Чун мазҳари ҳасани ту рухи моҳи рхонст
چون مظهرِ حسنِ تو رخِ ماه رُخانست
Майли дили ошиқи брхи моҳи рхонст
میلِ دلِ عاشق به رُخِ ماه رُخانست
Чун шоҳиди ҳасанати ҳамаи ҷои ҷилва гарӣ кард
چون شاهدِ حُسنت همهجا جلوهگری کرد
Ҳаркаси бҷмоли ту з ҷое нигаронаст
هرکس به جمالِ تو ز جایی نگرانست
Бар ҷони ҷаҳон , зи оташи савдоӣ ту доғаст
بَر جان جهان، ز آتشِ سودای تو داغست
Вази меҳри рахт дар дил ҳар зарра нишонаст
وز مهرِ رُخَت در دلِ هر ذره نشانست
То дид дилами меҳри ҷамоли ту зи заррот
تا دید دلم مهرِ جمالِ تو ز ذرات
Зон рӯи ҳамаи дами вола ва шайдоӣ ҷаҳонаст
زان رو همه دم واله و شیدای جهانست
Аз арбадаи ғамзаи ?ут эй шоҳиди раъно
از عربدهٔ غمزهات ای شاهدِ رعنا
Дркўии хароботи аҷаби шӯр ва фиғонаст
در کوی خرابات عجب شور و فغانست
Аз ҷоми таҷаллии илоҳии ҳамаи мустанад
از جامِ تجلیِ الهی همه مستند
Гар солики атвор ва агар пер Муғонаст
گر سالکِ اطوار و اگر پیرِ مُغانست
« мое ва туе » буд ҳиҷоби рухи ҷонон
«مایی و تویی» بود حجاب رُخِ جانان
Варна зи ҳамаи куну макон ёр аёнаст
ورنه ز همه کون و مکان یار عیانست
То маст май ишқи ту гаштанди дилу ҷон
تا مستِ میِ عشق تو گشتند دل و جان
Ин бихўду девона , вони ҷомаи дронст
این بیخود و دیوانه، وآن جامه درانست
Кӯи ошиқи девонаи турои ҳамчу « асирӣ »
کو عاشق دیوانه ترا همچو «اسیری»
Дар ишқи ту ӯ нодарраи давр ва замонаст
در عشقِ تو او نادرهٔ دور و زمانست