Ббҳр ҳаст мутлақ то шудам ғарқ
ببحر هست مطلق تا شدم غرق
Миёни мо ва дарё нест худ фарқ
میان ما و دریا نیست خود فرق
Чу ман ринду хроботӣу мастам
چو من رند و خراباتی و مستم
Чаҳ кор ояд марои солусӣу зарқ
چه کار آید مرا سالوسی و زرق
Шудам маҳви фано аз тоби ҳасанат
شدم محو فنا از تاب حسنت
Чу ломъ шуд ма рӯй ту чун барқ
چو لامع شد مه روی تو چون برق
Ҷамолати офтоб бе заволаст
جمالت آفتاب بی زوالست
Ки пайдо нест ӯро ғарб то шарқ
که پیدا نیست او را غرب تا شرق
з ҳар қайдии асирии гашти озод
ز هر قیدی اسیری گشت آزاد
Бдрёии фано зон дам ки шуд ғарқ
بدریای فنا زان دم که شد غرق