Ишқи ту ба ҷон дареғам ояд
عشق تو به جان دریغم آید
Науммат ба забон дареғам ояд
نامت به زبان دریغم آید
Васфи сари зулфи пари тилисмат
وصف سر زلف پر طلسمت
Аз шарҳу баён дареғам ояд
از شرح و بیان دریغم آید
Аз зулфи ту саракашони раҳ ро
از زلف تو سرکشان ره را
Як мӯии нишон дареғам ояд
یک موی نشان دریغم آید
Ман мӯии миёни нгўимт зонк
من مویمیان نگویمت زانک
Ин васф бидон дареғам ояд
این وصف بدان دریغم آید
Ҳар чанд миёни ту чу мӯе аст
هر چند میان تو چو مویی است
Мӯе ба миён дареғам ояд
مویی به میان دریغم آید
Дил май хоҳӣ ва ман ним онк
دل میخواهی و من نیم آنک
Ҳаргизи зи ту ҷон дареғам ояд
هرگز ز تو جان دریغم آید
Як зарраи хаёли чеҳраи ту
یک ذره خیال چهرهٔ تو
Аз ҳар ду ҷаҳон дареғам ояд
از هر دو جهان دریغم آید
Неи не ки зи рух ниқоб бурдор
نی نی که ز رخ نقاب بردار
Кон рӯй ниҳон дареғам ояд
کان روی نهان دریغم آید
Аттор чун аз ту шуд сабки дил
عطار چون از تو شد سبک دل
Дар банди гарон дареғам ояд
در بند گران دریغم آید