Ҷон дар мақоми ишқ ба ҷонон наме расад
جان در مقام عشق به جانان نمیرسد
Дил дар балои дард ба дармон наме расад
دل در بلای درد به درمان نمیرسد
Дармони дили висол ва ҷамоласт ва ин ду чиз
درمان دل وصال و جمال است و این دو چیز
Душвор май намояд ва осон наме расад
دشوار مینماید و آسان نمیرسد
Завқӣ ки ҳаст ҷумла дар он ҳазратаст нақд
ذوقی که هست جمله در آن حضرت است نقد
Вази сад яке ба олам ирфон наме расад
وز صد یکی به عالم عرفان نمیرسد
Ваз ҳарчӣ нақди олам ирфонаст аз ҳазор
وز هرچه نقدِ عالمِ عرفانست ، از هزار
Ҷузвӣ ба кули гунбад гардон наме расад
جزوی به کل گنبد گردان نمیرسد
Вази сад ҳазор чиз ки бар чарх ме равад
وز صد هزار چیز که بر چرخ میرود
Сад як ба сӯии ҷавҳар инсон наме расад
صد یک به سوی جوهر انسان نمیرسد
Ваз ҳарчӣ ёфт ҷавҳари инсони зи шавқу завқ
وز هرچه یافت جوهر انسان ز شوق و ذوق
Бӯе ба ҷинси ҷумла ҳайвон наме расад
بویی به جنس جملهٔ حیوان نمیرسد
Мақсӯди онкӣ аз май соқии ҳазраташ
مقصود آنکه از می ساقی حضرتش
Як қатраи дарди дард ба ду ҷаҳон наме расад
یک قطره درد درد به دو جهان نمیرسد
Чандини ҳиҷоб дар раҳи ту худ аҷаби мадор
چندین حجاب در ره تو خود عجب مدار
Гар ҷони ту ба ҳазрат ҷонон наме расад
گر جان تو به حضرت جانان نمیرسد
Ҷонон чу ганҷи зери тилисми ҷаҳони ниҳод
جانان چو گنج زیر طلسم جهان نهاد
Ганҷӣ ки ҳеҷ кас ба сар он наме расад
گنجی که هیچ کس به سر آن نمیرسد
Зон меки медиҳанд аз он ҳасани қисми ту
زان می که میدهند از آن حسن قسم تو
Ҷузи дард вопас омад эшон наме расад
جز درد واپس آمد ایشان نمیرسد
Ту қонеъӣ ба лиззати ҷисмӣ чу гову хар
تو قانعی به لذت جسمی چو گاو و خر
Чун дасти ту ба маърифат ҷон наме расад
چون دست تو به معرفت جان نمیرسد
То кӣ чу карами пелаи тании гирди хештан
تا کی چو کرم پیله تنی گرد خویشتن
Бар худ матн ки худ ба ту чандон наме расад
بر خود متن که خود به تو چندان نمیرسد
Худро қадами қадам ба мақом бар парон
خود را قدم قدم به مقامات بر پران
Чандон парон ки рухсат имкон наме расад
چندان پران که رخصت امکان نمیرسد
Зеро ки мард роҳ нагирад ба ҳеҷ рӯй
زیرا که مرد راه نگیرد به هیچ روی
Икдми қарор то ки ба пишон наме расад
یکدم قرار تا که به پیشان نمیرسد
Чандини ҳазор ҳоҷибу дарбон ки дар раҳанд
چندین هزار حاجب و دربان که در رهند
Шояд агар касе бар султон наме расад
شاید اگر کسی بر سلطان نمیرسد
Дар роҳ ӯ расед қадамҳои соликон
در راه او رسید قدمهای سالکان
Венаи роҳ бекарона ба поён наме расад
وین راه بیکرانه به پایان نمیرسد
Поён надид каси зи биёбони ишқ аз онк
پایان ندید کس ز بیابان عشق از آنک
Ҳаргизи дилӣ ба пой биёбон наме расад
هرگز دلی به پای بیابان نمیرسد
Чандон ба буии васл ки дар худ сафар кунад
چندان به بوی وصل که در خود سفر کند
Атторро ба ҷузи ғам ҳиҷрон наме расад
عطار را به جز غم هجران نمیرسد