эй аз ҷамол рӯй ту як зарраи меҳру моҳ

ای از جمال روی تو یک ذره مهر و ماه

Бар миннатҳои ҳасани ту касро набӯд роҳ

بر منتهای حسن تو کس را نبود راه

Гуфтам чаҳ даврам аз ту чу моро гуноҳ нест

گفتم چه دورم از تو چو ما را گناه نیست

Гуфто ки маст ҳастӣ ту бадтарӣни гуноҳ

گفتا که هست هستی تو بدترین گناه

Пайваста гарчи бо дил ва ҷонаст ёри мо

پیوسته گرچه با دل و جانست یار ما

Ҳар дами з шавқ ӯст марои сад фиғону оҳ

هر دم ز شوق اوست مرا صد فغان و آه

Зон рӯи маро ба сӯрати хубон буд назар

زان رو مرا به صورت خوبان بود نظر

Каз рӯй маи рухон ба ҷамолат кунам нигоҳ

کز روی مه رخان به جمالت کنم نگاه

Бошад зи нур рӯй ту имони аниси ҷон

باشد ز نور روی تو ایمان انیس جان

Гар зонка куфри зулфи ту моро буд паноҳ

گر زانکه کفر زلف تو ما را بود پناه

Байнами аёни зи пардаи зарроти коинот

بینم عیان ز پرده ذرات کاینات

Меҳри ҷамоли ту тобон шуда чу моҳ

مهر جمال تو تابان شده چو ماه

Дар иштиёқ рӯй ту шайдост ҷону дил

در اشتیاق روی تو شیداست جان و دل

Бинмо ҷамоли хеш ба ушшоқи гоҳи гоҳ

بنما جمال خویش به عشاق گاه گاه

Бигузар зи молу мансаб агар ёр боядат

بگذر ز مال و منصب اگر یار بایدت

Зеро ки сад роҳ висоласт молу ҷоҳ

زیرا که سد راه وصالست مال و جاه

Гарчи гадосту муфлиси асирӣ вале чаҳ ғам

گرچه گداست و مفلس اسیری ولی چه غم

Дорад ба ишқи дӯсти фароғати зи подшоҳ

دارد به عشق دوست فراغت ز پادشاه