Дар сифати ишқи ту шарҳ ва баён наме расад

در صفت عشق تو ، شرح و بیان نی رسد

Ишқи ту худ олӣаст ақл дар он наме расад

عشق تو ، خود عالمی ست ، عقل در آن نی‌ رسد

Ончӣ ки аз ишқи ту мӯътакифи ҷони мост

آنچه که از عشق تو معتکف جان ماست

Гарчи бигӯям басии сӯй забон наме расад

گرچه بگویم بسی ، سوی زبان نی‌ رسد

Ҷон чу зи майдони ишқи гӯии висоли ту барад

جان چو ز میدان عشق گوی وصال تو برد

Тохтанӣ ду кун дар пай ҷон наме расад

تاختنیِّ دو کُون ، در پیِ جان نی‌ رسد

Гарчи нишона басӣаст лек дарозаст роҳ

گرچه نشانه بسی است لیک دراز است راه

Сӯии ту бе нури ту кас ба нишон наме расад

سویِ تو بی نورِ تو ،  کس به نشان نی‌ رسد

Ошиқи дили хастаро то нарасад ҳарчӣ ҳаст

عاشق دل خسته را تا نرسد هرچه هست

Дар асари дарди ту ҳар ду ҷаҳон наме расад

در اثر درد تو ، هر دو جهان نی‌ رسد

Бодияи ишқи ту бодия Эйаст бе карон

بادیهٔ عشق تو بادیه‌ای است بی‌کران

Пас ба чунин бодияи кас ба карон наме расад

پس به چنین بادیه  کس به کران نی‌ رسد

Сӯии ту атторро мӯии кашони баради ишқ

سوی تو عطار را موی‌کشان برد عشق

Бе хабарии сӯии ту мӯӣ кашон наме расад

بی خبری سوی تو ، موی کشان نی‌ رسد

Хониш
ғзл шморҳ 240 — ъндлӣб