Мо бар умеди васли ту хилват нишин шудем

ما بر امید وصل تو خلوت نشین شدیم

Анқои сифати зи шавқи ту азлат гузин шудем

عنقا صفت ز شوق تو عزلت گزین شدیم

Дар кунҷи хилватӣ ки касе нест муҳаррамам

در کنج خلوتی که کسی نیست محرمم

Доими биёад рӯй ту мо ҳамнишин шудем

دایم بیاد روی تو ما همنشین شدیم

То дар миёни бъшқи ту зуннор баста ем

تا در میان بعشق تو زنار بسته ایم

Фориғи зи қайду мазҳаби дунёу дайни шудем

فارغ ز قید و مذهب دنیا و دین شدیم

То дидаем рӯй ту пайдои зи коинот

تا دیده ایم روی تو پیدا ز کاینات

Дар таври кашфи орифи соҳиби яқини шудем

در طور کشف عارف صاحب یقین شدیم

Дар бохтем ҷону дилу дайни бъшқи ёр

در باختیم جان و دل و دین بعشق یار

Дар базми васл то ки бҷонони қарини шудем

در بزم وصل تا که بجانان قرین شدیم

Зоҳид на мо бахуди барраи ишқ рафта ем

زاهد نه ما بخود بره عشق رفته ایم

Иршоди пер буд ки мо роҳи байни шудем

ارشاد پیر بود که ما راه بین شدیم

Дар дӯзахи арлқоӣ ту бошад , биҳишти мост

در دوزخ ارلقای تو باشد، بهشت ماست

Мо дар паии сулӯки асирӣ аз ин шудем

ما در پی سلوک اسیری از این شدیم