Ба булбул гуфт ҳдҳдкои парешон

به بلبل گفت هدهدکای پریشان

Чаро кардӣ ту бедодии бадишон

چرا کردی تو بیدادی بدیشان

Макун беилмӣ эй дайн дода бар бод

مکن بی علمی ای دین داده بر باد

Ки беилмӣ кунад бар ҷумлаи бедод

که بی علمی کند بر جمله بیداد

Даруни хастаи дили мхрошу мхрўш

درون خسته دل مخراش و مخروش

Чу деги пухтаи шӯ то кӣ зании шӯш

چو دیگ پخته شو تا کی زنی شوش

Чу ишқи дилбарон ганҷ равонаст

چو عشق دلبران گنج روانست

Чунон беҳтар ки андар дил ниҳонаст

چنان بهتر که اندر دل نهانست

Бирав дар ошиқӣ май сӯз ва май соз

برو در عاشقی می‌سوز و می‌ساز

Макун рози дили худ пеши каси боз

مکن راز دل خود پیش کس باز

зи банди ҷон худ бархез ва биншин

ز بند جان خود برخیز و بنشین

Макун зини пас ҳикоятҳои пешин

مکن زین پس حکایتهای پیشین

Ҳикоят куҳна шуд аз бскаҳ гуфтанд

حکایت کهنه شد از بسکه گفتند

Дарун фарсӯда шуд аз бскаҳ гуфтанд

درون فرسوده شد از بسکه گفتند

Сухани нўнў чу гул ёбад шукуфтан

سخن نونو چو گل یابد شکفتن

На чун булбули ҳикояти бозгФтн

نه چون بلبل حکایت بازگفتن

Ҳадиси ишқ агарчӣ ҳаст ширин

حدیث عشق اگرچه هست شیرین

Вале мардум ббрҳон гашта раҳи байн

ولی مردم ببرهان گشته ره بین

Бирав зи ӣнҷои сари ошӯбу довар

برو ز اینجا سر آشوب و داور

зи илми арскаҳ дорӣ биовар

ز علم ارسکهٔ داری بیاور

Бақадр худ бигӯ то худ чаҳ дорӣ

بقدر خود بگو تا خود چه داری

Бмидони андари огари марди корӣ

بمیدان اندر آگر مرد کاری

Чаро беҳудаи гуфтан пеша кардӣ

چرا بیهوده گفتن پیشه کردی

На чун мардони бахуд андеша кардӣ

نه چون مردان بخود اندیشه کردی

Чу кори рӯзгорам корзор аст

چو کار روزگارم کارزار است

Марои имрӯз бо ту кор зор аст

مرا امروز با تو کار زار است

Ҳадисами достон дӯстон аст

حدیثم داستان دوستان است

Хитобам бо хатиб бӯстон аст

خطابم با خطیب بوستان است

Ба печиши дркшм то худ чгўид

به پیچش درکشم تا خود چگوید

Чаҳ гуяд ҷузи раҳ наъра напуед

چه گوید جز ره نعره نپوید

Макун фарёд ва хомӯшӣ гузин ту

مکن فریاد و خاموشی گزین تو

Ба байн дар рӯй худ айни алиқини ту

به بین در روی خود عین الیقین تو

Чу бигушоем ба як нуқтаи забон ро

چو بگشایم به یک نقطه زبان را

Ба бандами нутқи мурғи бӯстон ро

به بندم نطق مرغ بوستان را

Саволати аввал аз тавҳиди пурсам

سؤالت اول از توحید پرسم

Дувуми имони сеюм таҷреди пурсам

دوم ایمان سوم تجرید پرسم

Марои аввали сухан бо ту ззот аст

مرا اول سخن با تو زذات است

Ба охири моҷарои андар сифот аст

به آخر ماجرا اندر صفات است

Биё биншин зи аввали бозгу то

بیا بنشین ز اول بازگو تا

Чаро эзад надорад мислиу ҳамто

چرا ایزد ندارد مثل و همتا

зи ҳудҳуди булбули ошиқ забун шуд

ز هدهد بلبل عاشق زبون شد

зи ишқи гул ба як раҳ сарнигӯн шуд

ز عشق گل به یک ره سرنگون شد

Сиррӣ биниҳод пеши ҳудҳуди онгоҳ

سری بنهاد پیش هدهد آنگاه

Хато кардам мгири астағфируллоҳ

خطا کردم مگیر استغفرالله

Марои дили риш буд аз дарди ҳиҷрон

مرا دل ریش بود از درد هجران

Аз он тундӣ намудем бо азизон

از آن تندی نمودم با عزیزان

Сипар биниҳод дар пеши паямбар

سپر بنهاد در پیش پیمبر

Коҷозт то рӯм дар пеши дилбар

کاجازت تا روم در پیش دلبر

Фузуни зини тоқат ҳиҷрон надорам

فزون زین طاقت هجران ندارم

Чнонстм ки гўӣӣ ҷон надорам

چنانستم که گوئی جان ندارم

Махоҳ аз ошиқу девонаи хизмат

مخواه از عاشق و دیوانه خدمت

Ки ӯ худ сӯхт аз дарди муҳаббат

که او خود سوخت از درد محبت

Салимонаши ишорат додў фармуд

سلیمانش اشارت دادو فرمود

Казин пас ҳоли ту маълуми мо буд

کزین پس حال تو معلوم ما بود

Бмрғон гуфт бо ишқаш гузоред

بمرغان گفت با عشقش گذارید

Чу тоби қӯт нутқаш надоред

چو تاب قوت نطقش ندارید

Бурун шуд булбул аз пеши сулаймон

برون شد بلبل از پیش سلیمان

Паии маъшуқаи худ то гулистон

پی معشوقهٔ خود تا گلستان

Висоли дӯсташ чун шуд муяссар

وصال دوستش چون شد میسر

Сухан натавон навиштани зини фузунтар

سخن نتوان نوشتن زین فزونتر

Ҳадисами достон дӯстон шуд

حدیثم داستان دوستان شد

Хитобам бо хатиб бӯстон шуд

خطابم با خطیب بوستان شد

Чу булбули нома охир шуд ба тавфиқ

چو بلبل نامه آخر شد به توفیق

Чу мардони роҳ ҳақ мерӯ бтҳқиқ

چو مردان راه حق میرو بتحقیق

Аё аттори ҷони ошиқоне

ایا عطار جان عاشقانی

Ту огоҳи азътои ғайби доне

تو آگاه ازعطای غیب دانی

Худовандо тўӣии маъбуду дён

خداوندا توئی معبود و دیان

Самиъӣу басири вФрду рҳмн

سمیعی و بصیر وفرد و رحمن

Ба бхшоӣии гуноҳи ҷумлаи олам

به بخشائی گناه جمله عالم

Аз он пас ин заъифи хастаи роҳам

از آن پس این ضعیف خسته راهم

Басӣ гуфтам ба шарҳи азҷони ҳикоят

بسی گفتم به شرح ازجان حکایت

Ҳикоятро расонидам ба ғоят

حکایت را رسانیدم به غایت