Ба навиштаи орифи қазвӣнӣ дар девонаш , дили ҳаваси сабза ва саҳро надорад ҳангомии сохта шуда ки шоҳи махлуъ , Маҳмадалии шоҳ ба таҳрики рӯсҳо вориди гмўши теппа шуда бӯдааст .

به‌نوشتهٔ عارف قزوینی در دیوانش، دل هوس سبزه و صحرا ندارد هنگامی ساخته شده که شاه مخلوع، محمدعلی‌شاه به‌تحریک روس‌ها وارد گموش‌تپه شده بوده است.

Дили ҳаваси сабза ва саҳро надорад ( надорад )

دل هوس سبزه و صحرا ندارد (ندارد)

Майл ба гулгашт ва тамошо надорад ( надорад )

میل به گلگشت و تماشا ندارد (ندارد)

Дили сари ҳамроҳӣ бо мо надорад ( надорад )

دل سر همراهی با ما ندارد (ندارد)

Хӯн шавад ин дил ки шикеб надорад ( надорад )

خون شود این دل که شکیبا ندارد (ندارد)

эй дили ғофил , нақши ту ботил ,

ای دل غافل، نقش تو باطل،

Хӯни шӯй эй дил , хӯни шӯй эй дил

خون شوی ای دل، خون شوی ای دل

Дилӣ девона дорем , зи худ бегона дорем

دلی دیوانه داریم، ز خود بیگانه داریم

зи каси парво ( ҷонами парво , худои парво ) надорем

ز کس پروا (جانم پروا، خدا پروا) نداریم

Чаҳ зулмҳо ки аз гардиш осмон надидем

چه ظلم ها که از گردش آسمان ندیدیم

Ба ғайри мушти дузди ҳамраҳ корвон надидем

به غیر مشت دزد همره کاروان ندیدیم

Дар ин рама ба ҷузи гург дигар шубон надидем

در این رمه به جز گرگ دگر شبان ندیدیم

Ба пои гул ба ҷузи заҳмат боғбон надидем

به پای گل به جز زحمت باغبان ندیدیم

Ба кӯии ёри ҷузи ҳоҷиб посбон надидем

به کوی یار جز حاجب پاسبان ندیدیم

Ҳуби ватан дар дил бдФтртон нест

خانه ز همسایهٔ بد در امان نیست

Хонаи зи ҳамсояи бад дар амон нест

حب وطن در دل بدفطرتان نیست

Ром кун аз он дом ки он дона дорад

سگ به کسی بی‌سببی مهربان نیست

Хонаи зи ҳамсояи бад дар амон нест

رم کن از آن دام که آن دانه دارد

эй дили ғофил . . . алх

ای دل غافل...الخ

Дилӣ девона кардӣ . . . алх

دلی دیوانه کردی...الخ

Чаҳ зулмҳо . . . алх

چه ظلم ها...الخ

Юсуфи машрӯтаи з чаҳ бар кашидем

یوسف مشروطه ز چه بر کشیدیم

Оҳ ки чун гурги худ ӯро даридем

آه که چون گرگ خود او را دریدیم

Перҳанӣ дар бар ёқӯби дидем

پیرهنی در بر یعقوب دیدیم

Ҳеҷ зи ихвон касе ҳошо надорад

هیچ ز اخوان کسی حاشا ندارد

аизо

ایضاً

Чанд зи плтики аҷониб ба хобид

چند ز پلتیک اجانب به خوابید

То ба кӣ аз дасти аду дар азобед

تا به کی از دست عدو در عذابید

Даст бароред ки молики рқобид

دست برآرید که مالک رقابید

Мард ба ҷузи марг таманно надорад

مرد به جز مرگ تمنا ندارد

аизо

ایضاً

Ҳимматӣ эй халқгар Эрон парастед

همتی ای خلق گر ایران پرستید

Аз чаҳ дар ин марҳала эмин нишастед

از چه در این مرحله ایمن نشستید

Мунтазири рӯзии азин бади трстид ?

منتظر روزی ازین بد ترستید؟

Сабри азин беш дигар ҷо надорад

صبر ازین بیش دگر جا ندارد

аизо

ایضاً

Гар набарӣ ранҷ , тавонгар нагардӣ

گر نبری رنج، توانگر نگردی

Ин раҳ ишқаст дило барнагардӣ

این ره عشق است دلا برنگردی

Шамъи сифати сӯз ки то куштаи гардӣ

شمع صفت سوز که تا کشته گردی

Ориф бе дили сар парво надорад

عارف بی دل سر پروا ندارد

аизо

ایضاً