Дафтари сӯфии савод ва ҳарф нест

دفتر صوفی سواد و حرف نیست

Ҷузи дили асФид ҳамчун барф нест

جز دل اسفید همچون برف نیست

Ки мавлонои рӯмӣ дар баёни маънӣ фармӯда аст

که مولانا رومی در بیان معنی فرموده است

Пери Бағдодии ҷунайди роздон

پیر بغدادی جنید رازدان

Ин чунин фармуд ҳангоми нишон

این چنین فرمود هنگام نشان

Гар мурӣдӣ дар иродат содиқаст

گر مریدی در ارادت صادقست

Бар камоли лутф эзад восиқаст

بر کمال لطف ایزد واثقست

ӯ ғанӣаст аз улӯми олимон

او غنی است از علوم عالمان

Нест ӯро эҳтиёҷи ин ва он

نیست او را احتیاج این و آن

Ҳар касе кӯро муаллими ҳақ буд

هر کسی کو را معلم حق بود

Нест ботил ҳар чаҳ гуяд ҳақ буд

نیست باطل هر چه گوید حق بود

Ҳаст аз таълими устод ӯ ғанӣ

هست از تعلیم استاد او غنی

Айн нураст ӯ чаҳ ҳоҷати равшанӣ

عین نور است او چه حاجت روشنی

Шуд дилии софии китобу дафтараш

شد دلی صافی کتاب و دفترش

Сарҳо пайдои намояд дар сараш

سرها پیدا نماید در سرش

Ояти ани ттқўои аллоҳ боз хон

آیت ان تتقوا اللّه باز خوان

Муттақеи шӯ то бибинӣ ҳар ниҳон

متقی شو تا ببینی هر نهان

Гуфт пайғамбари Мадинаи илму дайн

گفت پیغمبر مدینه علم و دین

Он ҳабиби хоси раби Алъоламин

آن حبیب خاص رب العالمین

Ҳар ки бошад толиби дунёии дун

هر که باشد طالب دنیای دون

Дар чаҳ ҳирс ва ҳасад шуд сарнигӯн

در چه حرص و حسد شد سرنگون

Ҳаст дар дунёи варои тӯли амл

هست در دنیا ورا طول امل

Дар паии дунёст бо дому ҳиял

در پی دنیاست با دام و حیل

Кӯр ва кар донад худованди ҷаҳон

کور و کر داند خداوند جهان

Зини сабаби чашм дилаш шуд қадрдон

زین سبب چشم دلش شد قدردان

Ҳар ки зоҳиди гашт аз дунёии дун

هر که زاهد گشت از دنیای دون

Дил барӣ кард аз ҳамаи макру фусун

دل بری کرد از همه مکر و فسون

Крдкўтаҳ аз ҳамаи умеди худ

کردکوته از همه امید خود

Аз миёни ёру дили бардошти сад

از میان یار و دل برداشت سد

Бетааллум ҳақ диҳад ӯро улӯм

بی تعلم حق دهد او را علوم

Илмҳои бартар аз дараки Фҳўм

علمهای برتر از درک فهوم

Ин чунин дил ҳар касеро чун диҳанд

این چنین دل هر کسی را چون دهند

То напиндорӣ ки ҳар кас зин диҳанд

تا نپنداری که هر کس زین دهند

Солҳо роҳи тариқатгар рӯй

سالها راه طریقت گر روی

Вари зи дарди ишқи умрии нғнўӣ

ور ز درد عشق عمری نغنوی

Вари ту гардии солҳо хилват нишин

ور تو گردی سالها خلوت نشین

Доимо бо зикр ҳақ бошӣ қарин

دایما ً با ذکر حق باشی قرین

Тодлти холии зи мол ва ҷоҳ нест

تادلت خالی ز مال و جاه نیست

Ҷони ту муҳаррами дарин даргоҳ нест

جان تو محرم درین درگاه نیست

Кӣ дар ирфони кушояди ҷуз ба фикр

کی در عرفان گشاید جز به فکر

Фикри софӣ кӣ шавад ало ба зикр

فکر صافی کی شود الا به ذکر

Зикрро бояд дили холии зи ғайр

ذکر را باید دل خالی ز غیر

Дил ки дар вай нест ҷои шару хайр

دل که در وی نیست جای شر و خیر

Он дилии покӣ ки дар ваии ғайри ёр

آن دلی پاکی که در وی غیر یار

Ҳеҷ диёрӣ наёбӣ вақти кор

هیچ دیاری نیابی وقت کار

То нагардӣ аз ҳзўзи нафаси давр

تا نگردی از حظوظ نفس دور

Кӣ дил ва ҷонат шавад равшани зи нур

کی دل و جانت شود روشن ز نور

Ҷон тоъат чист ихлосу яқин

جان طاعت چیست اخلاص و یقین

Аз тани биҷон чаҳ ҳосил худ бибин

از تن بیجان چه حاصل خود ببین