Ишқи ту ба сина тохтани барад

عشق تو به سینه تاختن برد

Ворому қарори ман зи ман барад

وآرام و قرار من ز من برد

Тан чанд занам ки чашми мастат

تن چند زنم که چشم مستت

Ҷонӣ ки надоштам зи тани барад

جانی که نداشتم ز تن برد

Сад гӯнаи қарор аз дили ман

صد گونه قرار از دل من

Зулфат ба тилисми пуршикани барад

زلفت به طلسم پرشکن برد

Ишқ ту намӯд дастбурдӣ

عشق تو نمود دستبردی

Мардӣу зании зи марду зани барад

مردی و زنی ز مرد و زن برد

Бо чашми ту ақли хештан ро

با چشم تو عقل خویشتن را

Бе хештании зи хештани барад

بی خویشتنی ز خویشتن برد

Исои лаби рӯҳи бахш ту дид

عیسی لب روح‌بخش تو دید

Дар ҳол хараш шуду расани барад

در حال خرش شد و رسن برد

Хизри оби ҳаёт кӣ тавонист

خضر آب حیات کی توانست

Бе ёди лаби ту дар даҳани барад

بی‌یاد لب تو در دهن برد

Ҷамшеди куҷои ҷаҳони намое

جمشید کجا جهان‌نمایی

Бе акси рахт ба ҷоми занни барад

بی عکس رخت به جام ظن برد

Симурғи зи бими доми зулфат

سیمرغ ز بیم دام زلفت

Бигурехт ва ба қоф тохтани барад

بگریخت و به قاف تاختن برد

Гуфтанд батон ки чеҳраи мо

گفتند بتان که چهرهٔ ما

Қадари гулу равнақи самани барад

قدر گل و رونق سمن برد

ДртоФти ситораи рухи ту

درتافت ستارهٔ رخ تو

Воби ҳама аз чаҳ зқни барад

وآب همه از چه ذقن برد

Аттор чу шарҳи он зқн дод

عطار چو شرح آن ذقن داد

Гӯй аз ҳамаи каси бад-ӣни сухани барад

گوی از همه کس بدین سخن برد

Хониш
ғзл шморҳ 192 — ъндлӣб