эй дар ғурури нафас ба сари бардаи рӯзгор

ای در غرور نفس به سر برده روزگار

Бархезу коркун ки кунунаст вақти кор

برخیز و کارکن که کنون است وقت کار

эй дӯсти моҳ рӯза расед ва ту хуфта Эй

ای دوست ماه روزه رسید و تو خفته‌ای

Охири зи хоби ғифлати дерина сар барор

آخر ز خواب غفلت دیرینه سر برآر

Солӣ дароз бӯдае андари ҳавои хеш

سالی دراز بوده‌ای اندر هوای خویش

Моҳии худоиро шӯу даст аз ҳаво бидор

ماهی خدای را شو و دست از هوا بدار

Пиндоштӣ ки чун нахурӣ рӯза ту онаст

پنداشتی که چون نخوری روزهٔ تو آنست

Бисёр чиз ҳаст ҷузи ин шарти рӯзаи дор

بسیار چیز هست جز این شرط روزه‌دار

Ҳар узвро бидон ки ба таҳқиқи рӯза Эй аст

هر عضو را بدان که به تحقیق روزه‌ای است

То рӯзаи ту рӯза буд назд кирдигор

تا روزهٔ تو روزه بود نزد کردگار

Аввали нигоҳдори назар то рух чу гул

اول نگاهدار نظر تا رخ چو گل

Дар чашми ту ниФкнд аз ишқи хеши хор

در چشم تو نیفکند از عشق خویش خار

Дигар бабанд гӯши з ҳар ношуниданӣ

دیگر ببند گوش ز هر ناشنودنی

Каз гуфту гӯй ҳарза шавад ақли тору мор

کز گفت و گوی هرزه شود عقل تار و مار

Дигари забони хеш ки ҷой саноӣ ӯст

دیگر زبان خویش که جای ثنای اوست

Аз ғайбату дурӯғи фурӯбанди устувор

از غیبت و دروغ فروبند استوار

Дигар ба вақти рӯза кушодан махӯр ҳаром

دیگر به وقت روزه‌گشادن مخور حرام

Зеро ки хӯни хурии ту аз он ба ҳазор бор

زیرا که خون خوری تو از آن به هزار بار

Дигари басии мхсб ки дар тангнои гӯр

دیگر بسی مخسب که در تنگنای گور

Чандонат хоб ҳаст ки он нест дар шумор

چندانت خواب هست که آن نیست در شمار

Дигар ба фикри оинаи дил чунон бикун

دیگر به فکر آینهٔ دل چنان بکن

Каз ғайри зикр ҳақ нанишинад бирав ғубор

کز غیر ذکر حق ننشیند برو غبار

Инаст шарти рӯза агар марди рӯза Эй

این است شرط روزه اگر مرد روزه‌ای

Гарчи з рӯй ақл яке гуфтам аз ҳазор

گرچه ز روی عقل یکی گفتم از هزار

Дигар басӣ махӯр ки ҳар он кас ки сайр хӯрд

دیگر بسی مخور که هر آن کس که سیر خورد

Аъзоаши ҷумла гурусна гирданд ва бе қарор

اعضاش جمله گرسنه گردند و بی قرار

Ту худ нишаста то ки кӣ ояд падеди шаб

تو خود نشسته تا که کی آید پدید شب

Чун шамъи ҷон хеш бисӯзӣ дар интизор

چون شمع جان خویش بسوزی در انتظار

То хон ва нон бисозӣ аз ғояти шара

تا خوان و نان بسازی از غایت شره

Гӯйии ду чашм ту шавад аз ҳар сӯеи чаҳор

گویی دو چشم تو شود از هر سویی چهار

Чандон хурӣ ки дам натавонӣ зад аз гулӯ

چندان خوری که دم نتوانی زد از گلو

Вари дам занӣ баровард он дами зи ту дамор

ور دم زنی برآورد آن دم ز تو دمار

Сад бори бошиддат чу шикам пар шуд аз таом

صد بار باشدت چو شکم‌پر شد از طعام

Ҳолеи зи пушти ту ҳамаи бози аўФтоди бор

حالی ز پشت تو همه باز اوفتاد بار

Ин рӯза нестгар шарафи рӯза боядат

این روزه نیست گر شرف روزه بایدت

Беруни шӯии зи туе ту бар мисоли мор

بیرون شوی ز تویی تو بر مثال مار

Мӯяти сипеди гашту дили ту сиёҳ шуд

مویت سپید گشت و دل تو سیاه شد

То кӣ кунад сипедгарӣ эй сиёҳи кор

تا کی کند سپیدگری ای سیاه کار

Ёрб ба ҳақи тоъати покони поки дил

یارب به حق طاعت پاکان پاک دل

Ёрб ба ҳақи рӯзаи мардони рӯзаи дор

یارب به حق روزهٔ مردان روزه‌دار

Каз ҳарчӣ дидае ту зи аттори нописанд

کز هرچه دیده‌ای تو ز عطار ناپسند

Конрои набӯдае ту ба ваҷҳеи писанди кор

کانرا نبوده‌ای تو به وجهی پسند کار

Чун бо дар ту гашт ва пушаймон шуд аз гуноҳ

چون با در تو گشت و پشیمان شد از گناه

Вази феъли хеш хира форуманду шармсор

وز فعل خویش خیره فروماند و شرمسار

Афваш кун ва бубахш ту доне ки лоиқ аст

عفوش کن و ببخش تو دانی که لایق است

То ҷурми офарӣдаи карами зи офаридагор

تا جرم آفریده کرم ز آفریدگار