зад ба дор

نی شه گرفت نی دو تن اشراف زد به دار

Гар гӯямаш ки бадтар аз ин кард ё накард

گر گویمش که بدتر از این کرد یا نکرد