Пери мо бор дигар рӯй ба хумори ниҳод
پیر ما بار دگر روی به خمار نهاد
Хат ба дайни барзаду сар бар хати куффори ниҳод
خط به دین برزد و سر بر خط کفار نهاد
Хирқа оташ зад ва дар ҳалқаи дайн бар сари ҷамъ
خرقه آتش زد و در حلقهٔ دین بر سر جمع
Хирқаи сӯхта дар ҳалқаи зуннори ниҳод
خرقهٔ سوخته در حلقهٔ زنار نهاد
Дар бен дайри Муғон дар бар муштии авбош
در بن دیر مغان در بر مشتی اوباش
Сари фурӯи бараду сари андари паии ин кори ниҳод
سر فرو برد و سر اندر پی این کار نهاد
Дард хумор банушеду дил аз даст бидод
درد خمار بنوشید و دل از دست بداد
Май хурони наъраи занон рӯй ба бозори ниҳод
میخوران نعرهزنان روی به بازار نهاد
Гуфтам эй пер чаҳ буд ин ки ту кардӣ охир
گفتم ای پیر چه بود این که تو کردی آخر
Гуфт кини доғи маро бар дилу ҷони ёри ниҳод
گفت کین داغ مرا بر دل و جان یار نهاد
Ман чаҳ кардам чу чунин хости чунин бояд буд
من چه کردم چو چنین خواست چنین باید بود
Гулам онаст ки ӯ дар раҳи ман хори ниҳод
گلم آن است که او در ره من خار نهاد
Боз гуфтам ки аноолҳқ задае сар дар боз
باز گفتم که اناالحق زدهای سر در باز
Гуфт оре задаам рӯй сӯии дори ниҳод
گفت آری زدهام روی سوی دار نهاد
Дил чу бишнохт ки аттори дарин роҳ бсухт
دل چو بشناخت که عطار درین راه بسوخت
Аз паии пери қадам дар паии аттори ниҳод
از پی پیر قدم در پی عطار نهاد