Хитоби ҳотиф давлат расед дӯш ба мо

خطاب هاتف دولت رسید دوش به ما

Ки ҳаст арса бе давлатии сарои фано

که هست عرصهٔ بی‌دولتی سرای فنا

Вале чу нафаси ҷФопишаҳи сад давлат шуд

ولی چو نفس جفاپیشه سد دولت شد

Тариқи давлати дил баста шуд ба сади ҷафо

طریق دولت دل بسته شد به سد جفا

Ҳазор ҷӯии равони кобтар мизоҷи азу

هزار جوی روان کاب‌تر مزاج ازو

Закоти хости ҳаме хушк шуд ба навбати мо

زکات خواست همی خشک شد به نوبت ما

Чу нафаси саг ба ҷафо шом хӯрд бар дили мо

چو نفس سگ به جفا شام خورد بر دل ما

Нафас чигуна барояд кунун зи субҳи вафо

نفس چگونه برآید کنون ز صبح وفا

Чигуна нофа гушойӣ кунад сабо ба саҳар

چگونه نافه‌گشایی کند صبا به سحر

Сипеҳри шӯъбадау нофаи вирди ҷайби сабо !

سپهر شعبده و نافه ورد جیب صبا!

Ҳазор номаи ҳоҷат фурӯ фиристодам

هزار نامهٔ حاجت فرو فرستادم

Ба сӯии арш ба дасти кабӯтарони дуо

به سوی عرش به دست کبوتران دعا

На як кабӯтар аз он номаам ҷавоб оварад

نه یک کبوتر از آن نامه‌ام جواب آورد

На шуд дилам ба муроди тамоми комрўо

نه شد دلم به مراد تمام کامروا

Манам ки ҳар шаби паҳнои ин гилӣм ба ман

منم که هر شب پهنای این گلیم به من

Сияҳи гилӣми фалак май намояд аз боло

سیه گلیم فلک می‌نماید از بالا

Ҳазор бозии ширини сипеҳри бозигар

هزار بازی شیرین سپهر بازیگر

Ки аз хушӣ натавон хӯрд беш дод маро

که از خوشی نتوان خورد بیش داد مرا

Чу нуқта Эйаст қазои сокинам ба як ҳаракат

چو نقطه‌ای است قضا ساکنم به یک حرکت

Ки бар кушод чу паргори сад даҳан ба бало

که بر گشاد چو پرگار صد دهن به بلا

Баҳои ҳои наёрам гиристан ки фалак

به های‌های نیارم گریستن که فلک

Баҳои ҳўии даройади зи ашки ман ъмдо

به های‌هوی درآید ز اشک من عمدا

зи бас ки ашки фурӯи рехтами зи чашмаи чашм

ز بس که اشک فرو ریختم ز چشمهٔ چشم

Ба маду ҷзр яке шуд дили ману дарё

به مد و جزر یکی شد دل من و دریا

Муҳӣти хӯни нқти дили зи чашм аз он дорам

محیط خون نقط دل ز چشم از آن دارم

Ки чун муҳӣт тан омад зчшми хӯни поло

که چون محیط تن آمد زچشم خون پالا

Сазад ки бар рух чун зарфишонами ашк чу сим

سزد که بر رخ چون زرفشانم اشک چو سیم

Ки рӯзу шаб ба зар ва сим мекунам савдо

که روز و شب به زر و سیم می‌کنم سودا

зи хӯни дили ҳамаи ашк чу сим май резам

ز خون دل همه اشک چو سیم می‌ریزم

Ки гашт аз гули сурхи ашки ҳамчуи сими ҷудо

که گشت از گل سرخ اشک همچو سیم جدا

Маро ки сад ғам бешаст ҳеҷ ғам набӯд

مرا که صد غم بیش است هیچ غم نبود

Агар маро ба ғам хештан кунанд раҳо

اگر مرا به غم خویشتن کنند رها

зи кори хештанами дасти поку ҳуққаи тиҳӣ

ز کار خویشتنم دست پاک و حقه تهی

Ки муҳра чун биншинад миёни хавфу раҷо

که مهره چون بنشیند میان خوف و رجا

зи саргаронӣ ҳар дуни буруни шудеми зи даст

ز سرگرانی هر دون برون شدیم ز دست

зи чарби дастӣ гардун даромадем зи по

ز چرب‌دستی گردون درآمدیم ز پا

На мӯнисӣ ки шаби инс ӯ диҳад нурӣ

نه مونسی که شب انس او دهد نوری

На ҳамдамӣ ки дамӣ ҳамдамӣ кунад ба наво

نه همدمی که دمی همدمی کند به نوا

Киро ба даст шавад як рафиқи иктодл

که را به دست شود یک رفیق یکتادل

Ки хуфта дар бунаади ҳафт чортоқи ду то

که خفته در بنهد هفت چارطاق دو تا

Ба ханда дам диҳадат субҳ то ту хуш бихӯрӣ

به خنده دم دهدت صبح تا تو خوش بخوری

Ту аз куҷоу дами решханд ӯ зи куҷо

تو از کجا و دم ریشخند او ز کجا

Агарчӣ субҳи каллаи дор содиқаст чаҳ суд

اگرچه صبح کله‌دار صادق است چه سود

Ки пардаи зарбафти шаб ба теғи қабо

که پردهٔ زربفت شب به تیغ قبا

Вгрчаҳи хўончаҳи хуршед доимаст валек

وگرچه خوانچهٔ خورشید دایم است ولیک

Чаҳ фоида ки ҳамаи худ ҳаме хӯрд танҳо

چه فایده که همه خود همی خورد تنها

Вгрчаҳи косаи заррини моҳ май бинӣ

وگرچه کاسهٔ زرین ماه می‌بینی

Сиёҳи косгиш дар кусуф шуд пайдо

سیاه کاسگیش در کسوف شد پیدا

Чу доси моҳи нав аз баҳри он ҳаме ояд

چو داس ماه نو از بهر آن همی‌آید

Ки то чу хӯшаи сари халқи бадрӯди зи қафо

که تا چو خوشه سر خلق بدرود ز قفا

Гиёҳ май дамад аз хоки гӯру ғам ин аст

گیاه می‌دمد از خاک گور و غم این است

Ки нест ҳеҷ ғамии досро зи ранҷи гё

که نیست هیچ غمی داس را ز رنج گیا

Чу Асияи сари ин халқи ҷумла дар гардад

چو آسیا سر این خلق جمله در گردد

зи бас ки бар сари мо гашти гунбади хзро

ز بس که بر سر ما گشت گنبد خضرا

Кадоми мейри аҷали дидае ки бо ӯ ҳам

کدام میر اجل دیده‌ای که با او هم

Аҷал нахурд дўчории дарин сипанҷи саро

اجل نخورد دوچاری درین سپنج سرا

Кадоми муфлиси саргаштаро шунидӣ ту

کدام مفلس سرگشته را شنیدی تو

Ки бар сараши бнгрдиди Осиёи фано

که بر سرش بنگردید آسیای فنا

Фурӯди ҳуққаи чарху варои муҳраи хок

فرود حقهٔ چرخ و ورای مهرهٔ خاک

Ту дар миёнаи ин хуш бихуфта инат хато

تو در میانهٔ این خوش بخفته اینت خطا

Чаҳ хоб дид надонам сипеҳри булъаҷабат

چه خواب دید ندانم سپهر بوالعجبت

Ки хуш ба шӯъбадае маст хоб кард ту ро

که خوش به شعبده‌ای مست خواب کرد تو را

Сафои дили талаб аз баҳри об рӯй аз онк

صفای دل طلب از بهر آب روی از آنک

Надид рӯй касе то наёфт оби сафо

ندید روی کسی تا نیافت آب صفا

зи ашки гарму дами сард худ макун ҷӯи хушк

ز اشک گرم و دم سرد خود مکن جو خشک

Ки муътадилтар азин нест ҳеҷ обу ҳаво

که معتدل‌تر ازین نیست هیچ آب و هوا

Бисӯз хӯни дилу ҳамчуи субҳи зани дами сидқ

بسوز خون دل و همچو صبح زن دم صدق

Чаро чу нофа шудӣ то ки дами занӣ ба риё

چرا چو نافه شدی تا که دم زنی به ریا

Ба вақти субҳ фурӯ мерайу аҷаб ин аст

به وقت صبح فرو میری و عجب این است

Ки зиндаи дили шӯй аз як дурӯғи толи бақо

که زنده‌دل شوی از یک دروغ طال بقا

зи сари синаи худ дам мазан зи пардаи бурун

ز سر سینهٔ خود دم مزن ز پرده برون

Ки гули зи парда агар дам занад шавад расво

که گل ز پرده اگر دم زند شود رسوا

зи зери парда агар огаҳии ту ҷон набарӣ

ز زیر پرده اگر آگهی تو جان نبری

Аз он сабаб ки азин пардаи каси надоди ово

از آن سبب که ازین پرده کس نداد آوا

Асир чун ва чарое зи кори пари иллат

اسیر چون و چرایی ز کار پر علت

Валек кори худоро на чун буд на чаро

ولیک کار خدا را نه چون بود نه چرا

Миёни беша беиллатӣ чаро матлаб

میان بیشهٔ بی علتی چرا مطلب

Ки он сутур буд ки фурӯ шавад ба чаро

که آن ستور بود که فرو شود به چرا

Агар далел чу хуршед боядат бингар

اگر دلیل چو خورشید بایدت بنگر

Ки бар худоӣ ӯ ҳаст зарраи зарраи гўо

که بر خدایی او هست ذره ذره گوا

зи анбиёу русули дами занӣу пиндорӣ

ز انبیا و رسل دم زنی و پنداری

Ки ҳамнишинӣ султонён кунӣ ту гадо

که همنشینی سلطانیان کنی تو گدا

Дар он мақом ки хуршеду моҳ ҷамъ шаванд

در آن مقام که خورشید و ماه جمع شوند

На зарраи рости маҳал ва на сояро ёро

نه ذره راست محل و نه سایه را یارا

Агар камол талаб мекунӣ чу кор афтод

اگر کمال طلب می‌کنی چو کار افتاد

Қазоӣ умр кунӣу ризои диҳӣ ба қазо

قضای عمر کنی و رضا دهی به قضا

Чу пери гаштӣу гаҳвора ту омад гӯр

چو پیر گشتی و گهوارهٔ تو آمد گور

Чу кӯдакони дағали боз то ба кӣ зи дағо

چو کودکان دغل‌باز تا به کی ز دغا

Аз он ба перӣ дар гоҳўораҳ хоҳӣ шуд

از آن به پیری در گاهواره خواهی شد

Ки гарчи пер шудӣ Тифли ин раҳеи ҳқо

که گرچه پیر شدی طفل این رهی حقا

Бидон худоӣ ки дар офтоби маърифаташ

بدان خدای که در آفتاب معرفتش

Ба зарра Эй нарасад ақли ҷумлаи уқало

به ذره‌ای نرسد عقل جملهٔ عقلا

Ки пухтагони раҳу комилони мӯии шикоф

که پختگان ره و کاملان موی شکاف

Чу тифлакон ба шеранд дар тариқи фано

چو طفلکان به شیرند در طریق فنا

Чу мурғу моҳии азин дард шаб наме хусбанд

چو مرغ و ماهی ازین درد شب نمی‌خسبند

Ту ҳам мхсб ки ин дардро туе ба сазо

تو هم مخسب که این درد را تویی به سزا

На мурғакӣаст ки шаби хештан дар овезад

نه مرغکی است که شب خویشتن در آویزد

Чунон дар дам назанад соъатии зи бонгу наво

چنان در دم نزند ساعتی ز بانگ و نوا

Чу зор нола кунад ҷумлаи шаб аз сари дард

چو زار ناله کند جمله شب از سر درد

Ҳазор дарди биафзоядаш ба буии даво

هزار درد بیفزایدش به بوی دوا

Ба субҳ аз сари минқори қатраи хунаш

به صبح از سر منقار قطرهٔ خونش

Фурӯ чакад ки барояд з на фалаки ғавғо

فرو چکد که برآید ز نه فلک غوغا

Агарчӣ навҳа кунад навҳагар басии он ба

اگرچه نوحه کند نوحه‌گر بسی آن به

Ки навҳаи модари фарзанд кушта кард адо

که نوحه مادر فرزند کشته کرد ادا

Агар ту мотами он дард доштӣ ҳаргиз

اگر تو ماتم آن درد داشتی هرگز

Пас ин суханро ту роҳбари шӯ эй доно

پس این سخن را تو راهبر شو ای دانا

Вагарна аз гуҳару лаъл то ба сангу суфол

وگرنه از گهر و لعل تا به سنگ و سفال

Тафовутӣ накунад пеши чашми нобӣно

تفاوتی نکند پیش چشم نابینا

Чу рӯзи равшани хафоаш дар шаб тира аст

چو روز روشن خفاش در شب تیره است

зи рӯзи кӯрии худ шаб равад зи бими зё

ز روز کوری خود شب رود ز بیم ضیا

Касе ки чашмаи хуршедро надорад чашм

کسی که چشمهٔ خورشید را ندارد چشم

Ҷаҳон ҳар оина машғӯл дорадаш ба сҳо

جهان هر آینه مشغول داردش به سها

Нафас мазан нафасӣ ва хамӯш эй аттор

نفس مزن نفسی و خموش ای عطار

Ки беш як нафасӣ нест умри ту ӣнҷо

که بیش یک نفسی نیست عمر تو اینجا

Агар дамӣ ба хамӯшӣ туро муяссар шуд

اگر دمی به خموشی تو را میسر شد

Зъмри қисми ту онаст рӯзи арзи ҷазо

زعمر قسم تو آن است روز عرض جزا

Вагар бимирӣ аз ин зиндагӣ бе ҳосил

وگر بمیری از این زندگی بی حاصل

Ба умр хеш намирӣ аз он сипас ҳқо

به عمر خویش نمیری از آن سپس حقا

Ба шеъри хотири атторро дам исо аст

به شعر خاطر عطار را دم عیسی است

Аз онкӣ ҳаст чу мўсиши сад яди Байзо

از آنکه هست چو موسیش صد ید بیضا

Гарм чу сӯсани озодаи даҳ забони хуоне

گرم چو سوسن آزاده ده زبان خوانی

з на сипеҳр бар ояд садо ки сдқно

ز نه سپهر بر آید صدا که صدقنا

зи даври одам то ин замон наёфт касе

ز دور آدم تا این زمان نیافت کسی

Назири ин гуҳари андари хазонаи шуъаро

نظیر این گهر اندر خزانهٔ شعرا

Бузургвори худоёи марои мсўз ки ман

بزرگوار خدایا مرا مسوز که من

Дар иштиёқ дарат пухтаам басии савдо

در اشتیاق درت پخته‌ام بسی سودا

Гуноҳ кардааму зер парда дошта ам

گناه کرده‌ام و زیر پرده داشته‌ام

Ту ҳам ба парда фазлат бапуш рӯзи лақо

تو هم به پردهٔ فضلت بپوش روز لقا

зи остони ту сад шер чун тавонад кард

ز آستان تو صد شیر چون تواند کرد

Ба санг чун саги асҳоби Каҳфи даври маро

به سنگ چون سگ اصحاب کهف دور مرا

Забон ки аз паии зикри туам ҳаме боист

زبان که از پی ذکر توام همی بایست

Ба шеъри биҳдаҳи Фрсўд чун забон даро

به شعر بیهده فرسود چون زبان درا

Ҳар ончӣ ҳаст зи назмами ҳбоء мансур аст

هر آنچه هست ز نظمم هباء منثور است

Марои зи маликати ҳби лии халоси даҳ зи ҳбо

مرا ز ملکت هب لی خلاص ده ز هبا

зи даргаат ба машоми дилами расон ба карам

ز درگهت به مشام دلم رسان به کرم

Ба дасти пайки сабо ҳар саҳари насими ризо

به دست پیک صبا هر سحر نسیم رضا

Дар он замон бар хешами расон ки ме гӯям

در آن زمان بر خویشم رسان که می‌گویم

Миёни саҷда ки субҳони рабии алоълӣ

میان سجده که سبحان ربی الاعلی