Меҳри рухсорати зи зарроти ҷаҳони пайдо буд

مهر رخسارت ز ذرات جهان پیدا بود

Ҳар ду олам дар шуъоъи ҳасан ӯ шайдо буд

هر دو عالم در شعاع حسن او شیدا بود

Партави ҳасанати аёни байнами зи зарроти ҷаҳон

پرتو حسنت عیان بینم ز ذرات جهان

Меҳри рухсори ту тобон аз ҳамаи ашё буд

مهر رخسار تو تابان از همه اشیا بود

Мурғи ҷони ошиқонро дар ҳавои васли дӯст

مرغ جان عاشقان را در هوای وصل دوست

Ошён бе нишонеи манзилу мأўо буд

آشیان بی نشانی منزل و مأوا بود

Қурби ҷонони ҷинат ҷонасту баъдаш дӯзах аст

قرب جانان جنت جان است و بعدش دوزخ است

Равзаи дил рӯй ёру қоматаши тӯбо буд

روضه دل روی یار و قامتش طوبی بود

эй дил ар ҷӯии висол ӯ з ҳастӣ нест шӯ

ای دل ار جویی وصال او ز هستی نیست شو

Дар миёнаи моӣии мо чун ҳиҷоби мо буд

در میانه مائی ما چون حجاب ما بود

Ҳар дилии кӯи волаи ҳайрони ҳасан ёр шуд

هر دلی کو واله حیران حسن یار شد

Аз ғами дунёу дайни озоду нопарво буд

از غم دنیا و دین آزاد و ناپروا بود

Бо хаёли зулфу рӯяти ҷони муштоқи лақо

با خیال زلف و رویت جان مشتاق لقا

Аз ғаму фикри ду олам бе сарви савдо буд

از غم و فکر دو عالم بی سرو سودا بود

Аз камоли ҳасани рухсор ту омад бе назир

از کمال حسن رخسار تو آمد بی نظیر

Дар малоҳати шоҳид рӯй ту беҳамто буд

در ملاحت شاهد روی تو بی همتا بود

Ҳаркии маст ва бихбр шуд аз шароби васли ёр

هرکه مست و بیخبر شد از شراب وصل یار

Чун асирӣ дар ҷаҳони срҳлқаҳи ғавғо буд

چون اسیری در جهان سرحلقه غوغا بود