Бечораи дилам ки наргиси масташ

بیچاره دلم که نرگس مستش

Сад тавба ба як киришма бишикасташ

صد توبه به یک کرشمه بشکستش

Аз шавқи Рахш чу маст шуд чашмаш

از شوق رخش چو مست شد چشمش

Аз ман чаҳ аҷаб агар шавам масташ

از من چه عجب اگر شوم مستش

Дасти овезии шигарф май байнам

دست‌آویزی شگرف می‌بینم

Ҳафтод ва ду фирқаро хами шасташ

هفتاد و دو فرقه را خم شستش

Хуршед ки дасти барад дар хӯбӣ

خورشید که دست برد در خوبی

Натавонади рехти об бар дасташ

نتواند ریخت آب بر دستش

Чун моҳ ки Рахш ҳасан ме тозад

چون ماه که رخش حسن می‌تازد

Сад ғошияи каш ба дилбарии ҳсш

صد غاشیه‌کش به دلبری هستش

Сад ҷон бояд ба ҳар дамам то ман

صد جان باید به هر دمم تا من

Бар фарқ кунам нисори пайвасташ

بر فرق کنم نثار پیوستش

Ҷонои дили ман ки мурғ дом туаст

جانا دل من که مرغ دام توست

Аз доми ту даст кӣ диҳад ҷусташ

از دام تو دست کی دهد جستش

Ақлӣ ки гиреҳи гушой халқ омад

عقلی که گره‌گشای خلق آمد

Савдои рухи ту рахт барбасташ

سودای رخ تو رخت بربستش

Аттор ба тӯҳфа гар фиристад ҷон

عطار به تحفه گر فرستد جان

Фарёд ҳаме кунад ки мФрстш

فریاد همی کند که مفرستش

Хониш
ғзл шморҳ 424 — ъндлӣб