зи ишқи оташи парвизи ончунон тез аст
ز عشق آتشِ پرویز آنچنان تیز است
Ки як шарораи сӯзони савор шабдиз аст
که یک شَرارهٔ سوزان سوارِ شَبدیز است
Савори бод чу оташ шавад куҷои муҳтоҷ
سوارِ باد چو آتش شود کجا محتاج
Дигар ба неш рикобасту нӯк маҳмиз аст
دگر به نیشِ رکاب است و نوکِ مهمیز است
зи ишқи озрободгонми он оташ
ز عشقِ آذرآبادگانم آن آتش
Ниҳон ба сина ва дар ҳар нафас шррриз аст
نهان به سینه و در هر نفس شَرَرریز است
Чаҳ сон насузаму оташ ба хушк ва тар назанам
چه سان نسوزم و آتش به خشک و تر نزنم
Ки дар қаламрави зардушти ҳарф Чингиз аст
که در قلمروِ زردشت حرفِ چنگیز است
Забони саъдӣу ҳофиз чаҳ айб дошт ки аш
زبانِ سعدی و حافظ چه عیب داشت کهاش
Бадал ба тарк забон кардӣ ин забон ҳиз аст
بَدَل به تُرک زبان کردی این زبان هیز است
Раҳои куниш ки забони муғул ва тотор аст
رها کُنَش که زبانِ مغول و تاتار است
зи хок хеш битозон ки фитна ангез аст
ز خاکِ خویش بتازان که فتنهانگیز است
Дучори кашмакашу шари фитнае зини он
دچارِ کشمکش و شرِّ فتنهای زین آن
Илои алобд ба ту то ин забон глоўиз аст
اِلَیالْاَبَد به تو تا این زبان گلاویز است
Ба диўхўӣ « сулаймони назиф » гӯй ки хуб
به دیوخوی «سلیمان نظیف» گوی که خوب
Дуруст ғӯр кун анқўраҳ нест табриз аст
درست غور کن اَنقوره نیست تبریز است
зи устихони ниёкони поки мо ин хок
ز استخوانِ نیاکانِ پاکِ ما این خاک
Аҷин шудаасту муқаддастар аз ҳама чиз аст
عجین شده است و مقدستر از همه چیز است
Сабо ба маҷлиси хоини парасти Теҳрони гӯй
صبا به مجلسِ خائنپرستِ تهران گوی
Паноҳи ориф табризӣаст ва табриз аст
پناهِ عارف تبریزی است و تبریز است