Моӣими туро ҳамеша толиб
مائیم ترا همیشه طالب
эй васли ту мунтаҳии алмтолб
ای وصل تو منتهی المطالب
Марғӯби ҳамаи биҳишт ва ҳураст
مرغوب همه بهشت و حورست
Моӣим биравӣ дӯсти роғиб
مائیم بروی دوست راغب
Дар майкада бо шаробу шоҳид
در میکده با شراب و شاهد
Пайвастаи ҳарифаму мусоҳиб
پیوسته حریفم و مصاحب
Он ёр зкс набӯд маҳҷӯб
آن یار زکس نبود محجوب
Мое ва манӣ марост ҳоҷиб
مایی و منی مراست حاجب
Дар маҷлис васл ӯст ҳозир
در مجلس وصل اوست حاضر
Ҳаркас ки зи хеши гашти ғоиб
هرکس که ز خویش گشت غایب
Дар мағриби ҷон ошиқон шуд
در مغرب جان عاشقان شد
Хуршеди ҷамоли ишқи ғорб
خورشید جمال عشق غارب
Бо васли тўоими шоду хандон
با وصل توایم شاد و خندان
Дорем зи фурқатати мсоиб
داریم ز فرقتت مصایب
Кардам дилу дайни фидои маъшӯқ
کردم دل و دین فدای معشوق
Ин буд бъшқи раъии соиб
این بود بعشق رأی صایب
Аз машраби ишқи ақл давр аст
از مشرب عشق عقل دور است
Зон мухталиф омад ин мшорб
زان مختلف آمد این مشارب
Ишқ омаду гашти ақли мағлуб
عشق آمد و گشت عقل مغلوب
Шуд ишқ аз он бҷмлаҳи ғолиб
شد عشق از آن بجمله غالب
намебош асирёи ҳнрбин
می باش اسیریا هنربین
Аз халқи худои мҷуи маъоӣиб
از خلق خدا مجو معایب