Дили зи миёни ҷону дили қасд ҳавоат ме кунад
دل ز میان جان و دل قصد هوات میکند
Ҷон ба умеди васли ту азм вафот ме кунад
جان به امید وصل تو عزم وفات میکند
Гарчи надид ҷону дил аз ту вафо ба ҳеҷ рӯй
گرچه ندید جان و دل از تو وفا به هیچ روی
Бар сари сад ҳазор ғами ёд ҷеффот ме кунад
بر سر صد هزار غم یاد جفات میکند
наменакунад ба сад қирони тарки кулоҳи дори чарх
مینکند به صد قران ترک کلاهدار چرخ
Ончии миёни ошиқони банд қабоат ме кунад
آنچه میان عاشقان بند قبات میکند
Хусрави як савораро бар рухи нтъи нилгун
خسرو یک سواره را بر رخ نطع نیلگون
Лаъли ту тарҳ май наад рӯй ту мот ме кунад
لعل تو طرح مینهد روی تو مات میکند
Ҷону дилам ба дилбарии зеру зибр ҳаме кунӣ
جان و دلم به دلبری زیر و زبر همی کنی
Вена ту намекунӣ бетаи зулф дўтот ме кунад
وین تو نمیکنی بتا زلف دوتات میکند
Худ ту чаҳ офатӣ ки чарх аз паии гӯшмоли ман
خود تو چه آفتی که چرخ از پی گوشمال من
Ҳар нафасӣ ба доварӣ бар сар мот ме кунад
هر نفسی به داوری بر سر مات میکند
Гарчи Фарид , аз ҷафо менакунад сазои ту
گرچه فرید، از جفا مینکند سزای تو
Хати ту худ ба дасти худ бо ту сазоат ме кунад
خط تو خود به دست خود با تو سزات میکند