Равшани зи моҳ рӯй ту шуд манзили дилам
روشن ز ماه روی تو شد منزل دلم
Вази зулфи саркашат ҳама савдост ҳосилам
وز زلف سرکشت همه سوداست حاصلم
Гаштами ғариқи баҳри ғам ва дар таъаҷҷубам
گشتم غریق بحر غم و در تعجبم
Гар лутф бекарон накашидӣ бсоҳлм
گر لطف بیکران نکشیدی بساحلم
Фикри дақиқи ман Бамёни ту раҳи набард
فکر دقیق من بمیان تو ره نبرد
Вази сари ғайби он даҳани танги ғофилам
وز سر غیب آن دهن تنگ غافلم
Ҳқо ки вирди ман бшбу рӯзи зкртст
حقا که ورد من بشب و روز ذکرتست
Зеро ки фориғ аз ҳамаи афкори ботилам
زیرا که فارغ از همه افکار باطلم
Гирами зи мусҳафи рахти оёти муҳкамот
گیرم ز مصحف رخت آیات محکمات
Гар соид чу сим ту гардад ҳамоилам
گر ساعد چو سیم تو گردد حمایلم
Даврии зи мҳррўии ту морои ҳилоли сохт
دوری ز مهرروی تو مارا هلال ساخت
эй вои брмн ар ту нёӣии муқобилам
ای وای برمن ار تو نیائی مقابلم
Озода шуд асирии зи қайди биҳишту ҳур
آزاده شد اسیری ز قید بهشت و حور
То гаштааст кӯии ту мأўоу манзилам
تا گشته است کوی تو مأوا و منزلم