Нур рӯй туро назар накушуд

نور روی تو را نظر نکشد

Сӯзи ишқи туро ҷигар накушуд

سوز عشق تو را جگر نکشد

Боди хоки сиёҳ бар сари онк

باد خاک سیاه بر سر آنک

Хоки кӯии ту дар басар накушуд

خاک کوی تو در بصر نکشد

Оташи ишқи бедилони ту ро

آتش عشق بیدلان تو را

Ҳафт оташи гуҳ сқр накушуд

هفت آتش گه سقر نکشد

Аз дарозӣу даврии роҳат

از درازی و دوری راهت

Ҳеҷ каси роҳи ту ба сар накушуд

هیچ کس راه تو به سر نکشد

Ки раҳати ҷуз ба қадару қӯти мо

که رهت جز به قدر و قوت ما

Қадари як гом бештар накушуд

قدر یک گام بیشتر نکشد

Дард ҳар кас ба қадар тоқат ӯст

درد هر کس به قدر طاقت اوست

Кончаҳ исо кашид хар накушуд

کانچه عیسی کشید خر نکشد

Кӯҳи андӯҳу бори меҳнати ту

کوه اندوه و بار محنت تو

Чун кашад дил ки баҳр ва бар накушуд

چون کشد دل که بحر و بر نکشد

Худ аҷаб набӯд онкӣ аз раҳи аҷз

خود عجب نبود آنکه از ره عجز

Пашшае пелро ба бар накушуд

پشه‌ای پیل را به بر نکشد

Бо камони фалак ба ҳеҷ сиблат

با کمان فلک به هیچ سبیل

Бозуии ҳеҷ пашша дар накушуд

بازوی هیچ پشه در نکشد

Ҳечкас ишқ чун ту маъшӯқӣ

هیچکس عشق چون تو معشوقی

Ба тарозуии ақл бар накушуд

به ترازوی عقل بر نکشد

Чун кашад кӯҳ бениҳоят ро

چون کشد کوه بی نهایت را

Он тарозу ки беш зар накушуд

آن ترازو که بیش زر نکشد

Вазни ишқи ту ақл кӣ донад

وزن عشق تو عقل کی داند

Ишқи ту ақл мухтасар накушуд

عشق تو عقل مختصر نکشد

Ишқат аз дайрҳо нагардад боз

عشقت از دیرها نگردد باز

То ки абдолро бадар накушуд

تا که ابدال را بدر نکشد

Дили аттор дар ғами ту чунон аст

دل عطار در غم تو چنان است

Ки ғами дигарон дигар накушуд

که غم دیگران دگر نکشد

Хониш
ғзл шморҳ 270 — ъндлӣб