Фитнаи зулфи дилрабои туам

فتنهٔ زلف دلربای توام

Ташнаи ҷоми ҷонФзои туам

تشنهٔ جام جانفزای توام

Нест чун зулфи ту сари хешам

نیست چون زلف تو سر خویشم

Гарчи чун зулф дар қафои туам

گرچه چون زلف در قفای توام

Ҷузи ҳавоӣ туам наме созад

جز هوای توام نمی‌سازد

Зонка парвардаи ҳавои туам

زانکه پروردهٔ هوای توام

Гар ғуборӣаст аз миннат зон аст

گر غباری است از منت زآن است

Ки ман хастаи хоки пои туам

که من خسته خاک پای توام

То канорами зи ашк дарё шуд

تا کنارم ز اشک دریا شد

Нест кории ҷузи ошнои туам

نیست کاری جز آشنای توام

Чун ба сад ваҷҳи ту балои манӣ

چون به صد وجه تو بلای منی

Ман ба сад дарди мубталои туам

من به صد درد مبتلای توام

Аз ҳамаи фориғам ки дар ду ҷаҳон

از همه فارغم که در دو جهان

наменаёяд ба ҷузи ризои туам

می نیاید به جز رضای توام

Бас буд аз ду олами ин маликам

بس بود از دو عالم این ملکم

Ки ту онӣ ки ман гадои туам

که تو آنی که من گدای توام

Аз вуҷӯди Фарид сайр шудам

از وجود فرید سیر شدم

Гумшуда дар адам барои туам

گمشده در عدم برای توام

Хониш
ғзл шморҳ 464 — ъндлӣб