Чун лабаши дарҷи гуҳар боз кунад

چون لبش درج گهر باز کند

Ақлро ҳомила роз кунад

عقل را حاملهٔ راز کند

Ёрб аз ишқи шукри ханда ӯ

یارب از عشق شکر خندهٔ او

Тӯтии рӯҳ чаҳ парвоз кунад

طوطی روح چه پرواز کند

Ҳеҷ кас Зуҳра надорад ки дамӣ

هیچ کس زهره ندارد که دمی

Сифати он лаб дмсоз кунад

صفت آن لب دمساز کند

Тирборони ҳамаи шодии дил

تیرباران همهٔ شادی دل

Ғами он ғамза ғаммоз кунад

غم آن غمزهٔ غماز کند

Рости кони тарки причҳраҳ чу субҳ

راست کان ترک پریچهره چو صبح

Зулфи шбрнги зи рух боз кунад

زلف شبرنگ ز رخ باز کند

Натавон гуфт ки ҳиндӯии басар

نتوان گفت که هندوی بصر

Аз чаҳ зангии дил оғоз кунад

از چه زنگی دل آغاز کند

Ноз ӯ чун хушам ояд накунад

ناز او چون خوشم آید نکند

Вар кунад ноз ба сад ноз кунад

ور کند ناز به صد ناز کند

Моҳи рӯят чу зи рухи дртобд

ماه رویت چو ز رخ درتابد

Зарраро бо фалак анбоз кунад

ذره را با فلک انباز کند

Ҳамаи зарроти ҷаҳонро рухи ту

همه ذرات جهان را رخ تو

Ҳамчуи хуршед сарафроз кунад

همچو خورشید سرافراز کند

Ваа ки девонагии ишқи ту ро

وه که دیوانگی عشق تو را

Ақли пари ҳила чаҳ эъзоз кунад

عقل پر حیله چه اعزاز کند

Моҳ дар диқу варами мондау боз

ماه در دق و ورم مانده و باز

Бар умеди ту так ва тоз кунад

بر امید تو تک و تاز کند

Гуфта будӣ ки бирав вар нарӯй

گفته بودی که برو ور نروی

Зулфи ман куштани ту соз кунад

زلف من کشتن تو ساز کند

Сар напечам агар аз ҳар сари мӯӣ

سر نپیچم اگر از هر سر موی

Сари зулфи ту срондоз кунад

سر زلف تو سرانداز کند

Ба сухан гарчи манам исои дам

به سخن گرچه منم عیسی دم

Ҷазаъи ту даъвӣ эҷоз кунад

جزع تو دعوی ایجاز کند

Анбари зулфи ту атторам кард

عنبر زلف تو عطارم کرد

Вотлс рӯй ту бзоз кунад

واطلس روی تو بزاز کند

Хониш
ғзл шморҳ 302 — ъндлӣб