Сӯрат ёрбхўобамад ва дар гӯшам гуфт
صورت یاربخواب امد و در گوشم گفت
Ки бхФтн натавон дар маъониро сифт
که بخفتن نتوان در معانی را سفت
Хези андари паии матлӯби дро аз сари дард
خیز اندر پی مطلوب درآ از سر درد
Дар талаб рӯз махӯр шаби ҳамаи шаб низ мхФт
در طلب روز مخور شب همه شب نیز مخفت
Нақши ағёр бурун кун зи даруни дили худ
نقش اغیار برون کن ز درون دل خود
То ки бо ёр ҳамеша будат гуфту шнФт
تا که با یار همیشه بودت گفت و شنفت
Оқибати дидаи ҷон боз кунад бррхи дӯст
عاقبت دیده جان باز کند بررخ دوست
Ҳар дилии кӯи бағаму дард мудом омад ҷуфт
هر دلی کو بغم و درد مدام آمد جفت
Ҷону дили сози фидогар ҳавас дидораст
جان و دل ساز فدا گر هوس دیدارست
Зонка ӣнҷои бксӣ рӯ нанамоянд бмФт
زانکه اینجا بکسی رو ننمایند بمفت
Тўӣии тести ҳиҷоби ту агар рафт тўӣӣ
توئی تست حجاب تو اگر رفت توئی
Ёри бинӣ ки аёнаст зи пайдо ва наҳуфт
یار بینی که عیانست ز پیدا و نهفت
Рўдри ойина дил гуфт намоем дигар
رودر آئینه دل گفت نماییم دگر
Зини сухани ҷони асирӣ чу гули тозаи шкФт
زین سخن جان اسیری چو گل تازه شکفت