Шунӯдам каз салафи дарвеши ҳоле

شنودم کز سلف درویش حالی

Ҳавои қалия эй будаш ба солӣ

هوای قلیه‌ای بودش به سالی

Чу симӣ даст дод он марди дарвеш

چو سیمی دست داد آن مرد درویش

Сӯии қассоб роҳ оварад дар пеш

سوی قصاب راه آورد در پیش

Магари қассоби нохуши зиндагонӣ

مگر قصاب ناخوش زندگانی

Бидодаш гӯштӣ чу нон ки доне

بدادش گوشتی چو نان که دانی

Чу пери он гӯшт алҳақ на чунон дид

چو پیر آن گوشت الحق نه چنان دید

Саросар ё ҷигар ё устихон дид

سراسر یا جگر یا استخوان دید

Ҷигари худ буд якбора дигар хост

جگر خود بود یکباره دگر خواست

Ки кор мо наёяд бе ҷигари рост

که کار ما نیاید بی جگر راست

Дили мо ғарқа хӯн шуд ба як бор

دل ما غرقهٔ خون شد به یک بار

Чаҳ мехоҳанд зини муштии ҷигари хор

چه می‌خواهند زین مشتی جگر خوار

На моро тоқат боргарон аст

نه ما را طاقت بارگران است

На моро барг бебаррагӣ ҷонаст

نه ما را برگ بی برگی جانست

Чунон ғами ёр мо шуд дар ғами ёр

چنان غم یار ما شد در غم یار

Ки нест аз кори ғами моро ғами кор

که نیست از کار غم ما را غم کار

Агар гардун ба марг мо кунад соз

اگر گردون به مرگ ما کند ساز

Ғами ишқаши кафан аз мо кунад боз

غم عشقش کفن از ما کند باز