Ишқи ту марои ситади зи ман боз

عشق تو مرا ستد ز من باز

ВоФгнди марои зи ҷону тани боз

وافگند مرا ز جان و تن باز

То хос худам гирифт куллӣ

تا خاص خودم گرفت کلی

наменагузорад маро ба ман боз

می‌نگذارد مرا به من باز

Бигирифт марои чунон ки мӯе

بگرفت مرا چنان که مویی

Натавон омад ба хештани боз

نتوان آمد به خویشتن باز

Он ҷома ки аз ту ҷон мо ёфт

آن جامه که از تو جان ما یافت

наменатавон кард аз шикани боз

می نتوان کرد از شکن باز

Рӯзии з шикан кунанд бозаш

روزی ز شکن کنند بازش

Каз чеҳра мо шавад кафани боз

کز چهرهٔ ما شود کفن باز

Кӣ дар ту расад касе ки ҷовид

کی در تو رسد کسی که جاوید

Дар роҳ ту монад марду зани боз

در راه تو ماند مرد و زن باز

Чун дар ту наме тавон расӣдан

چون در تو نمی‌توان رسیدن

Навмед наме тавон шудани боз

نومید نمی‌توان شدن باز

Дарди ту расида тамом аст

درد تو رسیدهٔ تمام است

Ман бе ту даридаи перҳани боз

من بی تو دریده پیرهن باز

Чун лофи висоли ту май занами ман

چون لاف وصال تو می‌زنم من

Чун парда кунам азин сухани боз

چون پرده کنم ازین سخن باز

Чун медонам ки рӯзи охир

چون می‌دانم که روز آخر

Ҳасрат монад зи ман ба тани боз

حسرت ماند ز من به تن باز

Аз қурби ту кони втнгҳм буд

از قرب تو کان وطنگهم بود

Дили мондаи зи нафаси роҳзани боз

دل مانده ز نفس راهزن باز

Аттор аз он ватан фитода аст

عطار از آن وطن فتاده است

ӯро бирасон бидон ватани боз

او را برسان بدان وطن باز

Хониш
ғзл шморҳ 405 — ъндлӣб