Аз баҳри талху шӯри ғами ҳиҷри барканор
از بحر تلخ و شور غم هجر برکنار
Омад ғариқи ишқи бшодии васли ёр
آمد غریق عشق بشادی وصل یار
Шукри худо ки партави хуршеди он ҷамол
شکر خدا که پرتو خورشید آن جمال
Равшан намӯд аз пас ин абрҳои тор
روشن نمود از پس این ابرهای تار
Ёрб чаҳ айш бошаду ъушрат ки толибӣ
یارب چه عیش باشد و عشرت که طالبی
Бинад зи баъди ранҷи талаб рӯй он нигор
بیند ز بعد رنج طلب روی آن نگار
Соқии шароби васли зи ҷом лақо бидиҳ
ساقی شراب وصل ز جام لقا بده
Товораам зи мастиаш аз ғуссаи хумор
تا وارهم ز مستی اش از غصه خمار
Дар баҳри шавқи киштии сабрами з сайр монад
در بحر شوق کشتی صبرم ز سیر ماند
Кӯи боди шӯрта то ки бмнзл кунад қарор
کو باد شرطه تا که بمنزل کند قرار
Гар худ умеди васл на ҳомӣ мо шавад
گر خود امید وصل نه حامی ما شود
Дарди фироқи зуди براردи зи ман дамор
درد فراق زود برآرد ز من دمار
Брбўии васли ёри асирӣ асир монад
بربوی وصل یار اسیری اسیر ماند
Дардоами ранҷи биҳду андӯҳи бишмор
دردام رنج بیحد و اندوه بیشمار